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प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच पूर्व सैनिकों ने मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उन्होंने काल्विन क्षेत्र में शरबत वितरण कर लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुँचाई और मानवता का संदेश दिया। इस पहल को डॉक्टरों ने भी सराहा, जिससे पूर्व सैनिकों का हौसला और बढ़ गया। देश की रक्षा के बाद अब ये सैनिक मानवता की सेवा में जुट गए हैं।

1 day ago
user_ASBABE HINDUSTAN  HINDUSTAN
ASBABE HINDUSTAN HINDUSTAN
इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच पूर्व सैनिकों ने मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उन्होंने काल्विन क्षेत्र में शरबत वितरण कर लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुँचाई और मानवता का संदेश दिया। इस पहल को डॉक्टरों ने भी सराहा, जिससे पूर्व सैनिकों का हौसला और बढ़ गया। देश की रक्षा के बाद अब ये सैनिक मानवता की सेवा में जुट गए हैं।

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  • प्रयागराज के शंकरगढ़ कस्बे में शनिवार को मोहर्रम का जुलूस पूरी आस्था, श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ताजियादारों ने स्थानीय इमामबाड़े पर ताजियों का मिलन कराया, जिसके बाद दोपहर में पारंपरिक मार्ग से जुलूस निकाला गया। यह जुलूस छतरी कोठी, गल्ला मंडी, सदर बाजार, राम भवन चौराहा और राजा कोठी होते हुए देर शाम ईदगाह स्थित कर्बला पहुंचा। वहां गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने "या अली" और "या हुसैन" की सदाओं के साथ मातम कर कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद किया, और पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्ष स्वयं अपनी टीम के साथ जुलूस में शामिल रहे और चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। ड्रोन कैमरे का उपयोग कर पूरे रूट पर नजर रखी गई, जिससे यह आयोजन बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हो सका। स्थानीय लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी और जलपान की व्यापक व्यवस्था की गई थी। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने मिलकर सौहार्द की एक मिसाल पेश की। जुलूस समाप्त होने के बाद भी पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में गश्त जारी रखी।
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    प्रयागराज के शंकरगढ़ कस्बे में शनिवार को मोहर्रम का जुलूस पूरी आस्था, श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ताजियादारों ने स्थानीय इमामबाड़े पर ताजियों का मिलन कराया, जिसके बाद दोपहर में पारंपरिक मार्ग से जुलूस निकाला गया।

यह जुलूस छतरी कोठी, गल्ला मंडी, सदर बाजार, राम भवन चौराहा और राजा कोठी होते हुए देर शाम ईदगाह स्थित कर्बला पहुंचा। वहां गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने "या अली" और "या हुसैन" की सदाओं के साथ मातम कर कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद किया, और पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। एसडीएम, सीओ और थानाध्यक्ष स्वयं अपनी टीम के साथ जुलूस में शामिल रहे और चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। ड्रोन कैमरे का उपयोग कर पूरे रूट पर नजर रखी गई, जिससे यह आयोजन बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हो सका।

