डूंगला उपखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुँचाने के उद्देश्य से 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में राजस्व विभाग सहित कुल 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित होकर ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने बताया कि इन शिविरों का आयोजन ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर किया जा रहा है, जहाँ राजस्व, पंचायत राज, ग्रामीण विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम, सहकारिता, परिवहन जैसे विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन शिविरों में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, जाति, मूल निवास एवं आय प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास योजनाओं, पेयजल, बिजली, सड़क सहित अन्य विभागीय समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और गाँव स्तर पर ही त्वरित तथा पारदर्शी सेवाएँ मिल सकें। अधिकतम प्रकरणों का निस्तारण उसी दिन करने का प्रयास रहेगा, जबकि शेष मामलों का समयबद्ध निराकरण संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 जून को पालोद में शिविर आयोजित हुआ। इसके बाद 15 जून को अरनेड, किशनकरी; 16 जून को बिलोदा; 18 जून को लोठियाना; 19 जून को ईडरा; 22 जून को मंगलवाड़; 23 जून को चिकारड़ा एवं समेलिया पीला खेड़ा; 24 जून को बड़वई; 25 जून को नौगांवा; 29 जून को फलोदड़ा; 30 जून को आलोद; 1 जुलाई को संगेसरा; 2 जुलाई को नेगड़िया एवं नंगावली; 3 जुलाई को देवलास; 6 जुलाई को करसाना; 7 जुलाई को नाड़ाखेड़ा; 8 जुलाई को बिलोट एवं भाटोली गुजरान; 9 जुलाई को मोरवन; 10 जुलाई को पिराना; 13 जुलाई को भाटोली बागरियांन; 14 जुलाई को रावतपुरा तथा 15 जुलाई को डूंगला ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। पालोद में आयोजित शिविर के दौरान आठ व्यक्तिगत शौचालय के नाम जोड़े गए, एक कचरा संग्रहण केंद्र के लिए जमीन आरक्षित की गई। राजस्व विभाग के 11, कृषि विभाग के 10 सिंचाई पाइपलाइन और 7 कृषि यंत्र के आवेदन, ऊर्जा विभाग के 7 प्रकरण, पालनहार के 7 आवेदन, कालीबाई भील महिला संभल के 62 प्रकरणों का सत्यापन किया गया। चिकित्सा विभाग द्वारा 147 लोगों की जाँच की गई, खाद्य सुरक्षा के 4 आवेदन प्राप्त हुए, आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 48 लोगों को औषधि वितरित की गई, परिवहन विभाग से 20 रोडवेज पास बनाए गए, पीएम किसान सम्मान निधि के 45 लाभार्थियों का सत्यापन किया गया और सड़क मरम्मत के 3 प्रस्ताव भी लिए गए। इस मौके पर उपखंड अधिकारी सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने उपखंड क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी ग्राम पंचायत में निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुँचकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएँ और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें। उन्होंने जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
डूंगला उपखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुँचाने के उद्देश्य से 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में राजस्व विभाग सहित कुल 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित होकर ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने बताया कि इन शिविरों का आयोजन ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर किया जा रहा है, जहाँ राजस्व, पंचायत राज, ग्रामीण विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम, सहकारिता, परिवहन जैसे विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन शिविरों में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, जाति, मूल निवास एवं आय प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास योजनाओं, पेयजल, बिजली, सड़क सहित अन्य विभागीय समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न
लगाने पड़ें और गाँव स्तर पर ही त्वरित तथा पारदर्शी सेवाएँ मिल सकें। अधिकतम प्रकरणों का निस्तारण उसी दिन करने का प्रयास रहेगा, जबकि शेष मामलों का समयबद्ध निराकरण संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 जून को पालोद में शिविर आयोजित हुआ। इसके बाद 15 जून को अरनेड, किशनकरी; 16 जून को बिलोदा; 18 जून को लोठियाना; 19 जून को ईडरा; 22 जून को मंगलवाड़; 23 जून को चिकारड़ा एवं समेलिया पीला खेड़ा; 24 जून को बड़वई; 25 जून को नौगांवा; 29 जून को फलोदड़ा; 30 जून को आलोद; 1 जुलाई को संगेसरा; 2 जुलाई को नेगड़िया एवं नंगावली; 3 जुलाई को देवलास; 6 जुलाई को करसाना; 7 जुलाई को नाड़ाखेड़ा; 8 जुलाई को बिलोट एवं भाटोली गुजरान; 9 जुलाई को मोरवन; 10 जुलाई को पिराना; 13 जुलाई को भाटोली बागरियांन; 14 जुलाई को रावतपुरा तथा 15 जुलाई को डूंगला ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। पालोद में आयोजित शिविर के दौरान आठ व्यक्तिगत शौचालय के नाम जोड़े गए, एक कचरा संग्रहण केंद्र के लिए जमीन आरक्षित की गई।
