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Niteshji Vishwkarmaji
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- Jay Ho1
- भाजपा नेता श्याम साहू ने प्रेस वार्ता में पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी की धोखाधड़ी और षड्यंत्र के विषय में खुलासा किया इन्दौर भाजपा नेता श्याम साहू ने इंदौर के DIGऑफिस स्थित इंडियन कॉफी हाउस में एक प्रेस वार्ता में खुलासा किया कि राहुल गांधी को धोखा देकर युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाला, कानून का उल्लंघन कर मंत्री और अब पीसीसी अध्यक्ष बना कांग्रेस में प्रदेश का मुखिया ही धोखेबाज और झूठा जांच होने पर पासपोर्ट एंव आधार कार्ड एंव पेन कॉर्ड में फर्जीवाड़ा करने का दोषी सिद्ध होगा पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के फर्जीवाड़े करके फर्जी जन्मतिथि शपथपत्र की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तथा डीजीपी एंव चुनाव आयोग के समक्ष दर्ज कराई*फर्जी शपथ पत्र एंव फर्जी जन्मतिथि का उपयोग करने के खिलाफ चुनाव आयोग से जीतू पटवारी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने एंव अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु हाईकोर्ट में याचिका फाइल होगी* मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के संबंध में सामने आए तथ्यों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश कांग्रेस का मुखिया ही धोखाधड़ी, झूठ और षड्यंत्र की राजनीति का प्रतीक है। यह केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्यों और संवैधानिक मूल्यों के उल्लंघन का मामला है। प्राप्त दस्तावेज़ों और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार,जीतू पटवारी ने अलग-अलग सरकारी एवं संवैधानिक दस्तावेज़ों में भिन्न-भिन्न जन्मतिथियाँ दर्शाईं,जिससे यह प्रथम दृष्टया स्पष्ट होता है कि उन्होंने जानबूझकर गलत जानकारी देकर राजनीतिक लाभ प्राप्त किया। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर उन्होंने पहले युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद प्राप्त किया, फिर मंत्री बने और आज पीसीसी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। यह अत्यंत गंभीर तथ्य है कि जिस व्यक्ति ने राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर पद प्राप्त किया, वही आज कांग्रेस संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बना बैठा है। यह स्थिति कांग्रेस पार्टी की साख, नैतिकता और सार्वजनिक विश्वास तीनों पर गहरा प्रश्नचिह्न है। कानूनी दृष्टि से यह मामला अत्यंत गंभीर हैं, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 2008 में फर्जी जन्मतिथि 19 नवम्बर 1974 लिखकर युवक कांग्रेस का अध्यक्ष पद प्राप्त किया जबकि उस वक्त राहुल गांधी ने युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 35 वर्ष उम्र का निर्धारण किया था। जीतू पटवारी ने अपनी असली जन्मतिथि 25 जनवरी 1973 को छिपाकर फर्जी जन्मतिथि 19 नवम्बर 1974 लिखकर युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद प्राप्त किया।राहुल गांधी से छल किया। जीतू पटवारी ने चुनावी शपथ पत्र व नामांकन प्रक्रिया में वास्तविक जन्मतिथि 25/01/1973 छिपाकर फर्जी जन्मतिथि 19/11/1974 दर्शाकर अपराधिक कृत्य करके जनता के साथ धोखाधड़ी की हैं। विधानसभा चुनाव में फर्जी जन्मतिथि शपथपत्र से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 A के अंतर्गत गंभीर संज्ञेय एंव दंडनीय अपराध किया हैं। हाई स्कूल (10 वीं) की अंक सूची/प्रमाण पत्र में जितेंद्र उर्फ़ जीतू पटवारी की जन्मतिथि 25/01/1973 दर्ज हैं।जो की शैक्षणिक और विधिक रूप से प्राथमिक व निर्णायक प्रमाण हैं।इसके विपरीत बाद के वर्षों में विभिन्न सरकारी/सार्वजनिक अभिलेखों,राजनैतिक प्रोफ़ाइल एंव दस्तावेज़ों में जन्म तिथि 19/11/1974 दर्शायी गई हैं। यह जानबूझकर कूट रचना एंव छल करके लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया। माननीय विधानसभा अध्यक्ष को तत्काल जीतू पटवारी द्वारा मंत्री और विधायक रहते हुए प्राप्त शासकीय लाभ की राशि वसुलने के साथ ही वर्तमान में मिलने वाले समस्त शासकीय राजस्व लाभ पर रोक लगायी जाना चाहिए। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं ,कि, यदि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होती है, तो यह निर्विवाद रूप से सिद्ध होगा कि श्री जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग को दिये शपथपत्र,पासपोर्ट सहित आधार कार्ड अन्य आधिकारिक दस्तावेज़ों में फर्जी जन्म दिनांक का उल्लेख करके फर्जीवाड़ा किया है। इसी क्रम में:- मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर तथा पुलिस महानिदेशक (DGP), मध्यप्रदेश के समक्ष जीतू पटवारी के फर्जीवाड़े की औपचारिक शिकायत की गई है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। हाइकोर्ट में भी अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु याचिका दायर की जाएगी, जिससे सच्चाई प्रदेश की जनता के सामने आ सकें। हम यह सवाल प्रदेश की जनता के सामने रखते हैं की,क्या कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल में धोखाधड़ी और झूठ के आधार पर पद पाने वालों को संरक्षण दिया जाता हैं.? यह लड़ाई किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून, नैतिकता और लोकतंत्र की शुचिता की रक्षा की लड़ाई है। सच्चाई चाहे कितनी भी असहज क्यों न हो, उसे सामने लाया जाएगा। सीधा निष्कर्ष हैं की जब हाई स्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 25/01/1973 है, तो शपथपत्र और सरकारी रिकॉर्ड में 19/11/1974 कैसे हैं.? लगभग 1 वर्ष 10 माह का अंतर हैं। सोची-समझी धोखाधड़ी हैं। कानूनी संदेश का अभिमत हैं की हाई स्कूल प्रमाणपत्र ही जन्मतिथि का सर्वोच्च प्रमाण हैं,शपथ पत्र में गलत जानकारी का मतलब कानूनन अपराध। शपथपत्र में गलत DOB जनप्रतिनिधित्व अधिनियम.1951(धारा 125A) का उल्लंघन हैं।1
- Daulat Nagar mein Steel light kharab ho chuki hai but number gramin Bank ke samne1
- Post by PM NEWS1
- Post by राहुल बाबा 3021
- जय हो1
- इंदौर का गुजराती समाज बनाएगा भव्य हाल 100 साल की जरूरत को करेगा पूरा इंदौर के जाल सभागृह में गुजराती समाज द्वारा एक मीटिंग रखी गई थी जिसमें सभी को विचार करना था कि आ में उसने लता गंज में बनने वाले सामूहिक भवन को कैसा बनाया जाए जिससे कि वह 100 साल तक लोगों के काम आ सके इसके जानकारी योगेश भाई और अध्यक्ष विक्रम भाई देसाई ने दी1
- Post by PM NEWS1