असम के शिवसागर शहर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश तथा नदियों के उफान के कारण भयंकर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। रात में स्टेशन चौराहे (चारिआली) पर पानी का प्रचंड बहाव देखा गया, जिससे पूरे शहर में हालात खतरनाक बने हुए हैं। समूचे व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, जिससे सभी प्रकार की आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रात 10 बजे भी बाढ़ के पानी में डूबे शहर में विधायक अखिल गोगोई पीड़ितों के बीच मौजूद रहे और स्थानीय लोगों के साथ खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया। अखिल गोगोई ने सरकार और प्रशासन पर बाढ़ प्रबंधन में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि 27 बाढ़ प्रभावित पंचायतों की विशाल आबादी की तुलना में केवल 13 सरकारी नावों को काम पर लगाया गया है, जो बेहद अपर्याप्त हैं। असम में इस साल आई बाढ़ से कई जिलों में हालत नाजुक बनी हुई है, जिनमें शिवसागर और जोरहाट सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हैं। हालांकि SDRF की टीमें नावों की मदद से लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं, लेकिन पीड़ितों का स्पष्ट कहना है कि चलाए जा रहे राहत कार्य नाकाफी हैं।
असम के शिवसागर शहर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश तथा नदियों के उफान के कारण भयंकर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। रात में स्टेशन चौराहे (चारिआली) पर पानी का प्रचंड बहाव देखा गया, जिससे पूरे शहर में हालात खतरनाक बने हुए हैं। समूचे व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, जिससे सभी प्रकार की आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है
और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रात 10 बजे भी बाढ़ के पानी में डूबे शहर में विधायक अखिल गोगोई पीड़ितों के बीच मौजूद रहे और स्थानीय लोगों के साथ खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया। अखिल गोगोई ने सरकार और प्रशासन पर बाढ़ प्रबंधन में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि 27 बाढ़ प्रभावित पंचायतों की विशाल आबादी की तुलना में केवल
13 सरकारी नावों को काम पर लगाया गया है, जो बेहद अपर्याप्त हैं। असम में इस साल आई बाढ़ से कई जिलों में हालत नाजुक बनी हुई है, जिनमें शिवसागर और जोरहाट सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र हैं। हालांकि SDRF की टीमें नावों की मदद से लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं, लेकिन पीड़ितों का स्पष्ट कहना है कि चलाए जा रहे राहत कार्य नाकाफी हैं।
- अखिलेश यादव ने सदन में छात्रों के हक को लेकर अपना रौद्र रूप दिखाया है। उन्होंने सदन के भीतर विद्यार्थियों के अधिकारों के मुद्दे पर बेहद आक्रामक और उग्र रुख अपनाते हुए अपनी बात रखी।1
- जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान कांठ विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमाल अख्तर बीजेपी पर जमकर बरसे। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बीजेपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जोरदार हमला बोला।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा को लेकर AIMIM का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इस जनसभा की तैयारियों को लेकर पार्टी के नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की सदर तहसील स्थित अजीम नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बजावाला (पोस्ट खोत) में करीब पांच गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इस रास्ते से पांचों गांवों के लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इस समय मार्ग अवरुद्ध हो जाने के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। स्थानीय निवासी रिजवान तुर्क का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान हर बार केवल वादे करते हैं, लेकिन काम कोई नहीं करता। ग्रामीणों ने हाथ जोड़कर रामपुर के डीएम साहब और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से इस रास्ते का निर्माण कराने और तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।1
- संसद भवन परिसर में लामबंद होकर विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।1
- मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरेर के लोग स्थानीय प्रधान की कार्यप्रणाली से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान गांव में कोई भी काम नहीं करा रहा है, जिसके कारण गांव के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1