बिल्हौर के अधिवक्ताओं ने सोमवार को उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 और प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी मनीष कुमार के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अपनी गंभीर आपत्तियां व्यक्त की गईं। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह प्रस्तावित व्यवस्था हजारों लोगों की आजीविका को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बिल्हौर बार एसोसिएशन, द लॉयर्स एसोसिएशन और एकीकृत बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि ई-पंजीकरण और निजीकरण की यह नीति अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं, फोटोग्राफरों, मुंशियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों जैसे कई पेशेवरों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उन्होंने इस कदम को संविधान प्रदत्त अधिकारों की भावना के विपरीत बताया, विशेषकर ग्रामीण, किसान, वरिष्ठ नागरिक और अशिक्षित लोगों के लिए इसे अव्यावहारिक बताया, जिससे बिचौलियों की भूमिका बढ़ने और आर्थिक शोषण की आशंका है। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि संपत्ति संबंधी मामलों में कानूनी सलाह महत्वपूर्ण होती है, और अधिवक्ताओं की भूमिका को कम करना न्यायिक व्यवस्था के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की है कि ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही, उपनिबंधक कार्यालयों में रिक्त पदों को भरकर मौजूदा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और समानांतर पंजीकरण केंद्र खोलने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 10 लाख रुपये तक के दस्तावेजों में पैन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की भी मांग की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश कटियार, द लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष जनार्दन यादव, एकीकृत बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनीत गुप्ता, महामंत्री सौरभ कटियार, कुशल पांडेय और अनुराग द्विवेदी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।
बिल्हौर के अधिवक्ताओं ने सोमवार को उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 और प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी मनीष कुमार के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अपनी गंभीर आपत्तियां व्यक्त की गईं। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह प्रस्तावित व्यवस्था हजारों लोगों की आजीविका को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बिल्हौर बार एसोसिएशन, द लॉयर्स एसोसिएशन और एकीकृत बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि ई-पंजीकरण और निजीकरण की यह नीति अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं, फोटोग्राफरों, मुंशियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों जैसे कई पेशेवरों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उन्होंने इस कदम को संविधान प्रदत्त अधिकारों की भावना के विपरीत बताया, विशेषकर ग्रामीण, किसान, वरिष्ठ नागरिक और अशिक्षित लोगों के लिए इसे अव्यावहारिक बताया, जिससे बिचौलियों की भूमिका बढ़ने और आर्थिक शोषण की आशंका है। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि संपत्ति संबंधी मामलों में कानूनी सलाह महत्वपूर्ण होती है, और अधिवक्ताओं की भूमिका को कम करना न्यायिक व्यवस्था के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की है कि ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही, उपनिबंधक कार्यालयों में रिक्त पदों को भरकर मौजूदा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और समानांतर पंजीकरण केंद्र खोलने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 10 लाख रुपये तक के दस्तावेजों में पैन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की भी मांग की। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश कटियार, द लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष जनार्दन यादव, एकीकृत बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनीत गुप्ता, महामंत्री सौरभ कटियार, कुशल पांडेय और अनुराग द्विवेदी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।
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- जिम्मेदार अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह शिकायत की गई है कि नालियों में भारी गंदगी और कीड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के नारे लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहाँ साफ-सफाई के दावों के बीच गंदगी खुलकर नजर आ रही है।1
- कन्नौज से ब्रेकिंग न्यूज़ दी जा रही है।1
- स्थानीय स्तर पर, बिना पाइप के पानी गिरने की समस्या के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों को बाहर निकलने के लिए चबूतरे पर चढ़कर जाना पड़ता है।1
- अखिलेश यादव ने कन्नौज पहुंचकर मीडिया से बातचीत की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कई मुद्दों को लेकर तीखे हमले बोले। उन्होंने हाल ही में हुई मंदिर चोरी की घटना को 'बहुत दुखद' बताया, कहा कि इससे लोगों को 'बहुत ठेस पहुंची' है और प्रभु राम के प्रति भारत के लोगों की श्रद्धा और लगाव की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। मंदिर चोरी मामले पर बनी SIT को निष्पक्ष काम करने की छूट देने की बात करते हुए यादव ने सवाल उठाया कि खबरें आ रही हैं कि सीसीटीवी फुटेज गायब हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सनातन धर्म के पुजारियों से पूछताछ करेंगे। इस संदर्भ में उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि उन्हें 'धर्म से ज्यादा धन से प्यार' है, साथ ही उम्मीद जताई कि सच्चाई सामने आएगी। योग दिवस के संबंध में अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए बल्कि हर दिन योगा करना चाहिए, और भाजपा पर योग से भी राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक भाजपा रहेगी, तब तक 'संकट रहेगा' और भाजपा हटेगी तो 'संकट हटेगा'। उन्होंने भाजपा पर आगामी नवंबर चुनाव को लेकर भी तंज कसा, आरोप लगाया कि पार्टी झूठ बोलकर जनता का मन टटोलना चाहती है और अपनी सर्वे टीम लगाकर यह जानना चाहती है कि नवंबर में चुनाव कराने पर वे 50 से अधिक सीटें जीत पाएंगे या नहीं। अखिलेश यादव ने कैलास राजपूत को मंत्री बनाए जाने पर भी तंज कसते हुए कहा कि 'सुना है नए मंत्री बने हैं, मंत्री बनते ही बिजली गायब'। नीट परीक्षा के मामले पर उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 4 लाख बच्चे प्रभावित हैं। एनकाउंटर के मसले पर उन्होंने कहा कि वे इसके पक्ष में नहीं हैं और संस्थाओं, कोर्ट और एजेंसियों पर भरोसा करना पड़ेगा, साथ ही थानों को ठीक करने और पुलिस को साधन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में राजनीतिक लाभ के चलते भ्रष्टाचार भी है। अंत में, उन्होंने 'काकरोच जनता पार्टी' (जो संभवतः भाजपा के विरोधियों को संदर्भित करती है) के भाजपा के खिलाफ होने को 'बहुत अच्छा' बताते हुए कहा कि जो भी भाजपा को हराने के लिए काम कर रहा है, वे उसका साथ देंगे।1
- उन्नाव जिले के कुंडा मुजरा सकरौली गाँव में बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते बिजली की लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इन खराब हो चुकी लाइनों के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर एक चश्मदीद का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया है कि आग लगने के बाद लगभग 15 मिनट तक कोई सहायता नहीं पहुँच पाई, जिसके कारण कई लोग संस्थान के अंदर ही फँस गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों में कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।1