बरहट में हर घर नल का जल योजना फेल, ग्रामीणों में आक्रोश जमुई. सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल' योजना के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित बरियारपुर पंचायत के देवाचक महादलित टोला से सामने आई है. सरकारी कागजों में भले ही योजना पूरी तरह चालू दिखाई दे रही हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों के घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है. लाखों रुपये खर्च कर बोरिंग, पाइपलाइन, फिल्टर रूम, स्टैंड पोस्ट और मोटर लगाए गए, लेकिन पूरा ढांचा सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है. इस बदहाली का खामियाजा देवाचक महादलित टोला के वार्ड संख्या 1 और 2 के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. गर्मी हो या बरसात, महादलित व गरीब परिवारों की महिलाएं आज भी दूषित कुएं या दूर-दराज के टोलों से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं. जिन घरों में निजी चापाकल नहीं हैं, उनके सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. गांव के निवासी कांग्रेस यादव, मोती मांझी और दिवाकर कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में दूषित पानी पीने के कारण पूरे गांव में डायरिया फैल गया था. उस समय दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़े थे और एक महिला की मौत भी हो गई थी. तत्कालीन समय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर इलाज तो किया, लेकिन जिस जहरीले व दूषित पानी के कारण यह हादसा हुआ, उसकी व्यवस्था आज तक नहीं बदली गई. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी दूसरी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? स्थानीय महिला नलिया देवी, मंजू देवी, साबित देवी और जयमंती देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि शुद्ध पेयजल अब उनके लिए महज एक सपना बनकर रह गया है. नल-जल योजना की टंकी टूट चुकी है और जगह-जगह स्टैंड पोस्ट उखड़कर गिर चुके हैं. गांव के दोनों सरकारी चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं. जिस कुएं से मजबूरन पानी भरा जा रहा है, उसके चारों ओर कीचड़ और गंदगी का अंबार है. बरसात का गंदा पानी सीधे कुएं में गिर रहा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. इस संबंध में बरियारपुर पंचायत की मुखिया ने बताया कि प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. सरकार के दावों के विपरीत देवाचक टोला के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं. जबकि बीडीओ अनिल मिस्त्री ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है पीएचईडी के कनीय अभियंता को पत्र भेजकर मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही वरीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराकर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा.
बरहट में हर घर नल का जल योजना फेल, ग्रामीणों में आक्रोश जमुई. सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल' योजना के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित बरियारपुर पंचायत के देवाचक महादलित टोला से सामने आई है. सरकारी कागजों में भले ही योजना पूरी तरह चालू दिखाई दे रही हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों के घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है. लाखों रुपये खर्च कर बोरिंग, पाइपलाइन, फिल्टर रूम, स्टैंड पोस्ट और मोटर लगाए गए, लेकिन पूरा ढांचा सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है. इस बदहाली का खामियाजा देवाचक महादलित टोला के वार्ड संख्या 1 और 2 के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. गर्मी हो या बरसात, महादलित व गरीब परिवारों की महिलाएं आज भी दूषित कुएं या दूर-दराज के टोलों से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं. जिन घरों में निजी चापाकल नहीं हैं, उनके सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. गांव के निवासी कांग्रेस यादव, मोती मांझी और दिवाकर कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में दूषित पानी पीने के कारण पूरे गांव में डायरिया फैल गया था. उस समय दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़े थे और एक महिला की मौत भी हो गई थी. तत्कालीन समय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर इलाज तो किया, लेकिन जिस जहरीले व दूषित पानी के कारण यह हादसा हुआ, उसकी व्यवस्था आज तक नहीं बदली गई. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी दूसरी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? स्थानीय महिला नलिया देवी, मंजू देवी, साबित देवी और जयमंती देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि शुद्ध पेयजल अब उनके लिए महज एक सपना बनकर रह गया है. नल-जल योजना की टंकी टूट चुकी है और जगह-जगह स्टैंड पोस्ट उखड़कर गिर चुके हैं. गांव के दोनों सरकारी चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं. जिस कुएं से मजबूरन पानी भरा जा रहा है, उसके चारों ओर कीचड़ और गंदगी का अंबार है. बरसात का गंदा पानी सीधे कुएं में गिर रहा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. इस संबंध में बरियारपुर पंचायत की मुखिया ने बताया कि प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. सरकार के दावों के विपरीत देवाचक टोला के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं. जबकि बीडीओ अनिल मिस्त्री ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है पीएचईडी के कनीय अभियंता को पत्र भेजकर मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही वरीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराकर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा.
