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अगर आप थाने में झाड़ू नहीं लगाएंगे तो क्या आपके साथ मारपीट की जाएगी? क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को थाने में इंसाफ मांगने के लिए भी अपमान सहना पड़ेगा? जालौन के रेंडर थाने से ऐसा ही गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उठाया है। आरोप है कि थाने पहुंचे दो भाइयों से झाड़ू लगाने को कहा गया और जब उन्होंने इनकार किया तो उनके साथ मारपीट की गई। जब इस मामले में पीड़ित पक्ष से बात की गई तो उसने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। आखिर पूरा मामला क्या है और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं। मामला रेंडर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा ग्राम पंचायत के कुरतला गांव का बताया जा रहा है। आरोप है कि गांव के रहने वाले बृजेंद्र पाल और उनके भाई मनोज का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसी मामले में 6 अगस्त को थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और बृजेंद्र को थाने चलने के लिए कहा गया। आरोप है कि बृजेंद्र ने अगले दिन सुबह थाने आने की बात कही, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया। दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने के लिए थाने पहुंचे। यहीं से आरोपों के मुताबिक मामला फिर बदल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे समझौते की कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार रुपये लेने और बाद में ज्यादा रकम मांगने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि आखिरकार दोनों पक्षों से मामला खत्म करने के लिए छह हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जो आरोप सामने आया है, वह सबसे ज्यादा गंभीर है। आरोप है कि जब पूरा मामला निपट गया तो पुलिसकर्मियों ने बृजेंद्र पाल और उनके भाई से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा। दोनों भाइयों ने झाड़ू लगाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद बिना वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की। यही आरोप अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्या थाने में गरीब व्यक्ति की इज्जत नहीं होती? क्या न्याय मांगने के लिए थाने जाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है? लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर थाने में झाड़ू लगाने की बात क्यों कही गई? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को झाड़ू लगाने के लिए कहा था? अगर कहा गया था तो किसके आदेश पर कहा गया? और अगर झाड़ू लगाने से इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है? दूसरा बड़ा सवाल कथित पैसों की मांग को लेकर है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार और बाद में छह हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि मामला सीधे पुलिस व्यवस्था और थाने में आम लोगों के साथ व्यवहार से जुड़ा है। अगर आरोप गलत हैं तो उनकी सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह विवाद को खत्म करने के लिए थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका था और वे शिकायत वापस लेने की बात करने पहुंचे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थाने में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना उचित है? वहीं दूसरी तरफ यह भी समझना जरूरी है कि अभी यह पूरा मामला आरोपों के स्तर पर है। किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस जांच में अगर मारपीट, अवैध वसूली या अपमानजनक व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर थाने में आम आदमी के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन थानों में लोग अपनी शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद से पहुंचते हैं, अगर वहीं उन्हें अपमान या डर का सामना करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि रेंडर थाने के इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित भाइयों की शिकायत दर्ज होगी? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित मारपीट और पैसों की मांग की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या वास्तव में दोनों भाइयों से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा गया था? जालौन से सामने आए इस मामले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा। हम इस मामले में सामने आने वाले हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे।

2 hrs ago
user_Harsh Samvad
Harsh Samvad
Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अगर आप थाने में झाड़ू नहीं लगाएंगे तो क्या आपके साथ मारपीट की जाएगी? क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को थाने में इंसाफ मांगने के लिए भी अपमान सहना पड़ेगा? जालौन के रेंडर थाने से ऐसा ही गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उठाया है। आरोप है कि थाने पहुंचे दो भाइयों से झाड़ू लगाने को कहा गया और जब उन्होंने इनकार किया तो उनके साथ मारपीट की गई। जब इस मामले में पीड़ित पक्ष से बात की गई तो उसने भी पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। आखिर पूरा मामला क्या है और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, आइए आपको पूरी जानकारी बताते हैं। मामला रेंडर थाना क्षेत्र के गोपालपुरा ग्राम पंचायत के कुरतला गांव का बताया जा रहा है। आरोप है कि गांव के रहने वाले बृजेंद्र पाल और उनके भाई मनोज का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसी मामले में 6 अगस्त को थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस गांव पहुंची और बृजेंद्र को थाने चलने के लिए कहा गया। आरोप है कि बृजेंद्र ने अगले दिन सुबह थाने आने की बात कही, जिसके बाद कुछ समय के लिए उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों के बीच गांव के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में समझौता हो गया। दोनों पक्षों ने विवाद खत्म करने पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने के लिए थाने पहुंचे। यहीं से आरोपों के मुताबिक मामला फिर बदल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे समझौते की कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की गई। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार रुपये लेने और बाद में ज्यादा रकम मांगने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि आखिरकार दोनों पक्षों से मामला खत्म करने के लिए छह हजार रुपये लिए गए। इसके बाद जो आरोप सामने आया है, वह सबसे ज्यादा गंभीर है। आरोप है कि जब पूरा मामला निपट गया तो पुलिसकर्मियों ने बृजेंद्र पाल और उनके भाई से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा। दोनों भाइयों ने झाड़ू लगाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद बिना वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट की। यही आरोप अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्या थाने में गरीब व्यक्ति की इज्जत नहीं होती? क्या न्याय मांगने के लिए थाने जाने वाले व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है? लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर थाने में झाड़ू लगाने की बात क्यों कही गई? क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को झाड़ू लगाने के लिए कहा था? अगर कहा गया था तो किसके आदेश पर कहा गया? और अगर झाड़ू लगाने से इनकार करने पर मारपीट की गई, तो इसके पीछे जिम्मेदार कौन है? दूसरा बड़ा सवाल कथित पैसों की मांग को लेकर है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में पहले एक हजार और बाद में छह हजार रुपये लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि मामला सीधे पुलिस व्यवस्था और थाने में आम लोगों के साथ व्यवहार से जुड़ा है। अगर आरोप गलत हैं तो उनकी सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह विवाद को खत्म करने के लिए थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका था और वे शिकायत वापस लेने की बात करने पहुंचे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थाने में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना उचित है? वहीं दूसरी तरफ यह भी समझना जरूरी है कि अभी यह पूरा मामला आरोपों के स्तर पर है। किसी पुलिसकर्मी को दोषी मानने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस जांच में अगर मारपीट, अवैध वसूली या अपमानजनक व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर थाने में आम आदमी के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन थानों में लोग अपनी शिकायत लेकर न्याय की उम्मीद से पहुंचते हैं, अगर वहीं उन्हें अपमान या डर का सामना करना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि रेंडर थाने के इस पूरे मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित भाइयों की शिकायत दर्ज होगी? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित मारपीट और पैसों की मांग की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल—क्या वास्तव में दोनों भाइयों से थाने की छत पर झाड़ू लगाने को कहा गया था? जालौन से सामने आए इस मामले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा। हम इस मामले में सामने आने वाले हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे।

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  • एट नगर पंचायत अध्यक्ष का युवक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल!! एट नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी निरंजन न युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की बताया जा रहा है लेनदेन को लेकर युवक और प्रतिनिधि में पहले नोक झोंक हुई उसके बाद मारपीट हुई जिसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
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    एट नगर पंचायत अध्यक्ष का युवक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल!!