स्थानीय लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी और जलपान की व्यापक व्यवस्था की गई थी। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने मिलकर सौहार्द की एक मिसाल पेश की। जुलूस समाप्त होने के बाद भी पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में गश्त जारी रखी।
    user_शनि कुमार यादव
    शनि कुमार यादव
    Court reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • माहे मोहर्रम के आशूरा पर्व को गमगीन माहौल में मनाया गया। इस दौरान चारों ओर 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। बुढ्ढा ताजिया को उसकी मंज़िले मकसूद पर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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    माहे मोहर्रम के आशूरा पर्व को गमगीन माहौल में मनाया गया। इस दौरान चारों ओर 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। बुढ्ढा ताजिया को उसकी मंज़िले मकसूद पर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
    user_ASBABE HINDUSTAN  HINDUSTAN
    ASBABE HINDUSTAN HINDUSTAN
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ में मुहर्रम का जुलूस अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में अक़ीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान लोगों ने अपनी गहरी श्रद्धा और आपसी मेलजोल का प्रदर्शन किया।
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    प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ में मुहर्रम का जुलूस अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में अक़ीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान लोगों ने अपनी गहरी श्रद्धा और आपसी मेलजोल का प्रदर्शन किया।
    user_Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़
    Manish Susari संपादकस्थानीयsi न्यूज़
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देश पर, पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं सांसद अरुण भारती तथा प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने मेजा थाना क्षेत्र की ग्राम सभा कुकुरकुटवा में एक शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा 16 जून 2026 को हुए उस नृशंस हत्याकांड के बाद था, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी गई थी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में अरुण भारती, धीरेंद्र सिंह मुन्ना, राजीव पासी, कमला कुमारी, धनंजय दुबे, आशुतोष सिंह गहरवार, जितेंद्र पासी, प्रशांत श्रीवास्तव, अवनीश तिवारी, रामविलास पासी, विनय कुशवाहा, बिजेंद्र राय, विनीत सिंह, आशीष पटेल, संजीव पाण्डेय, शिवम मिश्रा, प्रीति उपाध्याय, देवेंद्र तिवारी, रामभवन गहलोत, हैदर अब्बास और संभाशंकर दुबे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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    लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देश पर, पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं सांसद अरुण भारती तथा प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने मेजा थाना क्षेत्र की ग्राम सभा कुकुरकुटवा में एक शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा 16 जून 2026 को हुए उस नृशंस हत्याकांड के बाद था, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी गई थी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इस प्रतिनिधिमंडल में अरुण भारती, धीरेंद्र सिंह मुन्ना, राजीव पासी, कमला कुमारी, धनंजय दुबे, आशुतोष सिंह गहरवार, जितेंद्र पासी, प्रशांत श्रीवास्तव, अवनीश तिवारी, रामविलास पासी, विनय कुशवाहा, बिजेंद्र राय, विनीत सिंह, आशीष पटेल, संजीव पाण्डेय, शिवम मिश्रा, प्रीति उपाध्याय, देवेंद्र तिवारी, रामभवन गहलोत, हैदर अब्बास और संभाशंकर दुबे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
    user_SHISHIR GUPTA
    SHISHIR GUPTA
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • फूलपुर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा के नाम से जाना जाता है, पूरी अकीदत और गम के साथ मनाया गया। यह दिन इस्लामी इतिहास में विशेष महत्व रखता है, जब सन 61 हिजरी में इराक की करबला धरती पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों ने सत्य, इंसाफ और मानवता के लिए शहादत दी थी। इस अवसर पर इमाम हुसैन के सब्र और कुर्बानी की मिसाल को याद करते हुए ताजिया, अलम के जुलूस निकाले गए और हर मोहल्ले में लंगर का आयोजन किया गया। नौवीं मोहर्रम की रात से ही मुल्लाना, कोहना, कैथाना आदि मोहल्लों से ताजिया निकाला गया था, जो भोर में हवेली पहुंचा, जहां अंगारा का मातम हुआ। इसके बाद सभी मोहल्लों के ताजिया अपने-अपने इमाम चौक पर रखे गए। दसवीं मोहर्रम को सुबह 9 बजे कैथाने मोहल्ले से ताजिया उठाई गई, जो हवेली पहुंची। दिन में 3 बजे हवेली में मौलाना हाशिर जैदी ने मजलिस पढ़ी और करबला के पैगाम को इंसानियत, सब्र, भाईचारे और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश बताया। मजलिस के बाद, सभी मोहल्लों की ताजिया अपने कदमी रास्ते से होती हुई कोहना, शुक्लाना, जाफरगंज, इस्माइलगंज, बानगी बाजार पहुंची। यहां अंजुमने अब्बासिया के ईशान जैदी, जमन फूलपुर और नवाज़ लखनवी ने नौहा पढ़ा, जिसके बाद बड़ों और छोटे बच्चों ने जंजीर का मातम किया। जुलूस दुनियागंज, जमीलाबाद, पूरा अच्छई सिकंदरा रोड होते हुए करबला पहुंचा, जहां फूलों को दफन किया गया और 72 शहीदों की शहादत व करबला के वाक्यात का बयान करने वाली एक और मजलिस हुई, जिससे सभी की आँखें नम हो गईं। जगह-जगह सबील लगाकर पानी और शरबत का भी इंतजाम किया गया था। इस पूरे आयोजन के दौरान, फूलपुर के कोतवाल शेषनाथ पाल ने अपने हमराहियों के साथ शांतिपूर्ण संपन्नता सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की थी। जुलूस का नेतृत्व कस्बा फूलपुर के मोतवल्ली ब्लॉगत हुसैन उर्फ बल्लन ने किया। इसमें जलालत हुसैन उर्फ शेखू, सैयद असकरी रजा जैदी, बदरुल हसन जैदी, मंसूर आलम, सैयद इखलाक अहमद, सैयद इलियास अहमद, कैथाने के मोतवल्ली मो असीम, कोहना मोतवल्ली नईम, नई बस्ती मोतवल्ली अख्तर, सभासद मो दानिश सहित कई अन्य लोग शामिल रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए अकीदत पेश की।
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    फूलपुर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा के नाम से जाना जाता है, पूरी अकीदत और गम के साथ मनाया गया। यह दिन इस्लामी इतिहास में विशेष महत्व रखता है, जब सन 61 हिजरी में इराक की करबला धरती पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों ने सत्य, इंसाफ और मानवता के लिए शहादत दी थी। इस अवसर पर इमाम हुसैन के सब्र और कुर्बानी की मिसाल को याद करते हुए ताजिया, अलम के जुलूस निकाले गए और हर मोहल्ले में लंगर का आयोजन किया गया।

