जनपद महोबा में सिंचाई प्रखंड द्वारा कराए जा रहे नाला सफाई के कार्यों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कागजों पर लंबी दूरी तक नालों की सफाई दर्शाई जा रही है, जबकि मौके पर सिर्फ सीमित हिस्से में ही काम कराया जा रहा है और सरकारी धन का पूरा भुगतान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नालों की सफाई या तो अधूरी है या फिर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई है। इसके बावजूद, अभिलेखों में इन कार्यों को पूर्ण दर्शाए जाने की चर्चा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। गौरतलब है कि चितवां नाला की सफाई का जिम्मा कुलपहाड़ के एक ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन इस कार्य में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का 'नंगा नाच' देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नाला सफाई कार्यों का तत्काल स्वतंत्र भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कार्यस्थलों के रिकॉर्ड, माप पुस्तिका (एमबी), जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी सभी अभिलेखों की गहन जांच की भी अपील की है, ताकि अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। इस संबंध में सिंचाई प्रखंड महोबा के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर आया। ये तस्वीरें ही इस कथित अवैध कमाई के जरिया बने भ्रष्टाचार की बोलती गवाह बन गई हैं।
जनपद महोबा में सिंचाई प्रखंड द्वारा कराए जा रहे नाला सफाई के कार्यों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कागजों पर लंबी दूरी तक नालों की सफाई दर्शाई जा रही है, जबकि मौके पर सिर्फ सीमित हिस्से में ही काम कराया जा रहा है और सरकारी धन का पूरा भुगतान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नालों की सफाई या तो अधूरी है या फिर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई है। इसके बावजूद, अभिलेखों में इन कार्यों को पूर्ण दर्शाए जाने की चर्चा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। गौरतलब है कि चितवां नाला की सफाई का जिम्मा कुलपहाड़ के एक ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन इस कार्य में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का 'नंगा नाच' देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नाला सफाई कार्यों का तत्काल स्वतंत्र भौतिक सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कार्यस्थलों के रिकॉर्ड, माप पुस्तिका (एमबी), जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी सभी अभिलेखों की गहन जांच की भी अपील की है, ताकि अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। इस संबंध में सिंचाई प्रखंड महोबा के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर आया। ये तस्वीरें ही इस कथित अवैध कमाई के जरिया बने भ्रष्टाचार की बोलती गवाह बन गई हैं।
- उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से बुधवार रात से लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी और बलिया सहित 20 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर समेत 30 शहरों में बादल छाए हुए हैं। राजधानी लखनऊ में सुबह 5:30 बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो 7 बजे तक तेज हो गई। आज राज्य के सभी 75 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून लखनऊ पहुँच गया है और अयोध्या, बदायूं, मेरठ तथा लखनऊ से होकर आगे बढ़ रहा है। अगले 24 से 48 घंटों में यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। इससे पहले, बुधवार को वाराणसी और प्रयागराज सहित 25 शहरों में बारिश हुई। आजमगढ़ और बिजनौर में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जबकि ललितपुर रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल और जीआरपी थाने में भी पानी घुस गया। बारिश के आंकड़ों में बहराइच में सर्वाधिक 113 मिमी, बिजनौर में 95 मिमी, ललितपुर में 93 मिमी, बुलंदशहर में 72 मिमी और संभल-हमीरपुर में 65-65 मिमी बारिश दर्ज की गई। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून आने के बाद फिलहाल लगातार बारिश की संभावना बनी रहेगी और तापमान में लगभग 8 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है। उनके अनुसार, आगामी 4 से 5 दिनों तक मौसम खराब ही रहेगा तथा आंधी-तूफान और बारिश के आसार बने रहेंगे। ललितपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जौनपुर, वाराणसी और चन्दौली जैसे कई जिलों के लिए अलर्ट जारी है। इसके अतिरिक्त, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर सहित कुछ अन्य स्थानों पर भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है।1
- बांदा के जसपुरा ब्लॉक की सिंधन कला ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला देखा जा रहा है, जहां सचिव और प्रधान पर स्वच्छता मिशन के धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। आरोप है कि साफ-सफाई के नाम पर एक ही दिन में तीन फर्जी बिल लगाकर पंचायत के खाते से करीब 50,000 रुपये निकाल लिए गए। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब योगी सरकार ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ गांव, सुंदर गांव’ का नारा दे रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत इन कागजी भुगतानों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि गांव में कहीं भी साफ-सफाई का काम दिखाई नहीं देता और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ग्राम पंचायत की गलियां और नालियां स्वयं इस बात की गवाही देती हैं कि ग्राम प्रधान और सचिव ने जमकर पैसे की लूट की है, जबकि कागजों में गांव को 'चमका' दिया गया है। अब एक बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या जिलाधिकारी इन भ्रष्ट सचिव और प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे, या फिर स्वच्छता मिशन का पैसा इसी तरह लुटता रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक साली अपने जीजा के प्रति प्रेम में इतनी मदहोश हो गई कि उसने अपनी सगी बहन की हत्या की साजिश रच डाली। इस पूरी घटना का खुलासा मोबाइल चैट के जरिए हुआ है, जिसने इस रिश्ते के भीतर पनप रही गहरी साज़िश को सबके सामने ला दिया।1
- Post by Jitendra kumar कोरी1
- हरपालपुर पुलिस ने 12 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर मुख्तार अली को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्तार अली को राजस्थान से दबोचा है और उसके पास से चोरी किए गए 12 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इस मामले में मुख्तार अली का साथी इंजमान उर्फ रियान अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है।1
- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें सपाइयों के रूप में संदर्भित किया गया है, द्वारा मनाया गया।1
- हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र के मुस्करा-चरखारी मार्ग पर सड़क किनारे बड़ी संख्या में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें मिलने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। खुले में पड़ी इन हजारों बोतलों को देखकर राहगीरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई, जिसके बाद प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। जांच में सामने आया कि इन बोतलों को एक कोल्ड ड्रिंक डीलर द्वारा निस्तारण के लिए वहां डलवाया गया था। डीलर ने बताया कि यह स्टॉक करीब एक वर्ष पुराना था और एक्सपायर हो चुका था, जिसे ट्रैक्टर से नष्ट कराया गया था। हालांकि, सभी बोतलें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त नहीं हो पाई थीं। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शेष बोतलों को दोबारा क्षतिग्रस्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी पेय पदार्थों का इस तरह खुले में निस्तारण करना नियमों के विरुद्ध है। विभाग ने सभी बोतलों को सुरक्षित तरीके से डंप कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और उसके लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति किए जाने की बात भी कही गई है।1
- छतरपुर पुलिस ने हरपालपुर में एक सराफा व्यापारी की दुकान से हुई चोरी के मामले का खुलासा कर दिया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को राजस्थान से पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 12 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी बरामद किए हैं। छतरपुर एसपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले और बरामदगी की जानकारी दी।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के खड़खड़ गांव में एक बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक बुजुर्ग व्यक्ति को नाले में पटककर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इस घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उरई रेफर किया गया। बुजुर्ग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उन्हें केवल इसलिए बेरहमी से पीटा, क्योंकि उन्होंने अपने दरवाजे पर शराब पीने से मना किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में अलग तथ्य सामने आए हैं। कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो की पड़ताल से पता चला है कि मारपीट करने वाले दोनों पक्ष आपस में चचेरे भाई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि उनके बीच पैतृक संपत्ति और गोदाम के कब्जे को लेकर पहले से ही पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर इस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1