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*यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 की मौत* यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव के पास बुधवार देर रात एक डबल डेकर स्लीपर बस में भीषण आग लग गई. दिल्ली से महोबा जा रही इस खचाखच भरी बस में जब आग लगी, तब अधिकांश यात्री सो रहे थे. इस हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं. कुछ यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। यह डबल डेकर स्लीपर बस दिल्ली/नोएडा से महोबा (उत्तर प्रदेश) जा रही थी।
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
*यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 की मौत* यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव के पास बुधवार देर रात एक डबल डेकर स्लीपर बस में भीषण आग लग गई. दिल्ली से महोबा जा रही इस खचाखच भरी बस में जब आग लगी, तब अधिकांश यात्री सो रहे थे. इस हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं. कुछ यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। यह डबल डेकर स्लीपर बस दिल्ली/नोएडा से महोबा (उत्तर प्रदेश) जा रही थी।
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- रीवा ब्रेकिंग। SGMH और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से बाइक उड़ाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 4 मोटरसाइकिल बरामद। रीवा की अमहिया पुलिस ने अस्पताल परिसरों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 2 लाख 90 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक संजय गांधी अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परिसर से मोटरसाइकिल चोरी की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने 19 वर्षीय गया प्रसाद केवट निवासी काकलपुर, सतना और 19 वर्षीय दीपक केवट निवासी बड़ी गोरगी, रीवा को पकड़ा। पूछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से चार मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिसमें अपाचे, पल्सर और दो स्प्लेंडर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद वाहनों की कुल कीमत करीब 2 लाख 90 हजार रुपये है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अमहिया पुलिस की कार्रवाई के बाद अस्पताल परिसरों में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। पुलिस अब बरामद वाहनों से जुड़े अन्य मामलों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।1
- गाँव प्रतापपुर जिला सतना (म, प्र) गाँव प्रतापपुर में रोड़ की बहुत ही समीक्षा हैं और ये रोड़ बनवाने की सरकार से निवेदन है कि रोड़ बनवा दे रोड़ शासकीय हाई स्कूल प्रतापपुर1
- बेलवा में शर्म कर देने वाला मामला सामने आया बैकुंठपुर के पास विगत कई वर्षों से विजय शंकर द्विवेदी पूर्व भोले द्विवेदी रास्ता को लेकर दर भटक रहे आज तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई1
- ढाई साल की बच्ची का हुआ अपहरण बोर में भर कर लगाए बदमास, महज छः घंटे में रीवा पुलिस ने बच्ची को किया दस्तयाब।1
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- रीवा-सीधी NH-39 मुआवजा विवाद फिर गरमाया: किसानों ने कलेक्टर-कमिश्नर के दरबार में लगाई न्याय की गुहार भूमि अधिग्रहण में कथित विसंगतियों पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच और वास्तविक उपयोग के आधार पर मुआवजे की मांग किसानों की चेतावनी—समाधान नहीं हुआ तो होगा वृहद आंदोलन; कलेक्टर बोले- मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के तहत आवेदनों पर होगी न्यायोचित कार्रवाई रीवा-सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 के फोरलेन निर्माण के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में मुआवजा निर्धारण को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। गुढ़ तहसील क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे प्रभावित किसानों ने कलेक्टर एवं कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा निर्धारण में कथित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच तथा भूमि की वास्तविक स्थिति और उपयोग के आधार पर उचित मुआवजा निर्धारित किए जाने की मांग की है ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेकपांडे1
- रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई! आयुष्मान अस्पताल में कलेक्टर और एसपी की अचानक दबिश… कार्रवाई से निजी अस्पतालों में मचा हड़कंप! रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने इसे रूटीन जांच बताया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर रूटीन जांच के लिए जिला प्रशासन के इतने बड़े अधिकारी एक ही अस्पताल में अचानक क्यों पहुंचे? क्या अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज, दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी किसी शिकायत की जानकारी प्रशासन को मिली थी? या फिर प्रशासन को अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से कोई इनपुट मिला था? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर यह महज रूटीन जांच थी, तो कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी की जरूरत क्यों पड़ी? क्या अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ किसी अन्य मामले की भी जांच की जा रही थी? रीवा में निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज और सरकारी भुगतान को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की यह कार्रवाई स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को लेकर बड़ा संदेश जरूर दे रही है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या सामने आता है। क्या वास्तव में यह सिर्फ रूटीन जांच थी… या प्रशासन के पास आयुष्मान अस्पताल को लेकर कोई गंभीर शिकायत या इनपुट था? और अगर सब कुछ सामान्य था, तो कलेक्टर और एसपी को एक साथ अस्पताल पहुंचने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई! आयुष्मान अस्पताल में कलेक्टर और एसपी की अचानक दबिश… कार्रवाई से निजी अस्पतालों में मचा हड़कंप! रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने इसे रूटीन जांच बताया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर रूटीन जांच के लिए जिला प्रशासन के इतने बड़े अधिकारी एक ही अस्पताल में अचानक क्यों पहुंचे? क्या अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज, दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी किसी शिकायत की जानकारी प्रशासन को मिली थी? या फिर प्रशासन को अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से कोई इनपुट मिला था? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर यह महज रूटीन जांच थी, तो कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी की जरूरत क्यों पड़ी? क्या अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ किसी अन्य मामले की भी जांच की जा रही थी? रीवा में निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज और सरकारी भुगतान को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की यह कार्रवाई स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को लेकर बड़ा संदेश जरूर दे रही है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच में क्या सामने आता है। क्या वास्तव में यह सिर्फ रूटीन जांच थी… या प्रशासन के पास आयुष्मान अस्पताल को लेकर कोई गंभीर शिकायत या इनपुट था? और अगर सब कुछ सामान्य था, तो कलेक्टर और एसपी को एक साथ अस्पताल पहुंचने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।1
- लोकेशन रीवा। आयुष्मान अस्पताल में कलेक्टर-एसपी की दबिश! रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। आयुष्मान योजना से संबद्ध एक निजी अस्पताल में कलेक्टर और एसपी के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रबंधन में हलचल मच गई। कलेक्टर ने कार्रवाई को रूटीन निरीक्षण बताया है, लेकिन एक साथ जिला प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों के अस्पताल पहुंचने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अचानक अस्पताल पहुंचे कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार, दस्तावेजों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसे रूटीन जांच बताया गया है। अब सवाल यह है कि निरीक्षण में प्रशासन ने किन बिंदुओं की जांच की? क्या अस्पताल से संबंधित कोई शिकायत या प्रशासनिक इनपुट पहले से मिला था? और निरीक्षण के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज अथवा व्यवस्थाएं जांच के दायरे में रहीं? फिलहाल किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। कलेक्टर-एसपी की अचानक संयुक्त मौजूदगी ने स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों की निगरानी को लेकर जरूर संदेश दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि निरीक्षण की रिपोर्ट में क्या सामने आता है।1