एट नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी निरंजन न युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की बताया जा रहा है लेनदेन को लेकर युवक और प्रतिनिधि में पहले नोक झोंक हुई उसके बाद मारपीट हुई जिसका किसी ने  वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है। मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
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    मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • 🎤UP : डेटिंग ऐप टिंडर के ज़रिए 6 करोड़ से अधिक की हुई ठगी,5 को बनाया शिकार🖥️ 📌डेटिंग ऐप पर होते है वसूली का खेल दोस्ती,ब्लैकमेल और फर्जी केस 📌डेटिंग ऐप से उगाही गैंग,5 बेगुनाह जेल मे 📌हथियार,नोट और ब्लैकमेल! फर्जी एफआईआर से वसूली का बन गया सिंडिकेट डेटिंग ऐप जो दोस्ती, आपत्तिजनक तस्वीरें और फिर लाखों करोड़ों की वसूली!यही होता है इन फर्जी ऐपो पर दरसल प्रयागराज की रहने वाली पल्लवी सिंह राजपूत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी का भी होश उड़ा दे. आरोप है कि डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ये महिला पैसे ऐंठती है और बात न मानने पर सीधे रेप और मर्डर की कोशिश का केस दर्ज करा देती है. इस साजिश का शिकार होकर अबतक 5 लोग जेल जा चुके हैं, जबकि 14 से ज्यादा मुकदमों में ये खुद आरोपी है। अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई गई है.... वीओ: हाथ में अवैध असलहा, बिस्तर पर नोटों के बंडल और बेखौफ अंदाज.. किसी पेशेवर अपराधी गिरोह को दर्शाने वाली यह तस्वीर प्रयागराज की पल्लवी सिंह राजपूत की है, जिसे लोग 'स्वीटी तिवारी' पल्लवी जैसे कई उपनामों से भी जानते हैं. आरोप है कि पल्लवी ने डेटिंग ऐप्स को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना कर आधुनिक तकनीक और डेटिंग ऐप्स को एक बड़े रंगदारी सिंडिकेट में तब्दील कर दिया.. पीड़ित के मुताबिक पल्लवी डेटिंग ऐप पर पुरुषों से दोस्ती करती है, फिर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उनसे ब्लैकमेलिंग करके धन उगाही करती है..अगर कोई इसकी पैसों की मांग पूरी नहीं करता, तो उस पर सीधे बलात्कार और जान से मारने की कोशिश जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है. अबतक 5 बेगुनाह लोग इसके जाल में फंसकर जेल की हवा चुके हैं, जबकि कई लोग बदनामी के डर से पैसे दे चुके हैं... प्रयागराज के अलावा लखनऊ के विभूतिखंड और सुशांत गोल्फ सिटी थानों में भी इसके द्वारा ब्लैकमेलिंग के लिए कई मुकदमे दर्ज़ कराए गए हैं जबकि ये खुद 14 मुकदमों में वांछित है.. इलाहाबाद हाईकोट के अधिवक्ता नूर आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गैंग का खुलासा किया है और मुख्यमंत्री से इस सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग की है..अब देखने वाली बात होगी कि कानून को ढाल बनाकर बेगुनाह लोगों को शिकार बनाने वाली इस महिला संगठित गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कब कसता है... व्यूरो रिपोर्ट:राजधानी लखनऊ से soni news के लिये देवेन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ
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    🎤UP : डेटिंग ऐप टिंडर के ज़रिए 6 करोड़ से अधिक की हुई ठगी,5 को बनाया शिकार🖥️
📌डेटिंग ऐप पर होते है वसूली का खेल दोस्ती,ब्लैकमेल और फर्जी केस
📌डेटिंग ऐप से उगाही गैंग,5 बेगुनाह जेल मे
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डेटिंग ऐप जो दोस्ती, आपत्तिजनक तस्वीरें और फिर लाखों करोड़ों की वसूली!यही होता है इन फर्जी ऐपो पर 
दरसल प्रयागराज की रहने वाली पल्लवी सिंह राजपूत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी का भी होश उड़ा दे. आरोप है कि डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ये महिला पैसे ऐंठती है और बात न मानने पर सीधे रेप और मर्डर की कोशिश का केस दर्ज करा देती है. इस साजिश का शिकार होकर अबतक 5 लोग जेल जा चुके हैं, जबकि 14 से ज्यादा मुकदमों में ये खुद आरोपी है। अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई गई है....
