मुजफ्फरनगर के मीरापुर में अस्पताल और इलाज के अभाव में एक बेबस पिता की गोद में मासूम बच्चे के दम तोड़ने वाले वीडियो ने हर संवेदनशील इंसान की रूह कंपा दी है। इस घटना को केवल एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि देश के सरकारी तंत्र और स्वास्थ्य व्यवस्था के खोखले दावों की मौत माना गया है। जहां एक ओर वीआईपी कल्चर और अमीरों के दिखावे पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक गरीब के बच्चे की जान को कोई कीमत नहीं समझी जाती। इस स्थिति को स्वार्थ के अंधेरे से भरा बताया गया है, जहां इंसानियत को भुलाकर लोग केवल पैसे और घमंड के पीछे भाग रहे हैं। इसी सोच के साथ कि समाज में बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी होगी, जनपद उन्नाव के ग्राम पनई बुजुर्ग में 'अनाया सिंह पाठशाला 1' के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। शिक्षिका शिवानी जी बिना किसी स्वार्थ या फीस के, पूरी निष्ठा से बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। उनके इस प्रयास को इस बात का जीता-जागता सबूत बताया गया है कि समाज को कोसने के बजाय, अगर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ा जाए, तो देश से गरीबी और लाचारी खत्म की जा सकती है। 'मनुज क्रांति न्यूज' और 'अनाया सिंह पाठशाला 1' के माध्यम से रिपोर्टर अनुज चौहान ने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है। साथ ही, उन्होंने देश की जनता से अपील की है कि वे दिखावे की जिंदगी से बाहर निकलकर शिक्षिका शिवानी जी की तरह गरीब बच्चों के मददगार बनें। इस दौरान यह भी कहा गया कि यदि हर व्यक्ति अपने पड़ोसी और समाज के गरीब बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज की जिम्मेदारी में थोड़ा सा भी योगदान दे, तो मीरापुर जैसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। संदेश दिया गया कि "जमा करके कोई फायदा नहीं है, अंत में सब यहीं रह जाना है। अगर कमाना है, तो दुआएं कमाओ। बच्चों को एक अच्छी राह और शिक्षा दे दो ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।"
मुजफ्फरनगर के मीरापुर में अस्पताल और इलाज के अभाव में एक बेबस पिता की गोद में मासूम बच्चे के दम तोड़ने वाले वीडियो ने हर संवेदनशील इंसान की रूह कंपा दी है। इस घटना को केवल एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि देश के सरकारी तंत्र और स्वास्थ्य व्यवस्था के खोखले दावों की मौत माना गया है। जहां एक ओर वीआईपी कल्चर और अमीरों के दिखावे पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक गरीब के बच्चे की जान को कोई कीमत नहीं समझी जाती। इस स्थिति को स्वार्थ के अंधेरे से भरा बताया गया है, जहां इंसानियत को भुलाकर लोग केवल पैसे और घमंड के पीछे भाग रहे हैं। इसी सोच के साथ कि समाज में बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी होगी, जनपद उन्नाव के ग्राम पनई बुजुर्ग में 'अनाया सिंह पाठशाला 1' के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। शिक्षिका शिवानी जी बिना किसी स्वार्थ या फीस के, पूरी निष्ठा से बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। उनके इस प्रयास को इस बात का जीता-जागता सबूत बताया गया है कि समाज को कोसने के बजाय, अगर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ा जाए, तो देश से गरीबी और लाचारी खत्म की जा सकती है। 'मनुज क्रांति न्यूज' और 'अनाया सिंह पाठशाला 1' के माध्यम से रिपोर्टर अनुज चौहान ने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है। साथ ही, उन्होंने देश की जनता से अपील की है कि वे दिखावे की जिंदगी से बाहर निकलकर शिक्षिका शिवानी जी की तरह गरीब बच्चों के मददगार बनें। इस दौरान यह भी कहा गया कि यदि हर व्यक्ति अपने पड़ोसी और समाज के गरीब बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज की जिम्मेदारी में थोड़ा सा भी योगदान दे, तो मीरापुर जैसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। संदेश दिया गया कि "जमा करके कोई फायदा नहीं है, अंत में सब यहीं रह जाना है। अगर कमाना है, तो दुआएं कमाओ। बच्चों को एक अच्छी राह और शिक्षा दे दो ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।"
