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सुपौल जिला परिषद के लिए युवा नेता राकेश रौशन ने अपनी दावेदारी पेश की है। पिपरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे रौशन 'नई सोच' के साथ लोगों से समर्थन मांग रहे हैं।
RAKESH ROSHAN
सुपौल जिला परिषद के लिए युवा नेता राकेश रौशन ने अपनी दावेदारी पेश की है। पिपरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे रौशन 'नई सोच' के साथ लोगों से समर्थन मांग रहे हैं।
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- बिहार में आयोजित “सहयोग शिविर” में मंत्री शीला मंडल ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी जन-शिकायतों का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए। मंत्री ने “सहयोग पोर्टल” के बारे में भी जानकारी दी, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।4
- बिहार के सुपौल में एक नागरिक ने मौजूदा परिस्थितियों पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि देश में भाजपा की सरकार होती तो ऐसे दिन देखने को नहीं मिलते। यह टिप्पणी वर्तमान सरकार के प्रति असंतोष और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के लिए समर्थन को दर्शाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।1
- सुपौल के छातापुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 19 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। स्कूल की पहली मंजिल पर शव मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।1
- बिहार के झंझारपुर अनुमंडल में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से आम जनता बेहाल है। भीषण गर्मी में घंटों लाइन में लगने के बाद भी अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह संकट गहराता जा रहा है, जिससे बड़े आंदोलन की आशंका है।1
- बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तेजस्वी यादव ने सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा। इस आरोप-प्रत्यारोप से राज्य में सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है।1
- सहरसा के सोर बाज़ार प्रखंड में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से कई अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे ट्रैक्टरों को ज़ब्त किया, जिससे माफिया में हड़कंप मच गया।1
- यह टिप्पणी सामने आई है कि केवल मुसलमानों के गाय-भैंस ले जाने से ही धार्मिक आस्था आहत होती है। यह बयान देश में धर्म के आधार पर आस्था की संवेदनशीलता में संभावित भेदभाव की ओर इशारा करता है, जिस पर व्यापक बहस छिड़ गई है।1
- सुपौल में 'जनजातीय गरिमा उत्सव 2026' के तहत 'जनभागीदारी अभियान: सबसे दूर, सबसे पहले' कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशासन ने बिहार के जनजातीय समुदाय तक सभी सरकारी योजनाओं का 100% लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया है। इस दौरान डीएम सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में समुदाय के लोग मौजूद रहे।1
- बिहार के शिक्षा मंत्री के एक बयान से राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वे अपने विभाग की गंभीर समस्याओं को सुलझाने के बजाय स्वास्थ्य मंत्री बनने की इच्छा जता रहे हैं। इस पर जनता और छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिससे नाराजगी बढ़ गई है।1