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हरियाणा प्रदेश के महाविद्यालयों में कुछ कोर्सों की सीटों में बदलाव किया जाएगा। इस पहल के तहत, कुछ चुनिंदा कोर्सों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक विद्यार्थी उन विषयों में प्रवेश ले सकें। दूसरी ओर, उन सभी कोर्सों को बंद करने का निर्णय लिया गया है जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम है।
Sushil Chaudhary
हरियाणा प्रदेश के महाविद्यालयों में कुछ कोर्सों की सीटों में बदलाव किया जाएगा। इस पहल के तहत, कुछ चुनिंदा कोर्सों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक विद्यार्थी उन विषयों में प्रवेश ले सकें। दूसरी ओर, उन सभी कोर्सों को बंद करने का निर्णय लिया गया है जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम है।
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- हरियाणा के उचाना में, लाखों निर्माण मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को उपमंडल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इंटक नेता सरोज और भवन निर्माण कामगार यूनियन के संदीप जाजवान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मजदूर एकत्रित हुए। उन्होंने उपमंडल कार्यालय से हाईवे स्थित पालवां बस स्टॉप तक जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा श्रम मंत्री अनिल विज का पुतला फूंककर सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया। मजदूरों की प्रमुख मांगों में हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत लाखों निर्माण मजदूरों का रद्द किया गया पंजीकरण बहाल करना, मनरेगा मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड में शामिल करना और निर्माण यूनियनों को तस्दीक का अधिकार देना शामिल है। भवन निर्माण मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष धर्मबीर लोहान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 महीनों से निर्माण मजदूर अधिनियम-1996 से संबंधित पोर्टल बंद कर रखा है, जिससे लाखों मजदूरों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर कल्याण के लिए बोर्ड में जमा करीब 7 हजार करोड़ रुपये पर सरकार की नजर है और मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। लोहान ने बताया कि सरकार द्वारा शुरू किए गए नए पोर्टल में ऐसी शर्तें रखी गई हैं, जिनके कारण अधिकांश मजदूर योजनाओं के दायरे से बाहर हो गए हैं, और मनरेगा मजदूरों को भी इस योजना से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने सरकार पर यह भी हमला बोला कि वह 125 दिन रोजगार देने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों को 15 दिन का भी काम नहीं मिल रहा है, क्योंकि मनरेगा का बजट कम कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मजदूरों और किसानों के हितों की बात करने वाली सरकार वास्तव में उनका शोषण कर रही है। सभी निर्माण मजदूर यूनियनों ने पोर्टल को दोबारा शुरू करवाने के लिए एक संयुक्त मोर्चा बनाया है और गांव-गांव जाकर मजदूरों को जागरूक करने का अभियान चलाने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान सीटू के उपाध्यक्ष कपूर सिंह, महासचिव कृष्ण नैन तथा सतीश सहित अन्य वक्ताओं ने भी मजदूरों को संबोधित किया और संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।2
- हिसार जिले के चानोत गांव में पानी की मांग पूरी होने के बाद त्योहार जैसा माहौल है। गांव में इस उपलब्धि को लेकर खुशी और उत्सव का वातावरण देखा जा रहा है।2
- Available for Sale Brand : Tata Ace Mega XL Model : Mega XL Year of Registration : 2019 Price (₹) : 95000 City / Locality : Jind Vehicle Type : Truck Vehicle Condition : Old Fuel Type : Diesel नए टायर, इंजन गियर ओके खरिदने वाले ही काल करें,1