वीओ: हाथ में अवैध असलहा, बिस्तर पर नोटों के बंडल और बेखौफ अंदाज.. किसी पेशेवर अपराधी गिरोह को दर्शाने वाली यह तस्वीर प्रयागराज की पल्लवी सिंह राजपूत की है, जिसे लोग 'स्वीटी तिवारी' पल्लवी जैसे कई उपनामों से भी जानते हैं. आरोप है कि पल्लवी ने डेटिंग ऐप्स को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना कर आधुनिक तकनीक और डेटिंग ऐप्स को एक बड़े रंगदारी सिंडिकेट में तब्दील कर दिया.. पीड़ित के मुताबिक पल्लवी डेटिंग ऐप पर पुरुषों से दोस्ती करती है, फिर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उनसे ब्लैकमेलिंग करके धन उगाही करती है..अगर कोई इसकी पैसों की मांग पूरी नहीं करता, तो उस पर सीधे बलात्कार और जान से मारने की कोशिश जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है. अबतक 5 बेगुनाह लोग इसके जाल में फंसकर जेल की हवा चुके हैं, जबकि कई लोग बदनामी के डर से पैसे दे चुके हैं... 
प्रयागराज के अलावा लखनऊ के विभूतिखंड और सुशांत गोल्फ सिटी थानों में भी इसके द्वारा ब्लैकमेलिंग के लिए कई मुकदमे दर्ज़ कराए गए हैं जबकि ये खुद 14 मुकदमों में वांछित है.. इलाहाबाद हाईकोट के अधिवक्ता नूर आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गैंग का खुलासा किया है और मुख्यमंत्री से इस सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग की है..अब देखने वाली बात होगी कि कानून को ढाल बनाकर बेगुनाह लोगों को शिकार बनाने वाली इस महिला संगठित गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कब कसता है...
व्यूरो रिपोर्ट:राजधानी लखनऊ से soni news के लिये देवेन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जालौन के प्राचीन पक्के तालाब से गैर कानूनी रूप से मतस्य आखेट किये जाने का मामला
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    जालौन के प्राचीन पक्के तालाब से गैर कानूनी रूप से मतस्य आखेट किये जाने का मामला
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • स्लग- जालौन पुलिस ने चोरी के दो मामलों का किया खुलासा, 2.72 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के जेवर बरामद, एक गिरफ्तार जालौन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कालपी कोतवाली पुलिस ने चोरी के दो मामलों में फरार एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 लाख 72 हजार 20 रुपये किया समेत भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस ने मदारीपुर रोड स्थित वन विभाग के वाच टावर के पास से आरोपी की गिरफ्तारी की है। फिलहाल सीओ राजेश कमल ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पकड़े गए चोर को जेल भेज दिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम पुत्र बालमुकुन्द दुबे, निवासी ग्राम पिथऊपुर, थाना सिरसाकलार के रूप में की है। आरोपी के खिलाफ कालपी थाने में दर्ज मुकदमों में कार्रवाई की गई है। बरामदगी में 2,72,020 रुपये कैश के अलावा दो मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, एक चैन, दो जोड़ी टॉप्स, झुमकी, नथ, सुई-धागा, कमर पेटी, पायल, हथफूल, बिछिया समेत चांदी के सिक्के और अन्य आभूषण शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया। बाइट:- राजेश कमल--सीओ कालपी
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    स्लग- जालौन पुलिस ने चोरी के दो मामलों का किया खुलासा, 2.72 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के जेवर बरामद, एक गिरफ्तार

जालौन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कालपी कोतवाली पुलिस ने चोरी के दो मामलों में फरार एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 लाख 72 हजार 20 रुपये किया समेत भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस ने मदारीपुर रोड स्थित वन विभाग के वाच टावर के पास से आरोपी की गिरफ्तारी की है। फिलहाल सीओ राजेश कमल ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पकड़े गए चोर को जेल भेज दिया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम पुत्र बालमुकुन्द दुबे, निवासी ग्राम पिथऊपुर, थाना सिरसाकलार के रूप में की है। आरोपी के खिलाफ कालपी थाने में दर्ज मुकदमों में कार्रवाई की गई है। बरामदगी में 2,72,020 रुपये कैश के अलावा दो मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, एक चैन, दो जोड़ी टॉप्स, झुमकी, नथ, सुई-धागा, कमर पेटी, पायल, हथफूल, बिछिया समेत चांदी के सिक्के और अन्य आभूषण शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया।
बाइट:- राजेश कमल--सीओ कालपी
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 min ago
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