राजस्व विभाग के 11, कृषि विभाग के 10 सिंचाई पाइपलाइन और 7 कृषि यंत्र के आवेदन, ऊर्जा विभाग के 7 प्रकरण, पालनहार के 7 आवेदन, कालीबाई भील महिला संभल के 62 प्रकरणों का सत्यापन किया गया। चिकित्सा विभाग द्वारा 147 लोगों की जाँच की गई, खाद्य सुरक्षा के 4 आवेदन प्राप्त हुए, आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 48 लोगों को औषधि वितरित की गई, परिवहन विभाग से 20 रोडवेज पास बनाए गए, पीएम किसान सम्मान निधि के 45 लाभार्थियों का सत्यापन किया गया और सड़क मरम्मत के 3 प्रस्ताव भी लिए गए। इस मौके पर उपखंड अधिकारी सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने उपखंड क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी ग्राम पंचायत में निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुँचकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएँ और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें। उन्होंने जोर दिया कि इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
- उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार शाम वल्लभनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोटिपा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। कलक्टर अग्रवाल ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों की स्टाॅल्स पर पहुँचकर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली और आमजन से प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य राज्य सरकार की मंशा के अनुसार आमजन के राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का हाथों हाथ समाधान कर उन्हें राहत पहुँचाना है। जिला कलक्टर ने इस दौरान आमजन से सीधा संवाद भी किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।1
- बड़ी सदड़ी में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में क्वेंच स्टूडियो में फंसे लोगों की शिकायतें सामने आई हैं। यहां रेलवे ट्रैक पर स्टोन स्टोन स्टॉकहोम का विरोध भी किया जा रहा है। इस संबंध में, एक ग्रामीण महिला ने रेलवे अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि यह अवशेष तुरंत नहीं हटाया गया, तो गांव के लोग, बकरियां और गाय के बच्चे रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महिला ने रेलवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लेबल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा दशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, महिला ने ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों से नारियल के गोले को भी तुरंत हटाने की अपील की है।1
- महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर भूपालसागर में आगामी 17 जून 2026, बुधवार (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया) को 'एक शाम महाराणा प्रताप के नाम' एक विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। महाराणा प्रताप सेवा संस्थान और सर्व हिन्दू समाज, भूपालसागर के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी हैं। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के गौरव और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप की स्मृति में होने वाली इस भजन संध्या को अभूतपूर्व बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस सांस्कृतिक और भक्तिमयी संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह जी रावणा होंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और सुरीले भजनों से महाराणा प्रताप की वीरता, त्याग और स्वाभिमान की गाथाओं को जीवंत करेंगे। कार्यक्रम में सनातन धर्म के प्रख्यात संतों का पावन सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिनमें पूज्य संत श्री जी 1008 श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज (सूरज कुण्ड धाम, कुम्भलगढ़), पूज्य श्री श्री 1008 दिगम्बर खुशाल भारती जी महाराज (महंत सोमेश्वर महादेव सिद्ध धूणा, कपासन) और पूज्य संत श्री 1008 श्री चेतनदास जी महाराज (उत्तराधिकारी महंत, कुराबड़) प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह आयोजन भूपालसागर स्थित महाराणा प्रताप चौराया पर शाम 7:00 बजे से शुरू होकर प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। इस भव्य आयोजन को लेकर क्षेत्र के युवाओं और धर्मप्रेमी जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह और संस्थान के पदाधिकारियों ने सर्व हिन्दू समाज तथा सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अपील की है कि वे इस गौरवमयी आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप को अपनी भावांजलि अर्पित करें।1
- वीरता, शौर्य, स्वाभिमान एवं त्याग के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में एक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वावधान में तथा पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में यह कार्यक्रम बुधवार 17 जून को प्रातः 9:30 बजे जिला कलेक्टर निवास के सामने प्रताप सर्किल स्थित शहीद स्मारक पर सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। सभी ने उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर, पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की एक अमिट गाथा है। उन्होंने जोर दिया कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया, और उनका जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बना हुआ है।1
