टपकती छत के नीचे नौनिहालों ने दी बोर्ड परीक्षा! टपकती छत के नीचे नौनिहालों ने दी बोर्ड परीक्षा! शाजापुर के पिपलिया गोपाल स्कूल की शर्मनाक तस्वीर; तीन दिन पहले बच्चों से साफ कराया था शौचालय, अब भीगते हुए दिलाया हिंदी का पेपर। शाजापुर। शिक्षा व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों की असल हकीकत देखनी हो, तो शाजापुर के एक सरकारी स्कूल का रुख कर लीजिए। यहां 'स्मार्ट क्लास' और 'हाईटेक एजुकेशन' तो दूर की कौड़ी है, बच्चों के नसीब में सूखी जगह बैठकर परीक्षा देने तक की सुविधा नहीं है। शुक्रवार को जब नौनिहाल अपने भविष्य की इबारत लिखने के लिए बोर्ड परीक्षा दे रहे थे, तब आसमान से बारिश और जर्जर छत से शिक्षा विभाग की 'लापरवाही' टपक रही थी। बच्चे एक हाथ से जवाब लिख रहे थे और दूसरे हाथ से अपनी कॉपी को भीगने से बचा रहे थे। नीचे बिछी टाटपट्टी, ऊपर से टपका पानी जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक मामला ग्राम पिपलिया गोपाल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है। शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे की शिफ्ट में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई थी। छात्रों का हिंदी का पहला पेपर था। परीक्षा कक्ष में 144 विद्यार्थी नीचे टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बाल्टी और मग रखकर रोका गया पानी, फिर भी भीगे बच्चे बारिश शुरू होते ही स्कूल की खस्ताहाल इमारत ने जवाब दे दिया और छत से पानी क्लासरूम में टपकने लगा। हालात इतने बदतर हो गए कि पानी को फैलने से रोकने के लिए शिक्षकों को क्लासरूम के बीच में बाल्टी और मग रखने पड़े। इसके बावजूद नीचे बिछी टाटपट्टी और फर्श पूरी तरह से गीले हो गए। बच्चे मजबूरी में भीगते हुए, उसी गीली जगह पर बैठकर 3 घंटे तक अपना पेपर देने को विवश रहे। पानी सीधा बच्चों के कपड़ों और उनकी कॉपियों पर गिर रहा था। शिक्षिका का तर्क: 'अचानक आ गई बारिश' इस पूरी अव्यवस्था और बदहाली पर जब स्कूल की शिक्षिका शबाना परवीन से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें बारिश होने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया, "जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, वैसे ही बारिश भी आ गई। अचानक ही छत के रास्ते क्लास के अंदर पानी आना शुरू हो गया।"
टपकती छत के नीचे नौनिहालों ने दी बोर्ड परीक्षा! टपकती छत के नीचे नौनिहालों ने दी बोर्ड परीक्षा! शाजापुर के पिपलिया गोपाल स्कूल की शर्मनाक तस्वीर; तीन दिन पहले बच्चों से साफ कराया था शौचालय, अब भीगते हुए दिलाया हिंदी का पेपर। शाजापुर। शिक्षा व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों की असल हकीकत देखनी हो, तो शाजापुर के एक सरकारी स्कूल का रुख कर लीजिए। यहां 'स्मार्ट क्लास' और 'हाईटेक एजुकेशन' तो दूर की कौड़ी है, बच्चों के नसीब में सूखी जगह बैठकर परीक्षा देने तक की सुविधा नहीं है। शुक्रवार को जब नौनिहाल अपने भविष्य की इबारत लिखने के लिए बोर्ड परीक्षा दे रहे थे, तब आसमान से बारिश और जर्जर छत से शिक्षा विभाग की 'लापरवाही' टपक रही थी। बच्चे एक हाथ से जवाब लिख रहे थे और दूसरे हाथ से अपनी कॉपी को भीगने से बचा रहे थे। नीचे बिछी टाटपट्टी, ऊपर से टपका पानी जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक मामला ग्राम पिपलिया गोपाल स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है। शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे की शिफ्ट