नौवीं मोहर्रम की रात से ही मुल्लाना, कोहना, कैथाना आदि मोहल्लों से ताजिया निकाला गया था, जो भोर में हवेली पहुंचा, जहां अंगारा का मातम हुआ। इसके बाद सभी मोहल्लों के ताजिया अपने-अपने इमाम चौक पर रखे गए। दसवीं मोहर्रम को सुबह 9 बजे कैथाने मोहल्ले से ताजिया उठाई गई, जो हवेली पहुंची। दिन में 3 बजे हवेली में मौलाना हाशिर जैदी ने मजलिस पढ़ी और करबला के पैगाम को इंसानियत, सब्र, भाईचारे और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश बताया। मजलिस के बाद, सभी मोहल्लों की ताजिया अपने कदमी रास्ते से होती हुई कोहना, शुक्लाना, जाफरगंज, इस्माइलगंज, बानगी बाजार पहुंची। यहां अंजुमने अब्बासिया के ईशान जैदी, जमन फूलपुर और नवाज़ लखनवी ने नौहा पढ़ा, जिसके बाद बड़ों और छोटे बच्चों ने जंजीर का मातम किया। जुलूस दुनियागंज, जमीलाबाद, पूरा अच्छई सिकंदरा रोड होते हुए करबला पहुंचा, जहां फूलों को दफन किया गया और 72 शहीदों की शहादत व करबला के वाक्यात का बयान करने वाली एक और मजलिस हुई, जिससे सभी की आँखें नम हो गईं। जगह-जगह सबील लगाकर पानी और शरबत का भी इंतजाम किया गया था।