- उपमंडल इसराना में कई वर्षों से मौजूद समस्याओं के बीच, स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह इसराना सर्विस रोड पर पानी भरा होना और बड़े-बड़े गड्ढे होना है। इसी कड़ी में, 20 जून की दोपहर को इसराना सर्विस रोड पर एक बड़ा हादसा हुआ जब लकड़ी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बाजार की तरफ जा रही थी। सड़क पर पानी भरा होने के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दिया और ट्रॉली का एक पहिया गड्ढे में चला गया। गड्ढे में जाने से ट्रॉली असंतुलित होकर पलट गई, जिससे सर्विस रोड पर आवागमन बाधित हो गया और भारी जाम लग गया। घटना की जानकारी मिलने पर, पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और यातायात को सामान्य करते हुए जाम खुलवाया।1
- भिवानी में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजर पुलिस ने शहर भर में एक सघन सर्चिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई नीट परीक्षा के आयोजन के संबंध में की गई।1
- हरियाणा में राव तुलाराम मेडिकल कॉलेज घसोला का मामला गरमा गया है, जहाँ कॉलेज के नाम को लेकर मुख्य विवाद छिड़ा हुआ है। गांव घसोला के ग्रामीण मेडिकल कॉलेज का नाम बदलवाने की मांग पर अड़े हैं और इस संबंध में एक पंचायत भी आयोजित कर चुके हैं। अपनी मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसी बीच, कई अन्य गांवों ने मेडिकल कॉलेज को अपने क्षेत्र में स्थापित करने की इच्छा जताई है। गांव सावड़ और अचीना की पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर सरकार से अनुरोध किया है कि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में बनाया जाए। गांव कपूरी रामनगर की पंचायत ने भी सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने की तत्परता व्यक्त की है। कपूरी रामनगर पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में राव तुलाराम के नाम से बनता है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।1
- हरियाणा के भिवानी जिले में करोड़ों रुपये की एक जमीन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे पूरे भिवानी का माहौल गरमा गया है। इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी जनता और अन्य पक्षों के बीच चर्चा का एक अहम विषय बनी हुई है।1
- जींद जिले के उचाना नागरिक अस्पताल में लगभग 50 से 60 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया फायर फाइटिंग सिस्टम पिछले तीन वर्षों से पानी की अनुपलब्धता के कारण पूरी तरह से संचालित नहीं हो पा रहा है। आगजनी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए लगाया गया यह आधुनिक सिस्टम वर्तमान में धूल फांक रहा है, जबकि अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों का आवागमन रहता है। जानकारी के अनुसार, इस सिस्टम को अस्पताल की नई बिल्डिंग के निर्माण के दौरान स्थापित किया गया था। इसके तहत अस्पताल परिसर में करीब डेढ़ से ढाई लाख लीटर क्षमता का एक पानी का टैंक भी बनाया गया, लेकिन इस टैंक को नियमित रूप से भरने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी, जिस वजह से सिस्टम चालू नहीं रह सका। इतना ही नहीं, मशीनरी वाले हिस्से में लीकेज के कारण पानी जैट पंपों में जमा हो जाता है, जिससे तकनीकी दिक्कतें भी बनी हुई हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी इमारत में लगभग 90 अग्निशामक यंत्र और फायर फाइटिंग पाइपलाइन के साथ प्रेशर वाले फव्वारे भी लगाए हैं, लेकिन मुख्य सिस्टम के बंद रहने से इनकी उपयोगिता सीमित हो गई है। नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि फायर फाइटिंग सिस्टम नई बिल्डिंग के निर्माण के समय लगाया गया था और शुरुआती ट्रायल के दौरान यह सही ढंग से काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि इतने बड़े टैंक को नियमित रूप से भरने के लिए पर्याप्त जल आपूर्ति उपलब्ध नहीं है, और सिस्टम को चालू रखने के लिए टैंक का हमेशा भरा रहना आवश्यक है। डॉ. गर्ग ने यह भी बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल विभाग से नहर के माध्यम से विशेष लाइन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, फायर टैंक और मशीनरी हिस्से में मौजूद लीकेज की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे सिस्टम की दोबारा जांच और मरम्मत करवाकर इसे जल्द चालू करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य में मरीजों, कर्मचारियों और अस्पताल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1