राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, डीसी ने की प्रगति की समीक्षा निर्धारित समय सीमा में पूरे हों स्वीकृत कार्य, गुणवत्ता से समझौता न करने के दिए निर्देश चम्बा, 27 अगस्त। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज एनआईसी कक्ष में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं सुरक्षा कार्यों की स्थिति और प्रगति की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी उपमंडलों में निधि के तहत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान बाढ़ सुरक्षा, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य, अग्नि सुरक्षा से संबंधित कार्यों तथा विद्यालय भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं आवश्यक सुधार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों तथा कार्यों को पूरा करने में आ रही संभावित समस्याओं की जानकारी भी ली। लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति से उपायुक्त को अवगत करवाया। बैठक में सड़क एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ-साथ जलापूर्ति एवं बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जिले के स्वास्थ्य संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य आवश्यक सार्वजनिक भवनों में निधि के तहत किए जा रहे निर्माण, सुदृढ़ीकरण और सुधार कार्यों की स्थिति भी बैठक में चर्चा का विषय रही। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में संभावित नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आपदा न्यूनीकरण से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करें। बैठक में अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग जितेंद्र शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कानव बड़ोत्रा सहित विभिन्न उपमंडलों के अधिशाषी अभियंता व अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, डीसी ने की प्रगति की समीक्षा निर्धारित समय सीमा में पूरे हों स्वीकृत कार्य, गुणवत्ता से समझौता न करने के दिए निर्देश चम्बा, 27 अगस्त। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज एनआईसी कक्ष में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं सुरक्षा कार्यों की स्थिति और प्रगति की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी उपमंडलों में निधि के तहत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान बाढ़ सुरक्षा, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य, अग्नि सुरक्षा से संबंधित कार्यों तथा विद्यालय भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं आवश्यक सुधार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों तथा कार्यों को पूरा करने में आ रही संभावित समस्याओं की जानकारी भी ली। लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति से उपायुक्त को अवगत करवाया। बैठक में सड़क एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ-साथ
जलापूर्ति एवं बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जिले के स्वास्थ्य संस्थानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य आवश्यक सार्वजनिक भवनों में निधि के तहत किए जा रहे निर्माण, सुदृढ़ीकरण और सुधार कार्यों की स्थिति भी बैठक में चर्चा का विषय रही। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में संभावित नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आपदा न्यूनीकरण से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करें। बैठक में अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग जितेंद्र शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कानव बड़ोत्रा सहित विभिन्न उपमंडलों के अधिशाषी अभियंता व अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
- नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे नेपाल से बड़ी खबर... नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। तिब्बत सीमा से सटे तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी सहित आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की तेज धार के साथ आया मलबा कई इलाकों में तबाही मचाता हुआ आगे बढ़ा। हाइड्रो पावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। बाद में नेपाल पुलिस की ओर से मृतकों की संख्या बढ़कर 95 तक पहुंचने की सूचना सामने आई। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। इस प्राकृतिक आपदा में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। इनमें तिमुरे, रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और आसपास के क्षेत्रों में तैनात जवान शामिल हैं। बाढ़ से कई सड़क मार्ग और पुल टूट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। नेपाल सरकार ने सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, बाढ़ के कारणों को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचनाओं में तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन अथवा नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई जा रही है। नेपाल में भोटे कोशी की इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे1
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब कुछ चुनिंदा तिथियों पर बड़ोह रोड और नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध प्री अपॉइंटमेंट ज़रूरी है1
- सुजानपुर सुजानपुर उपमंडल अधिकारी ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ पौधे लगाए। ओम मंडल अधिकारी ने कहा कि यह पेड़ मैदान के चारों तरफ लगाए जाएंगे,ताकि मैदान में आने वाले लोगों और राहगीरों को छाया मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों से भी अपील की जाएगी कि मैदान में पशुओं को ना आने दे। पेड़ों को बचाने के लिए बचाव के तरीके भी अपनाया जाएंगे।1
- बिजली का खंबा जो टूटा हुआ है उसे हटाया जाए और दूसरा लगाया जाए बिजली का खंबा यहां से हटाया जाए है और साथ में हमारा घर है बच्चे नीचे जाते हैं साइकिल चलाते हैं पानी भर के ले जाते हैं यहां कल को कोई दुर्घटना हो गई तो इसका जिम्मेवार कौन होगा इसकी कंप्लेंट 2 साल से ऊपर हो गए बट कोई सुनवाई नहीं3
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब चुनिंदा तिथियों को बड़ोह रोड नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध पप्री अपॉइंटमेंट ले कर मिलें1
- 100 फीट गहरी खाई में गिरा भेड़पालक, साथियों ने पीठ पर उठाकर बचाई जान; ‘जाको राखे साइयां…’ कहावत हुई चरितार्थ। चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बावजूद भेड़पालक की जान बच गई। हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। घायल साथी को सड़क तक पहुंचाने के लिए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर का कठिन सफर पैदल तय किया। घटना की तस्वीरें चुराह क्षेत्र की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार भेड़पालकों का एक दल हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौल-स्पीति से अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान दल जब तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा तो अचानक एक भेड़पालक का पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत घायल साथी को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। साथियों ने पीठ पर उठाकर तय किया कई किलोमीटर का सफर हादसे की गंभीरता के बावजूद घायल को मौके से सड़क तक पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के बीच साथियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला। सड़क तक पहुंचने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होने के कारण साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर चले। इस दौरान उन्होंने न केवल अपने साथी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, बल्कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। काफी मशक्कत के बाद घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया। मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला बना जीवन की सबसे बड़ी ताकत हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कहावत “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” को चरितार्थ कर दिया। वहीं, घायल भेड़पालक के साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, वह इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी हादसे के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में साथियों की तत्परता, हिम्मत और सूझबूझ ने घायल को समय पर उपचार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ, हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।1
- chin se nepal men aaya mahapralay dekhen is video men puri news1
- #Om_Shanti #poonch_Accident #Shiendra दर्दनाक सड़क हादसा: 5 लोगों की मौत, कई घायल सीरी चोवाना–शिएंद्रा सड़क पर हुए भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दें। वहीं, जो लोग घायल हुए हैं, ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ एवं तंदुरुस्त करें। 🙏 #BreakingNews #SadNews #RoadAccident #JammuKashmir #AccidentNews1