- चित्तौड़गढ़ की पुण्य एवं वीरभूमि पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आदरणीय विधायक महोदय, वरिष्ठजन, युवा साथियों, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने बच्चों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके महान आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप को केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया। उनकी जयंती पर यह संदेश दिया गया कि महाराणा प्रताप ने सम्पूर्ण विश्व को सिखाया कि परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों, अपने स्वाभिमान, संस्कृति और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्हें "घास की रोटी खाकर भी जिसने स्वाभिमान बचाया था, मातृभूमि की रक्षा हेतु जिसने जीवन भर संघर्ष निभाया था" कहकर स्मरण किया गया, यह दोहराते हुए कि उनका जीवन इतिहास नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसने वाली राष्ट्रभक्ति की चेतना और प्रेरणा है। इस अवसर पर, आयुष हॉस्पिटल (NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल), चित्तौड़गढ़, और डॉ. सी. पी. पटेल ने सभी नागरिकों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने महाराणा प्रताप के आत्मबल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में नित्य योग, आयुर्वेदिक दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। हॉस्पिटल ने बताया कि योग शरीर, मन और आत्मा को सशक्त बनाता है, जबकि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद हमारी हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का आधार है। भारतीय संस्कृति को केवल जीवन जीना सिखाने वाली नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित, अनुशासित और सम्मानपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य विरासत बताया गया। विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया गया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता की प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। यह भी बल दिया गया कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। इस पावन अवसर पर, "जो अपनी संस्कृति का मान रखे, वही सच्चा वीर कहलाता है, योग, आयुर्वेद और राष्ट्रप्रेम से ही भारत विश्वगुरु बन पाता है" के संकल्प को दोहराया गया। सभी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और एक स्वस्थ, स्वाभिमानी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का प्रण लिया, इस विश्वास के साथ कि जब तक सूर्य चंद्र रहेगा, मेवाड़ का गौरव अमर रहेगा।4
- सोशल मीडिया पर दोस्ती के नाम पर एक खतरनाक जालसाजी का खेल सामने आया है, जिसमें पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती की जाती है, फिर मिलने का बुलावा दिया जाता है। इसके बाद झूठे आरोपों का डर दिखाकर पीड़ितों पर दबाव बनाया जाता है और अंत में उनसे फिरौती वसूली जाती है। यह चेतावनी दी गई है कि सोशल मीडिया पर हर मुस्कुराता चेहरा और मीठी बातें करने वाला व्यक्ति भरोसे के लायक नहीं होता, क्योंकि कुछ लोग दोस्ती का जाल बिछाकर लोगों को फंसाते हैं और उनसे धन उगाही करने का प्रयास करते हैं। इसलिए, अनजान लोगों से दोस्ती करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है, खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। एक छोटी सी लापरवाही किसी की प्रतिष्ठा, मानसिक शांति और मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। संदेश में लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने का आग्रह किया गया है। यह जोर देकर कहा गया है कि दोस्ती हमेशा सोच-समझकर करनी चाहिए, क्योंकि हर फ्रेंड रिक्वेस्ट दोस्ती नहीं, कभी-कभी एक खतरनाक जाल भी हो सकती है। यह चेतावनी #सावधान, #सोशल_मीडिया_सुरक्षा, #ऑनलाइन_फ्रॉड और #जालसाज_गैंग जैसे हैशटैग के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही है।1
- हमेशा की भांति, सेठ जी के अनुयायियों को आज भी उनके लाइव दर्शन करने का अवसर प्रदान किया गया है। यह आमंत्रण भक्तों को उनके दर्शनों का लाभ उठाने के लिए दिया गया है।1
- उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर आधी रात के बाद एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ देबारी स्थित घाटावाला माताजी मंदिर के सामने एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस भीषण हादसे में कार सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार में कुल चार लोग सवार थे और वह उदयपुर की तरफ जा रही थी, तभी घाटावाला माताजी मंदिर के पास अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे के डिवाइडर से जा टकराई।1