घाटमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती कानपुर घाटमपुर के नौबस्ता पश्चिमी स्थित अंबेडकर पार्क में बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मीना संखवार अपने दल बल के बाबा साहेब के प्रतीकात्मक बने हरिश्चंद्र को माल्यार्पण कर स्वागत किया और प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं प्रभात फेरी कार्यक्रम में सम्मिलित हुई। मीना संखवार ने लोगों से कहा कि हमें आज उनके आदर्श समता, न्याय और अधिकारों की प्रेरणा देते हैं। साथ ही लोगों का स्वागत करते हुए बाबा साहेब के शिक्षा, समानता और बंधुत्व के विचारों को अपनाने का संकल्प लिया। वहीं क्षेत्र के रेउना श्योढा़री, बरौली, जहांगीराबाद, गोपालपुर, इच्छौली, दुर्गा गंज,कठारा, तमाम गांवों में बाबासाहेब की झांकी निकाल कर गांव में भ्रमण किया। वहीं आछी मोहाल पश्चिमी व नौबस्ता में डीजे ढोल नगाड़े बजाकर खुशी व्यक्त किया। जुलूस में राजेश कुमार संखवार सभासद विजय कुमार वाल्मिकी सभासद, तुलसी राम,शिवदास,व सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
घाटमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती कानपुर घाटमपुर के नौबस्ता पश्चिमी स्थित अंबेडकर पार्क में बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मीना संखवार अपने दल बल के बाबा
साहेब के प्रतीकात्मक बने हरिश्चंद्र को माल्यार्पण कर स्वागत किया और प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं प्रभात फेरी कार्यक्रम में सम्मिलित हुई। मीना संखवार ने लोगों से कहा कि हमें आज उनके आदर्श समता, न्याय और
अधिकारों की प्रेरणा देते हैं। साथ ही लोगों का स्वागत करते हुए बाबा साहेब के शिक्षा, समानता और बंधुत्व के विचारों को अपनाने का संकल्प लिया। वहीं क्षेत्र के रेउना श्योढा़री, बरौली, जहांगीराबाद, गोपालपुर, इच्छौली, दुर्गा गंज,कठारा, तमाम गांवों में
बाबासाहेब की झांकी निकाल कर गांव में भ्रमण किया। वहीं आछी मोहाल पश्चिमी व नौबस्ता में डीजे ढोल नगाड़े बजाकर खुशी व्यक्त किया। जुलूस में राजेश कुमार संखवार सभासद विजय कुमार वाल्मिकी सभासद, तुलसी राम,शिवदास,व सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत कानपुर के घाटमपुर कस्बे पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार तैयार किए। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने इन पंडालों में उपस्थित होकर महाराज के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर केवल फलाहार ग्रहण कर रहे हैं। वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में नहीं ठहरते हैं, बल्कि अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से होते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहां उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इस मौके पर जन्मेजय गोस्वामी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी 'गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत घाटमपुर कस्बे में पहुंचे। इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की मांग करना है। इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्मप्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार स्थापित किए थे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने पंडालों में उपस्थित होकर महाराज जी के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए। शंकराचार्य जी इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर रहे हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं; वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में न ठहरकर अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं। पुखरायां और घाटमपुर से आगे बढ़ते हुए, शंकराचार्य जी का काफिला अब कानपुर नगर के किदवई नगर और सीसामऊ क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहाँ उनकी एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए, कस्बा चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने इस अवसर पर दोहराया कि जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तब तक उनका यह संघर्ष अविराम जारी रहेगा।1
- हमीरपुर के जिलाधिकारी को जनता दल यूनाइटेड के जिलाध्यक्ष अत्री कुमार यादव ने विनोद पाल की गिरफ्तारी के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि टिकरौली गांव निवासी स्वर्गीय रज्जू के पुत्र रामबाबू पर 16 मई 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे उनके घर पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले की योजना मनोज पाल, सुनीता (जो भारत की पत्नी हैं), सावित्री (जो मनोज की पत्नी हैं), और विनोद पाल की पत्नी ज्ञानेंद्रिय ने मिलकर बनाई थी। इन लोगों ने लोहे की रॉड, लाठी-डंडे लेकर रामबाबू को जान से मारने की कोशिश की और उनके गले में रस्सी का फंदा डालकर भी जान लेने का प्रयास किया। इस घटना में रामबाबू और गीता दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित परिवार रामबाबू को विपक्षी लोग, जिनमें मनोज पाल, सुनीता, सावित्री, विनोद और ज्ञानेंद्रिय शामिल हैं, लगातार गांव में न रहने देने की धमकी दे रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई है कि विनोद पाल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार रामबाबू को न्याय और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तथा सभी विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- कानपुर नगर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित लाल बंगला ओमपुरवा में, आनंद नगर विकास समिति ने बढ़ती गर्मी के तापमान को देखते हुए एक सराहनीय पहल की है। समिति ने ओमपुरवा स्थित प्रभु धाम मंदिर में ठंडे शरबत की व्यवस्था की, जिसका आयोजन 31 मई, रविवार को लगभग शाम 4 बजे किया गया। आनंद नगर विकास समिति द्वारा वार्ड 29 के अंतर्गत आने वाले ओमपुरवा मार्केट और ओमपुरवा फर्नीचर मार्केट में मीठे शरबत का वितरण किया गया। इस दौरान सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों, राहगीरों और बच्चों सहित कई लोगों ने ठंडे शरबत का जलपान कर गर्मी से राहत महसूस की। इस खबर को वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र ने कानपुर से अपने संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट के माध्यम से प्रकाशित किया है।1
- कानपुर के चौबेपुर स्थित मरियानी गांव में हाइवे पर एक अंधा और खतरनाक मोड़ है। यह मोड़ अब तक कई लोगों की जान ले चुका है, जिससे यह क्षेत्र के लिए बेहद घातक साबित हुआ है।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में पिछले 48 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। भीषण गर्मी से परेशान स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इस विरोध प्रदर्शन के तहत, दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुमेरपुर के पावर हाउस पहुंच गईं और वहाँ जमकर हंगामा किया। लोगों के तीव्र आक्रोश से बचने के लिए, पावर हाउस के कर्मचारी खुद को कमरों में बंद करने को मजबूर हो गए। महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर पावर हाउस में ही धरना देकर विरोध दर्ज कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।4