इस पूरे आयोजन के दौरान, फूलपुर के कोतवाल शेषनाथ पाल ने अपने हमराहियों के साथ शांतिपूर्ण संपन्नता सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की थी। जुलूस का नेतृत्व कस्बा फूलपुर के मोतवल्ली ब्लॉगत हुसैन उर्फ बल्लन ने किया। इसमें जलालत हुसैन उर्फ शेखू, सैयद असकरी रजा जैदी, बदरुल हसन जैदी, मंसूर आलम, सैयद इखलाक अहमद, सैयद इलियास अहमद, कैथाने के मोतवल्ली मो असीम, कोहना मोतवल्ली नईम, नई बस्ती मोतवल्ली अख्तर, सभासद मो दानिश सहित कई अन्य लोग शामिल रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए अकीदत पेश की।
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    पत्रकार Prayagraj, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र के दांदूपुर गांव में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर अकीदत का सिलसिला गुरुवार रात से शुरू होकर शुक्रवार को पूरे धार्मिक और गमगीन माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान 'या हुसैन' की सदाओं और नौहाख्वानी के बीच अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताज़ियों को कंधा देकर करबला के लिए रवाना किया, जिससे पूरे क्षेत्र में गम और अकीदत का माहौल बना रहा। गुरुवार देर रात इमामबाड़ों से ताज़ियों को निकालकर इमाम चौक पर रखा गया, जहाँ पूरी रात अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने ताज़ियों पर नजर-नियाज पेश की और इमाम हुसैन व करबला के शहीदों की याद में नौहाख्वानी और मजलिस का आयोजन किया। मोहर्रम की दसवीं तारीख की सुबह, सबसे पहले इमामबाड़ा अलीमिया से ताज़िया उठाया गया, जिसके बाद गांव के कुल 18 इमामबाड़ों से एक-एक कर ताज़िए निकाले गए। इन सभी ताज़ियों को पारंपरिक मार्गों से होते हुए करबला ले जाया गया, जहाँ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस पूरे रास्ते भर 'या हुसैन' और 'या अब्बास' की सदाएं गूंजती रहीं। ताज़िया जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने हिस्सा लिया। पुराना इमामबाड़ा और बारगाह-ए-मासूमीन से निकले ताज़िया जुलूस में अकीदतमंदों ने जंजीर का मातम भी किया। मातम के दौरान नौहाख्वानों ने करबला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए नौहे पढ़े, जिससे माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया, अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं और हर ओर इमाम हुसैन की याद में मातम का पुरसा पेश किया गया। इसी तरह घूरपुर बाजार, बोगी, सेमरा कल्वना और इरादतगंज जैसे गांवों के अकीदतमंदों ने भी मातमी जुलूस निकाले। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे और जुलूस मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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    प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र के दांदूपुर गांव में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर अकीदत का सिलसिला गुरुवार रात से शुरू होकर शुक्रवार को पूरे धार्मिक और गमगीन माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान 'या हुसैन' की सदाओं और नौहाख्वानी के बीच अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताज़ियों को कंधा देकर करबला के लिए रवाना किया, जिससे पूरे क्षेत्र में गम और अकीदत का माहौल बना रहा। गुरुवार देर रात इमामबाड़ों से ताज़ियों को निकालकर इमाम चौक पर रखा गया, जहाँ पूरी रात अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने ताज़ियों पर नजर-नियाज पेश की और इमाम हुसैन व करबला के शहीदों की याद में नौहाख्वानी और मजलिस का आयोजन किया।

मोहर्रम की दसवीं तारीख की सुबह, सबसे पहले इमामबाड़ा अलीमिया से ताज़िया उठाया गया, जिसके बाद गांव के कुल 18 इमामबाड़ों से एक-एक कर ताज़िए निकाले गए। इन सभी ताज़ियों को पारंपरिक मार्गों से होते हुए करबला ले जाया गया, जहाँ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस पूरे रास्ते भर 'या हुसैन' और 'या अब्बास' की सदाएं गूंजती रहीं। ताज़िया जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने हिस्सा लिया। पुराना इमामबाड़ा और बारगाह-ए-मासूमीन से निकले ताज़िया जुलूस में अकीदतमंदों ने जंजीर का मातम भी किया। मातम के दौरान नौहाख्वानों ने करबला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए नौहे पढ़े, जिससे माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया, अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं और हर ओर इमाम हुसैन की याद में मातम का पुरसा पेश किया गया। इसी तरह घूरपुर बाजार, बोगी, सेमरा कल्वना और इरादतगंज जैसे गांवों के अकीदतमंदों ने भी मातमी जुलूस निकाले।

इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे और जुलूस मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
    user_Ashvani
    Ashvani
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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