में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई थी। छात्रों का हिंदी का पहला पेपर था। परीक्षा कक्ष में 144 विद्यार्थी नीचे टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बाल्टी और मग रखकर रोका गया पानी, फिर भी भीगे बच्चे बारिश शुरू होते ही स्कूल की खस्ताहाल इमारत ने जवाब दे दिया और छत से पानी क्लासरूम में टपकने लगा। हालात इतने बदतर हो गए कि पानी को फैलने से रोकने के लिए शिक्षकों को क्लासरूम के बीच में बाल्टी और मग रखने पड़े। इसके बावजूद नीचे बिछी टाटपट्टी और फर्श पूरी तरह से गीले हो गए। बच्चे मजबूरी में भीगते हुए, उसी गीली जगह पर बैठकर 3 घंटे तक अपना पेपर देने को विवश रहे। पानी सीधा बच्चों के कपड़ों और उनकी कॉपियों पर गिर रहा था। शिक्षिका का तर्क: 'अचानक आ गई बारिश' इस पूरी अव्यवस्था और बदहाली पर जब स्कूल की शिक्षिका शबाना परवीन से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें बारिश होने की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया, "जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, वैसे ही बारिश भी आ गई। अचानक ही छत के रास्ते क्लास के अंदर पानी आना शुरू हो गया।"
- शाजापुर जिले के ग्राम जमलाय रोड के सामने शासकीय स्कूल के सामने गाय का बछड़ा बीतीरात सड़क पर गिरा हुआ मिला, ग्राम जमलाय के ग्रामीण गिरिराज राजपूत ने शुक्रवार सुबह 9 बजे मीडिया से चर्चाकर जानकारी देते हुए बताया कि बीतीरात को सड़क पर चल रहे वाहन से एक गाय का बछड़ा गिर गया, जिसे ग्रामीण श्याम गुर्जर, लाड़सिंह,केदार,गिरिराज और मोहन राजपूत द्वारा बछड़े की देखरेख की जा रही, वही ग्रामीणों ने कहा कि जिसका भी बछड़ा हो वो ग्राम जमलाय आकर ले जाए1
- आगर सुसनेर मार्ग पर ग्राम बर्डा बरखेड़ा के समीप दो कार की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, भिड़ंत इतनी तेज थी कि दोनों कार के सामने से परखच्चे उड़ गए, इस घटना में दोनों कर में सवार करीब 6-7 लोग घायल हो गए जिन्हें एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं दोनों कार को क्रेन मशीन की सहायता से बीच रोड से हटाया गया। बता दे की एक कार सुसनेर तरफ से देवास को और जा रही थी तो वहीं दूसरी कार आगर से सोयत के ग्राम लोहारिया की तरफ जा रही थी जो दुर्घटना की शिकार हो गई, वहीं घटना की जानकारी लगने पर एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह एवं कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्यक्ष घटनास्थल पहुंचे एवं सभी घायलों को एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया और दोनों कार को क्रेन मशीन की सहायता से बीच रोड से हटाया गया।1
- Post by Rahul Yadav1
- जय मां बगलामुखी नलखेड़ा1
- Post by सत्य एक्सप्रेस न्यूज1
- सुसनेर नगर में कांग्रेसियों ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विजय शाह राजेंद्र शुक्ला का पुतला फुका की इस्तीफे की मांग1
- शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया कृषि उपज मंडी में गुरुवार दोपहर 2 बजे संपन्न हुई नीलामी में सोयाबीन,सरसों,मसूर और गेंहू की आवक रही, कृषि उपज मंडी के सचिव सतीश कुमार सनोठिया ने बताया कि सोयाबीन उच्चतम 5112 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका, सरसों उच्चतम 6096,मसूर उच्चतम 6250 और गेहूं 2201 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका1
- ITI indirawas mein sonalika Pani baithak per rahata hai1
- Post by Ghanshyam Vaishnav4