- राष्ट्रीय युवा आयोग विधेयक पर चर्चा स्थगित, अगली कार्यवाही का इंतजार राष्ट्रीय युवा आयोग के गठन से संबंधित प्राइवेट मेंबर विधेयक पर संसद में प्रस्तावित चर्चा सदन की कार्यवाही बाधित रहने के कारण निर्धारित समय पर नहीं हो सकी। अब इस विषय पर संसद की आगामी कार्यवाही में चर्चा होने की संभावना को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं। राष्ट्रीय युवा आयोग के गठन का मुद्दा लंबे समय से विभिन्न युवा संगठनों और युवाओं के बीच चर्चा का विषय रहा है। इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी साझा की गई है तथा युवाओं ने अपेक्षा व्यक्त की है कि संसद में इस विधेयक पर जल्द चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। राष्ट्रीय युवा आयोग के गठन को लेकर समर्थकों का मानना है कि इससे युवाओं से जुड़े मुद्दों को संस्थागत स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने और उनके सुझावों को नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने में सहायता मिल सकती है।1
- भादो मेला 2026: "थमे न व्यवस्था, डिगे न सेवा"—सावन की तर्ज पर चाक-चौबंद इंतज़ाम की मांग सावन जैसी सुविधा, भादो में भी रहे जारी": श्रद्धालुओं ने सरकार से लगाई गुहार भादो मेला 2026: "थमे न व्यवस्था, डिगे न सेवा"—सावन की तर्ज पर चाक-चौबंद इंतज़ाम की मांग सावन जैसी सुविधा, भादो में भी रहे जारी": श्रद्धालुओं ने सरकार से लगाई गुहार1
- जमुई में 380 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त | लग्जरी कार से तस्करी नाकाम | 2 तस्कर गिरफ्तार जमुई में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरा पुरानी बाजार स्थित पुल के पास एक लग्जरी कार से 380.160 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तड़के करीब 4 बजे वाहन की घेराबंदी की। टीम को देखकर कार चालक भागने लगा, लेकिन पीछा कर वाहन को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान विभिन्न ब्रांड की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनतेरस कुमार (बोकारो) और प्रकाश कुमार (चास) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि शराब की खेप झारखंड के बोकारो से बेगूसराय ले जाई जा रही थी। उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि शराब तस्करी के खिलाफ जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। जमुई और बिहार की हर बड़ी खबर सबसे पहले देखने के लिए हमारे चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like, Share और Comment करना न भूलें।1
- जमुई में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़! 122 से अधिक साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप-मोबाइल समेत कई डिजिटल सबूत बरामद जमुई। बिहार की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (पटना) ने जमुई साइबर थाना और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए झाझा थाना क्षेत्र के बुढीखार गांव में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सक्रिय सदस्य रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपी का संबंध 122 से अधिक साइबर ठगी शिकायतों से होने का संदेह सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, फर्जी कागजात और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी में किया जाता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराध के एक बड़े गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कस सकता है। सावधान रहें: किसी भी अनजान कॉल, लिंक, QR कोड या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।1
- इस खेत में गोबर खाद के साथ 7.5 एचपी पावर वीडर से जुताई कर प्राकृतिक विधि से ब्रोकली, गोभी, लौकी व बैंगन की खेती होगी। इस खेत में गोबर खाद के साथ 7.5 एचपी पावर वीडर से जुताई कर प्राकृतिक विधि से ब्रोकली, गोभी, लौकी व बैंगन की खेती होगी।1
- लखीसराय जिला नियोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार कैंप में 24 अभ्यर्थियों का हुआ चयन लखीसराय जिला मुख्यालय परिसर स्थित जिला नियोजन कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय रोजगार कैंप में 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। रोजगार कैंप में सत्य माइक्रो कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया।जिला नियोजन कार्यालय कर्मी JSE राहुल कुमार ने बताया कि रोजगार कैंप में कुल 95 अभ्यर्थियों ने अपने बायोडाटा जमा किए। सभी अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के बाद 24 अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे रोजगार कैंप का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा नियोजकों और रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।1
- रामगढ़ चौक: अब "ग्राम कचहरी ऐप" से घर बैठे देखें अपने मामले की स्थिति। रामगढ़ चौक: अब "ग्राम कचहरी ऐप" से घर बैठे देखें अपने मामले की स्थिति। ऑनलाइन आवेदन और ऑर्डर डाउनलोड की सुविधा शुरू, नंदनामा ग्राम कचहरी में मिली सफलता। लखीसराय। रामगढ़ चौक प्रखंड* के आठों ग्राम कचहरी में पिछले 1 साल से ऑनलाइन व्यवस्था लागू है। जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे, लेकिन अब ग्राम कचहरी ऐप पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। इससे ग्रामीणों को अब घर बैठे ही अपने मामले की जानकारी मिल जा रही है। ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज देखने की सुविधा नंदनामा ग्राम कचहरी की सरपंच प्रमिला देवी और सचिव नवलेश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि अब ग्राम कचहरी में आवेदन सीधे ऐप के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। मामले के निष्पादन के बाद ऑर्डर और अन्य दस्तावेज भी ऑनलाइन ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जिसे आवेदक आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। मामले का उदाहरण हाल ही में नंदनामा ग्राम कचहरी में वाद संख्या 4/26 में विकास कुमार शर्मा बनाम प्रवेश शर्मा, नवीन शर्मा, संजीव शर्मा और अरविंद शर्मा का फौजदारी मामला आया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्याय पीठ के पंच सदस्यों ने मामले की हकीकत जानने के लिए आसपास के लोगों से बातचीत और साक्ष्य एकत्रित करने का निर्देश दिया। इसकी अगली तारीख 10 अगस्त निर्धारित की गई। सुनवाई के समय उपसरपंच सियाराम महतो सहित पंच सदस्य पमपम देवी, रिंकू देवी, चंपा देवी, शिल्पी कुमारी, पिंकी देवी, अशर्फी यादव, पिंटू कुमार उपस्थित थे। 3 दिन में जमा करने होंगे मूल दस्तावेज सचिव नवलेश कुमार ने बताया कि ग्राम कचहरी को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए अब सभी आवेदन ऐप के माध्यम से लिए जा रहे हैं। जो आवेदक ऑनलाइन आवेदन करते हैं, उन्हें 3 दिनों के अंदर मूल दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होते हैं। इसके बाद सुनवाई की तारीख तय कर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। इससे आवेदक को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। वे अपने मोबाइल से ही तारीख, ऑर्डर और मामले की स्थिति देख सकते हैं। ग्राम कचहरी के इस डिजिटल कदम से आम लोगों को त्वरित न्याय और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद बढ़ी है।1
- खेत के बगल में घना जंगल है, जो प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का अनमोल स्रोत है। खेत के बगल में घना जंगल है, जो प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का अनमोल स्रोत है।1