- कानपुर से जुड़े आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले में अब एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। सीएमओ द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इलाज में अत्यधिक देरी के कारण ही जवान का हाथ काटना पड़ा। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले की मेडिकल रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी, जिसके बाद दोबारा जांच करवाई गई और यह संशोधित रिपोर्ट सामने आई। अब इसी संशोधित रिपोर्ट के आधार पर दोनों अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं, पुलिस ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी विवाद की खबरों को खारिज किया है। इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- व्हाट्सएप पर जनता पार्टी के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। यह बताया गया है कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने या उसे कॉपी करने से पहले पूरी तरह सोच-विचार कर लें। साथ ही, जनता पार्टी के नाम पर व्हाट्सएप पर आने वाली कॉल्स के संबंध में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके।1
- कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने के चर्चित मामले की जाँच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक विलंब किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जानकारी दी कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट का अनुरोध किया था। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही माना गया है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में स्वयं आमंत्रित किया गया था, ताकि सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण हो सके। पुलिस के अनुसार, बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल (फ़ोर्स) के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी से मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।1
- कानपुर के यशोदा नगर बाईपास से रोड रेज की एक घटना का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जो समाज में बढ़ती असहिष्णुता का एक भयावह उदाहरण प्रस्तुत करता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तीन गुंडे किस्म के लड़के एक बुजुर्ग व्यक्ति और उनके बेटों पर बेरहमी से हमला कर रहे हैं। हमलावर लगातार चाकू और हेलमेट से उन पर वार करते रहे, जबकि मौके पर मौजूद भीड़ बस खड़ी होकर यह पूरा तमाशा देखती रही। किसी ने भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे बढ़ने की जहमत नहीं उठाई, जो मानवीय संवेदनाओं के पतन और मौजूदा समाज की उदासीनता को दर्शाता है।1
- पुलिस ने पिता-पुत्र की हत्या से जुड़े प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस द्वारा दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कानपुर में हुई एक रोड रेज की घटना में घायल एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक ने विस्तार से बताया है कि कैसे इस घटना में उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने अधिकारियों के साथ कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर एक बड़ी बैठक की, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखने, नई परंपराओं की अनुमति न देने और प्रतिबंधित पशुओं का कटान हर हाल में रोकने के निर्देश दिए। साथ ही, सड़क पर नमाज न पढ़े जाने और साफ-सफाई, बिजली तथा जलापूर्ति की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए। आपातकालीन सेवाओं के तहत एंबुलेंस, डॉक्टर टीम और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि त्योहार में खलल डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- राजस्थान के जैसलमेर में एक कचरा डंपिंग साइट पर रविवार को पाँच सौ से भी ज़्यादा गायों के सड़े हुए शवों के वीडियो सामने आने के बाद आमजन में भारी नाराजगी फैल गई। यह आक्रोश इसलिए है क्योंकि नगरपरिषद के मृत पशुओं के लिए अधिकृत हड्डी ठेकेदार ने इन मरी हुई गायों के शवों का उचित निस्तारण नहीं किया था। इस गंभीर मामले पर जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने तुरंत फैक्चुअल रिपोर्ट मांगी है, वहीं नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने भी संज्ञान लेते हुए यार्ड के मृत पशुओं के ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल, नगरपरिषद ने मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड से हटाकर उनका निस्तारण कर दिया है।1
- कानपुर में बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद के चलते एक पिता और पुत्र की हत्या कर दी गई। इस जघन्य घटना के बाद, कानपुर पुलिस ने तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करते हुए रात भर में ही सभी तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कानपुर पुलिस की इस तेज़ कार्रवाई से हत्या के इस मामले में अभियुक्तों को जल्द ही पकड़ लिया गया।1