उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित मुरैनिया गांधीनगर गाँव में करीब एक माह पहले बाघ के हमले में भरत नामक ग्रामीण की जान चली गई थी। गन्ने के खेत में हुए इस दर्दनाक हमले के बाद से पूरे गाँव में दहशत और शोक का माहौल है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से नाराज़गी भी लगातार बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच-पड़ताल शुरू की थी। अब रविवार को वन विभाग ने मृतक भरत के परिजनों को ₹10,000 का चेक आर्थिक सहायता के रूप में सौंपा। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आँखें नम हो गईं, जिससे गाँव का माहौल एक बार फिर गमगीन हो उठा। विभागीय अधिकारियों ने परिवार को यह भी भरोसा दिलाया है कि शासन स्तर से मिलने वाली अन्य सहायता भी नियमानुसार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि भरत अपने परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र सहारा था, और उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार बाघ की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गन्ने के खेतों के आसपास अक्सर वन्यजीव दिखाई देते हैं, जिससे खेतों पर जाना भी बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस दौरान गाँव में मुकेश प्रधान, रेंजर ललित, और वन दरोगा सदन लाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के देखे जाने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की अपील की। मुरैनिया गांधीनगर गाँव में बाघ के हमले की इस घटना को लेकर अभी भी भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित मुरैनिया गांधीनगर गाँव में करीब एक माह पहले बाघ के हमले में भरत नामक ग्रामीण की जान चली गई थी। गन्ने के खेत में हुए इस दर्दनाक हमले के बाद से पूरे गाँव में दहशत और शोक का माहौल है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से नाराज़गी भी लगातार बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच-पड़ताल शुरू की थी। अब रविवार को वन विभाग ने मृतक भरत के परिजनों को ₹10,000 का चेक आर्थिक सहायता के रूप में सौंपा। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आँखें नम हो गईं, जिससे गाँव का माहौल एक बार फिर गमगीन हो उठा। विभागीय अधिकारियों ने परिवार को यह भी भरोसा दिलाया है कि शासन स्तर से मिलने वाली अन्य सहायता भी नियमानुसार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि भरत अपने परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र सहारा था, और उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार बाघ की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गन्ने के खेतों के आसपास अक्सर वन्यजीव दिखाई देते हैं, जिससे खेतों पर जाना भी बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस दौरान गाँव में मुकेश प्रधान, रेंजर ललित, और वन दरोगा सदन लाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के देखे जाने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की अपील की। मुरैनिया गांधीनगर गाँव में बाघ के हमले की इस घटना को लेकर अभी भी भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
- पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में रविवार सुबह करीब 10 बजे शाही रेलवे स्टेशन के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ बरेली की ओर जा रही एक मालगाड़ी की चपेट में आने से 20 वर्षीय एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई। शाही रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद जहानाबाद थाना के प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर नताशा गोयल अपनी टीम सहित तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त कराई, जिसमें मृतका की पहचान ग्राम हण्डा निवासी ओमपाल गंगवार की पुत्री दयंती (20) के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार, दयंती अपनी माँ के साथ अपने ननिहाल ग्राम हण्डा में रहती थी और पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही थी, जिसका इलाज बरेली के एक अस्पताल से चल रहा था। रविवार सुबह वह बरेली दवाई लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पीलीभीत भेज दिया है। आईपीएस अधिकारी नताशा गोयल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली है। घटना स्थल पर फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है, और पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।2
- पूरनपुर के आलोक होटल में 'हिन्दी पत्रकारिता दिवस' के पावन अवसर पर एक भव्य पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश पाण्डेय जी ने आयोजित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकार बंधुओं को उनकी निष्पक्ष सेवा के लिए सम्मानित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस समारोह में बीजेपी जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य जी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरुभाग सिंह जी, नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता जी, बीसलपुर के जिला पंचायत सदस्य श्री नितिन पाठक जी और पूरनपुर के माननीय विधायक श्री बाबूराम पासवान जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सभी जन-प्रतिनिधियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की और समाज में पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। मंच का कुशल और शानदार संचालन मण्डल महामंत्री नवनीत मिश्रा जी ने किया। इस खास अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे, जिनमें क्षेत्रीय कार्यकारणी सदस्य रजनीश पाण्डेय जी, जिला महामंत्री अनुराग अग्निहोत्री जी, नगर अध्यक्ष हर्ष प्रधान जी और गन्ना विकास समिति अध्यक्ष नितिन दीक्षित जी शामिल थे। इनके अतिरिक्त, सुल्तानपुर मण्डल अध्यक्ष मनोज वर्मा जी, बार एसोसिएशन उपाध्यक्ष एडवोकेट संजय पाण्डेय जी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष आनंद मिश्रा जी, निवर्तमान ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि आशुतोष दीक्षित जी, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के नगर अध्यक्ष गौरव पाण्डेय जी, प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री जी, वरिष्ठ अधिवक्ता शिवराम सनाढ्य जी और वेद तिवारी जी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। इस समारोह में वरिष्ठ पत्रकार निर्मल कान्त शुक्ला जी, बीसलपुर से आशुतोष मिश्रा जी सहित बड़ी संख्या में अन्य पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजक रजनीश रामशर्मा पाण्डेय जी और वरिष्ठ अधिवक्ता शिवराम सनाढ्य जी ने सभी आगंतुक अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया तथा उन्हें हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।1
- सूर्या हत्याकांड के संबंध में पंडित सुशील पाठक ने एक बड़ी मांग उठाई है।1
- बरेली जिले के फरीदपुर तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन की जांच में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि एक लेखपाल और कानूनगो ने जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी करते हुए एक स्मैक तस्कर के पक्ष में रिपोर्ट लगा दी। मामले की दोबारा जांच कराई गई, जिसके बाद पूरी सच्चाई उजागर हो गई। जांच में लापरवाही और गड़बड़ी पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इस घटनाक्रम को लेकर तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।1
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