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योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना ने बदायूं प्रशासनिक भवन के अटल सभागार में एक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक के समापन के बाद, उन्होंने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रेसवार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को विस्तार से बताया।

3 days ago
user_Pawan Verma Press Reporter
Pawan Verma Press Reporter
पत्रकार बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
3 days ago

योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना ने बदायूं प्रशासनिक भवन के अटल सभागार में एक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक के समापन के बाद, उन्होंने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रेसवार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को विस्तार से बताया।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा मार्ग पर करुआ पुल के पास आमने-सामने से दो बाइकों की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए उझानी के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। एक व्यक्ति की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया।
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    उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा मार्ग पर करुआ पुल के पास आमने-सामने से दो बाइकों की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए उझानी के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। एक व्यक्ति की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया।
    user_पत्रकार संजीव कुमार राणा
    पत्रकार संजीव कुमार राणा
    Budaun, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • बदायूं के उसावां में अकबरपुर चौराहा स्थित बाबा खाटू श्याम मंदिर में एक अंतरधार्मिक विवाह संपन्न हुआ, जहाँ हीरा नजवी ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम हिमांशी कुमारी रखा और हिंदू रीति-रिवाजों से अतुल कुमार से शादी की। विवाह के बाद, नवविवाहित जोड़ा बुधवार को दुल्हन के वेश में अतुल कुमार के घर पहुँचा, जहाँ परिवार और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला। नवदंपति का ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच जोरदार स्वागत किया गया, और परिजनों व शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। दुल्हन बनी हिमांशी कुमारी और उनके पति अतुल कुमार ने घर में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले अतुल के माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान अतुल के माता-पिता ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हुए हिमांशी कुमारी को परिवार की बहू के रूप में सहर्ष स्वीकार किया। परिवार के सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश की रस्में भी पूरी कीं। अतुल के परिजनों ने बताया कि परिवार को इस विवाह की बेहद खुशी है और उन्होंने बहू हिमांशी कुमारी तथा पुत्र अतुल कुमार का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान घर पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार एवं स्थानीय लोग नवदंपति को शुभकामनाएं देने पहुंचे। नवविवाहित जोड़े ने भी परिवार द्वारा मिले स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया, और अपने नए जीवन की शुरुआत खुशी व उत्साह के साथ करने की बात कही।
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    बदायूं के उसावां में अकबरपुर चौराहा स्थित बाबा खाटू श्याम मंदिर में एक अंतरधार्मिक विवाह संपन्न हुआ, जहाँ हीरा नजवी ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम हिमांशी कुमारी रखा और हिंदू रीति-रिवाजों से अतुल कुमार से शादी की। विवाह के बाद, नवविवाहित जोड़ा बुधवार को दुल्हन के वेश में अतुल कुमार के घर पहुँचा, जहाँ परिवार और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला।

नवदंपति का ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच जोरदार स्वागत किया गया, और परिजनों व शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। दुल्हन बनी हिमांशी कुमारी और उनके पति अतुल कुमार ने घर में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले अतुल के माता-पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान अतुल के माता-पिता ने नवविवाहित जोड़े को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हुए हिमांशी कुमारी को परिवार की बहू के रूप में सहर्ष स्वीकार किया। परिवार के सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश की रस्में भी पूरी कीं।

अतुल के परिजनों ने बताया कि परिवार को इस विवाह की बेहद खुशी है और उन्होंने बहू हिमांशी कुमारी तथा पुत्र अतुल कुमार का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान घर पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में रिश्तेदार एवं स्थानीय लोग नवदंपति को शुभकामनाएं देने पहुंचे। नवविवाहित जोड़े ने भी परिवार द्वारा मिले स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया, और अपने नए जीवन की शुरुआत खुशी व उत्साह के साथ करने की बात कही।
    user_Pravendra Singh
    Pravendra Singh
    Newspaper publisher दातागंज, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • बदायूँ जिले के उसावा में एक हिंदू लड़के और एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की। यह विवाह पूरे हिंदू विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
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    बदायूँ जिले के उसावा में एक हिंदू लड़के और एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की। यह विवाह पूरे हिंदू विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
    user_Ranjeet Yadav Badaun tak
    Ranjeet Yadav Badaun tak
    Content Creator (YouTuber) दातागंज, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • यह प्रश्न उठाया गया है कि पीयूष भैया ने जो बात कही थी, वह कितनी सही थी।
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    यह प्रश्न उठाया गया है कि पीयूष भैया ने जो बात कही थी, वह कितनी सही थी।
    user_Prem Singh
    Prem Singh
    आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।
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    बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे।

रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।
    user_Vivek Chauhan reporters
    Vivek Chauhan reporters
    Actor बिल्सी, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बदायूं जिले के उसांवा थाना क्षेत्र में मुरारी लाल पुत्र रामनाथ नामक एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गांव रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली स्थित उसका मकान छोड़कर उसांवा में रहने और मजदूरी के लिए दिल्ली आने-जाने के कारण गांव की जगह खाली पड़ी थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने कथित तौर पर जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। मुरारी लाल के अनुसार, महेन्द्र ने मौके पर अवैध कब्जा करते हुए मकान के चारों तरफ खुदाई कर दी, दो पेड़ों में से जामुन का पेड़ काट लिया और अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है। जब मुरारी लाल ने महेन्द्र से बात की तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है। इस मामले में मुरारी लाल ने थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन उसके मुताबिक, कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर अपनी जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
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    बदायूं जिले के उसांवा थाना क्षेत्र में मुरारी लाल पुत्र रामनाथ नामक एक व्यक्ति ने अपनी पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि गांव रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली स्थित उसका मकान छोड़कर उसांवा में रहने और मजदूरी के लिए दिल्ली आने-जाने के कारण गांव की जगह खाली पड़ी थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव के ही लड़ैत पुत्र हुलास सिंह ने कथित तौर पर जबरन उसकी खाली जमीन महेन्द्र पुत्र रेवती को बेच दी। मुरारी लाल के अनुसार, महेन्द्र ने मौके पर अवैध कब्जा करते हुए मकान के चारों तरफ खुदाई कर दी, दो पेड़ों में से जामुन का पेड़ काट लिया और अपने मकान का दरवाजा भी मुरारी लाल की जमीन की तरफ कर लिया है। जब मुरारी लाल ने महेन्द्र से बात की तो उसने बताया कि उसने यह जगह लड़ैत से खरीदी है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि लड़ैत और महेन्द्र ने जालसाजी कर उसकी खाली जगह पर अवैध रूप से कब्जा करने के उद्देश्य से नींव की खुदाई कर गेट लगा लिया है।

इस मामले में मुरारी लाल ने थाना उसांवा में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन उसके मुताबिक, कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध कब्जा हटवाकर अपनी जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
    user_पत्रकार संजीव कुमार राणा
    पत्रकार संजीव कुमार राणा
    Budaun, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक अस्पताल का दृश्य दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और इसमें दिख रहे एक छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। कई लोग इस कथित लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की जगह, समय और इसकी वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, लेकिन इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस संदर्भ में, लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज़' पाने के लिए किसी भी मासूम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए, और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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    सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें एक अस्पताल का दृश्य दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और इसमें दिख रहे एक छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। कई लोग इस कथित लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, इस वायरल वीडियो की जगह, समय और इसकी वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। वीडियो व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, लेकिन इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस संदर्भ में, लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज़' पाने के लिए किसी भी मासूम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए, और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
    user_Bhoodev Parsad
    Bhoodev Parsad
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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