भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) की मेरठ जनपद कार्यकारिणी ने 22 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन के अवसर पर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा का आयोजन किया था। यह पदयात्रा किसान-मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गंग नहर (सरधना) से सालावा खेल विश्वविद्यालय तक निकाली जानी थी। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसानों और मजदूरों की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विधिवत ज्ञापन सौंपना था। पदयात्रा जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में आयोजित की जा रही थी। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पदयात्रा शुरू करने के लिए सरधना नहर पर एकत्र हुए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पदयात्रा रोके जाने के बाद जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वहीं पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी भी धरना स्थल पर पहुंचे। मामला बिगड़ता देख उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सरधना ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। पुलिस प्रशासन और तहसीलदार सरधना के अथक प्रयासों से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से किसान-मजदूरों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार सरधना को सौंपा गया। इस दौरान धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में मुंफरीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, शराजुद्दीन, चेयरमैन सहरोज मलिक, रहीश खान, प्रमुख गुप्ता, मनोज पाल, वसीम, अश्वनी, अमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सरधना क्षेत्र की फैक्ट्रियों में आरडीएफ कचरे को जलाए जाने से फैल रहे भीषण प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया, जिससे किसान-मजदूर और आम नागरिक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, खेतों में आवारा पशुओं के आतंक से फसलों के नष्ट होने और किसानों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। तीसरी प्रमुख समस्या मेरठ जनपद में नकली कीटनाशक दवाइयों की खुलेआम बिक्री थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (किसान सभा) की मेरठ जनपद कार्यकारिणी ने 22 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन के अवसर पर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा का आयोजन किया था। यह पदयात्रा किसान-मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गंग नहर (सरधना) से सालावा खेल विश्वविद्यालय तक निकाली जानी थी। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसानों और मजदूरों की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विधिवत ज्ञापन सौंपना था। पदयात्रा जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में आयोजित की जा रही थी। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पदयात्रा शुरू करने के लिए सरधना नहर पर एकत्र हुए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पदयात्रा रोके जाने के बाद जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वहीं पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी भी धरना स्थल पर पहुंचे। मामला बिगड़ता देख उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सरधना ने तहसीलदार को मौके पर भेजा। पुलिस प्रशासन और तहसीलदार सरधना के अथक प्रयासों से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया। इसके बाद संगठन की ओर से किसान-मजदूरों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार सरधना को सौंपा गया। इस दौरान धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में मुंफरीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, शराजुद्दीन, चेयरमैन सहरोज मलिक, रहीश खान, प्रमुख गुप्ता, मनोज पाल, वसीम, अश्वनी, अमित चौधरी सहित बड़ी संख्या में संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सरधना क्षेत्र की फैक्ट्रियों में आरडीएफ कचरे को जलाए जाने से फैल रहे भीषण प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया, जिससे किसान-मजदूर और आम नागरिक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, खेतों में आवारा पशुओं के आतंक से फसलों के नष्ट होने और किसानों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। तीसरी प्रमुख समस्या मेरठ जनपद में नकली कीटनाशक दवाइयों की खुलेआम बिक्री थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- ✍️ पारूल सिरोही👉D.S. न्यूज 🎤 👉 मेरठ सरधना कालंद चुंगी जाम से जूझता👉 शासन प्रशासन बेखर, जनता हाल से बेहाल ऐसा है हमारे सरधना का हाल । लाइक शेयर सब्सक्राइब करते रहे आप ।1
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- बिग न्यूज मुजफ्फरनगर जनपद मुजफ्फरनगर श्री राम मंदिर अयोध्या की द्वितीय वर्षगांठ पर आनंदपुरी पहुंचे सरधना से पूर्व विधायक संगीत सोम, हिंदू संगठनों ने किया स्वागत। भारी पुलिस फोर्स की गई तैनात.3
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- मेरठ | सरधना मेरठ के सरधना तहसील क्षेत्र स्थित सलावा गांव में बन रही मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 जनवरी 2026 को दौरे पर आने वाले हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीएम, कमिश्नर, डीआईजी और एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, हेलीपैड, मंच और अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हेलीपैड स्थल का भी जायजा लिया गया, वहीं कार्यक्रम को लेकर टेंट लगाने का कार्य भी शुरू हो गया है। टेंट एजेंसियां मौके पर पहुंचकर तैयारियों में जुट गई हैं। अचानक घोषित मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारियों में हलचल मची हुई है और सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और कार्यक्रम पूरी तरह सुचारू रूप से संपन्न कराया जाए।2
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- BAGHPAT DESK:- बागपत में पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर जहरीला पदार्थ खाने वाले फिरोज का एक नया वीडियो सामने आया है। तीन दिन पहले उसने पुलिस पर आरोप लगाते हुए जहरीला पदार्थ खाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब नए वीडियो में फिरोज पुलिस की प्रशंसा कर रहा है और अपनी मानसिक स्थिति को ठीक नहीं बता रहा है। तीन दिन पूर्व फिरोज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था। इस वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि पुलिस उसे बार-बार थाने बुलाकर परेशान कर रही है और उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। वीडियो में जहरीला पदार्थ खाने के बाद परिजनों ने उसे बागपत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ के अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अब सामने आए दूसरे वीडियो में फिरोज पुलिस प्रशासन की प्रशंसा कर रहा है। वह कह रहा है कि पुलिस उसका पूरा सहयोग कर रही है। इस वीडियो में फिरोज ने अपनी मानसिक हालत को ठीक नहीं बताया है। तीन दिन के भीतर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने और फिर उसकी प्रशंसा करने वाले इन दो वीडियो के सामने आने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस विरोधाभासी स्थिति को लेकर विभिन्न तरह की बातें की जा रही हैं।1