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बिहार सरकार ने 'ग्राम पंचायत टैक्स नियमावली-2026' को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब सूबे के गांवों में भी टैक्स लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम के बाद अब इस फैसले से होने वाले फायदे और नुकसान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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बिहार सरकार ने 'ग्राम पंचायत टैक्स नियमावली-2026' को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब सूबे के गांवों में भी टैक्स लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम के बाद अब इस फैसले से होने वाले फायदे और नुकसान को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
- Satish Gबेनिपुर, दरभंगा, बिहारbhrashtachar ke Paisa Kha Kha kar sale sab Mota ho gaya hai aur Chala garibon logon Ko bhi khoon peene ke liye aise neta hona hamare rajya aur Desh ke liye donon Bhagya ka baat hai3 hrs ago
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- बिहार में सरकार ने पंचायतों के जरिए सरकारी खजाना भरने के लिए ग्रामीणों पर सीधा टैक्स लगा दिया है। इस नए फैसले के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों से 360 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक सालाना टैक्स वसूलने का कड़ा प्रावधान किया गया है। टैक्स की इस वसूली को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने 'बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006' के तहत गठित 'बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026' को मंजूरी दे दी है। 15 जुलाई 2026 को इन नए नियमों को हरी झंडी मिलने के साथ ही अब बिहार में पंचायत टैक्स नियम लागू कर ग्रामीणों से सालाना वसूली का रास्ता साफ कर दिया गया है।1
- पटना की बांकीपुर उपचुनाव सीट पर उम्मीदवार प्रशांत किशोर के 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम में लोगों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है। इस कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में लोगों का हुजूम देखने को मिला।1
- प्रशांत किशोर (PK) ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में पेपर लीक और छात्रों व युवाओं की बेरोजगारी का जो मामला है, वह अब दबने वाला नहीं है। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर और बिहार के लोगों ने अब मन बना लिया है कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार्य नहीं हैं।1
- देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन को और भी प्रखर बनाने के लिए कई कांग्रेस नेताओं ने अपने हाथों में सांकेतिक हथकड़ी पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और वह शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से लगातार बच रही है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग उठाई है और साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी पुरजोर तरीके से दोहराया है। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपना शांतिपूर्ण धरना जारी रखा। इस बड़े प्रदर्शन के बाद अब देश में राजनीतिक बयानबाजी भी बेहद तेज हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को पूरी तरह से घेरने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने कांग्रेस के इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का विधानसभा में पहला दिन रहा, जहां वे सदन की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे।1
- जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस की हरकत को लेकर सवाल उठाया गया है। दिल्ली पुलिस के इस रवैये पर सीधे लोगों से प्रतिक्रिया मांगी गई है और पूछा गया है कि वे इस हरकत पर क्या लिखना चाहते हैं।1