पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को आज अहले सुबह मसौढ़ी प्रखंड के अंतर्गत चरमा ग्रामीण सड़क पर बड़ी सफलता मिली है। भोर में करीब 4:20 बजे पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई, जिसके बाद दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान मनेर निवासी अशोक पासवान उर्फ बादल पासवान (45 वर्ष) और अजय यादव (47 वर्ष) के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में अशोक पासवान के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पटना पूर्वी सिटी एस पी परिचय कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मसौढ़ी थाना और एसटीएफ की टीम एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी के लिए जा रही थी। इसी दौरान चर्मा ग्रामीण रोड पर उनका अपराधियों से आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उनकी चलाई गई एक गोली पुलिस की गाड़ी को छूकर निकल गई। पुलिस टीम गाड़ी के भीतर सुरक्षित पोजीशन में होने के कारण बाल-बाल बच गई। आत्मरक्षा में और अपराधियों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से महज दो राउंड जवाबी फायरिंग की गई। इसमें से पहली गोली बाइक के पीछे बैठे अशोक पासवान उर्फ बादल पासवान के पैर में लगी, जिससे वह वहीं गिर गया। मोटरसाइकिल चला रहे दूसरे अपराधी अजय यादव को पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान अपराधियों के पास से एक अवैध रिवॉल्वर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किए गए हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सूबे में सम्राट चौधरी के निर्देशों के तहत प्रशासन अपराधियों को पकड़ने में पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मुठभेड़ से लेकर सघन छापेमारी अभियान चला रही है। पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों के पुराने आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को आज अहले सुबह मसौढ़ी प्रखंड के अंतर्गत चरमा ग्रामीण सड़क पर बड़ी सफलता मिली है। भोर में करीब 4:20 बजे पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई, जिसके बाद दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान मनेर निवासी अशोक पासवान उर्फ बादल पासवान (45 वर्ष) और अजय यादव (47 वर्ष) के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में अशोक पासवान के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पटना पूर्वी सिटी एस पी परिचय कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मसौढ़ी थाना और एसटीएफ की टीम एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी के लिए जा रही थी। इसी दौरान चर्मा ग्रामीण रोड पर उनका अपराधियों से आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उनकी चलाई गई एक गोली पुलिस की गाड़ी को छूकर निकल गई। पुलिस टीम गाड़ी के भीतर सुरक्षित पोजीशन में होने के कारण बाल-बाल बच गई। आत्मरक्षा में और अपराधियों को रोकने के लिए पुलिस की तरफ से महज दो राउंड जवाबी फायरिंग की गई। इसमें से पहली गोली बाइक के पीछे बैठे अशोक पासवान उर्फ बादल पासवान के पैर में लगी, जिससे वह वहीं गिर गया। मोटरसाइकिल चला रहे दूसरे अपराधी अजय यादव को पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान अपराधियों के पास से एक अवैध रिवॉल्वर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किए गए हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सूबे में सम्राट चौधरी के निर्देशों के तहत प्रशासन अपराधियों को पकड़ने में पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मुठभेड़ से लेकर सघन छापेमारी अभियान चला रही है। पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों के पुराने आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
- बुधवार देर शाम आरा के पकड़ी गैस एजेंसी रोड स्थित केसर हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने शव के साथ सड़क जाम कर दी और पुलिस की मौजूदगी में ही अस्पताल पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में अस्पताल के शीशे टूट गए। मृतक महिला की पहचान नावाडीह चकनी गांव निवासी लखमुनि देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि महिला के घुटने का ऑपरेशन होना था। घटना की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए अधिवक्ता अंजनी तिवारी ने बताया कि आरा शहर में कई ऐसे हॉस्पिटल हैं जहां मरीजों की लगातार जान जा रही है, और इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।1
- पटना के अशोक मैदान में धनुष यानी ईबीसी समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राम दास जी ने संबोधित किया। राम दास जी ने क्या विचार व्यक्त किए, यह 'ITS अशोक सम्राट' पर देखा जा सकता है।1
- आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पटना में कैबिनेट की एक बैठक हुई। इस बैठक में कुल 27 एजेंडों पर मुहर लगाई गई और उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बताया गया है कि स्वीकृत एजेंडों में से पहला और 27वां एजेंडा फोटो में पढ़ा जा सकता है।2
- हाजीपुर रेलवे स्टेशन परिसर में कस्टम विभाग, आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान, पार्सल बोगी की गहन जांच की गई, जिसमें कथित तौर पर विदेशी सुपारी से भरे लगभग 19 से 20 बोरे बरामद हुए हैं। कार्रवाई के समय सुरक्षा एजेंसियों की मौके पर मौजूदगी के कारण इलाके में काफी हलचल का माहौल देखा गया। अधिकारी अब बरामद सुपारी के स्रोत, इसके परिवहन में शामिल लोगों और इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान को लेकर विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि सत्ता में आने के बाद से वे 'पेपर लीक उद्योग' चला रहे हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि उनके सत्ता में आने से पहले इस 'पेपर लीक उद्योग' को कांग्रेस पार्टी चलाती थी।1
- राजधानी पटना के कंकड़बाग में स्थित 'ABHYUDAY AUTISM CENTRE' की निर्देशिका के साथ एक खास बातचीत की गई है। इस बातचीत में यह सामने आया कि केंद्र की निर्देशिका बच्चों को माँ वाला प्यार और दुलार देती हैं।1
- वैशाली जिले के रहिमापुर स्थित महादलित बस्ती में ईराज का पहला जन्मदिन बेहद अनोखे और खास अंदाज में मनाया गया। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों के साथ केक काटा गया, चॉकलेट बांटे गए और पौधारोपण भी किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान बच्चों की मुस्कान ही सबसे बड़ी खुशी का सबब बनी।1
- पटना जिले के मसौढ़ी पुलिस अनुमंडल अंतर्गत धनरूआ थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने कुशवन गांव में एक झोपड़ीनुमा मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है, जहाँ अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में हथियार तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शरण विश्वकर्मा, उमेश पासवान और बबुआनंद पासवान के रूप में हुई है। मौके से पुलिस को एक देसी राइफल, एक देशी कट्टा, चार अर्धनिर्मित कट्टा, गोली, खोखा और बड़ी संख्या में हथियार बनाने के उपकरण मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामानों से यह स्पष्ट है कि यह अवैध हथियार बनाने का कारोबार लंबे समय से चल रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है, और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।1