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आजमगढ़ में साइबर सेल और सिधारी पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी मालदीव वर्क परमिट, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगों को विशेष रूप से आगाह किया है। यह सलाह दी गई है कि किसी भी एजेंट या संस्था को धनराशि देने से पहले उसकी वैधता और प्रामाणिकता की पूरी तरह से जांच अवश्य कर लें।
TV24 NEWS EXPRESS
आजमगढ़ में साइबर सेल और सिधारी पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी मालदीव वर्क परमिट, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगों को विशेष रूप से आगाह किया है। यह सलाह दी गई है कि किसी भी एजेंट या संस्था को धनराशि देने से पहले उसकी वैधता और प्रामाणिकता की पूरी तरह से जांच अवश्य कर लें।
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- अतरौलिया में स्थानीय प्रशासन ने अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए नवीन परती की भूमि को खाली कराया, जिससे अवैध कब्जों को हटाया जा सका।1
- आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र में एक महिला की मृत्यु से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में एक डॉक्टर और एक कम्पाउंडर शामिल हैं। यह पूरा प्रकरण कथित चिकित्सकीय उपचार के दौरान हुई एक घटना से संबंधित है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। जांच प्रक्रिया के दौरान, पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस विभाग ने बताया है कि मामले की विवेचना अभी भी जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया भी सक्रिय है, जिसका अर्थ है कि इस प्रकरण से संबंधित सभी तथ्यों का अंतिम निर्णय न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगा।1
- उत्तर प्रदेश के अतरौलिया स्थित गोविंदपुर में नवीन परती भूमि पर 'बाबा' का बुल्डोजर चला, जिससे क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया।1
- आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र के गोविंदपुर में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह अभियान उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के स्पष्ट निर्देशों पर राजस्व टीम द्वारा चलाया गया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद था, जिसकी उपस्थिति में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उसे वापस प्रशासन के नियंत्रण में लिया गया।1
- आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र में एक महिला की मृत्यु से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना कथित चिकित्सकीय उपचार के दौरान हुई थी। इस मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर और एक कम्पाउंडर को हिरासत में लिया है, जिनकी गिरफ्तारी परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, इसलिए सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।1
- आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के जमुई गांव में रविवार देर रात एक उपनिरीक्षक के गांव में मिलने और फिर पुलिस हिरासत से फरार हो जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पीआरवी 112 के हवाले किया था, लेकिन बाद में उनके गायब होने से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जहानागंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक अल्ताफ खान, जो पहले पल्हना पुलिस चौकी पर तैनात थे, रविवार रात जमुई गांव स्थित एक दिव्यांग व्यक्ति के घर पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पल्हना चौकी पर तैनाती के दौरान से ही उपनिरीक्षक का इस दिव्यांग के घर आना-जाना था। वे अक्सर देर रात तक वहां रुकते थे, जिससे ग्रामीणों में काफी समय से नाराजगी थी। रविवार रात को जब उपनिरीक्षक फिर से गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर ही रोक लिया और तत्काल सूचना देकर पीआरवी 112 को बुला लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पीआरवी टीम उन्हें अपने साथ पल्हना पुलिस चौकी ले गई। हालांकि, जब ग्रामीण शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि संबंधित उपनिरीक्षक वहां से फरार हो गए हैं। इस घटना के बाद जमुई गांव के लोगों में भारी आक्रोश है और लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ लालगंज भूपेश पाण्डेय ने बताया कि दारोगा के रात में गांव में मिलने की शिकायत पर संज्ञान लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस मामले की जांच सीओ लालगंज को सौंप दी है। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर उपनिरीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- आजमगढ़ पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग, गिफ्ट कोड, रेफरल कोड और लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। इसके साथ ही, उसके विभिन्न बैंक खातों से जुड़ी कई NCRP शिकायतें भी सामने आई हैं, जिनमें से एक शिकायत लगभग ₹49.04 लाख की बड़ी राशि की ठगी से संबंधित बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी बरामद की है। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और इस मामले में फरार बताए जा रहे दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि ऑनलाइन गेमिंग, लॉटरी, गिफ्ट कोड या रेफरल लिंक के नाम पर मिलने वाले किसी भी लालच में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।1
- आजमगढ़ स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नीरज यादव ने अस्पताल परिसर में विरोध दर्ज कराया है। नीरज यादव का आरोप है कि पिछले कई दिनों से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठीक से काम नहीं कर रही है, जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी बताया कि एक्स-रे रिपोर्ट के लिए जो लिफाफे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वे एक्स-रे फिल्म के आकार से छोटे हैं, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थागत कमियों की ओर भी प्रशासन का ध्यान खींचा है। नीरज यादव ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता और मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिलनी शुरू नहीं होतीं, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।1