सरायकेला जिले में हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), सरायकेला-खरसावां जिला समिति द्वारा जिला मुख्यालय स्थित सिद्धू-कानू पार्क में वीर शहीद सिद्धू-कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष अविनाश कवि, झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, उमेश भोल, कृष्णा राणा, पंकज साहू, रितेश ज्योतिषी, नरेन सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेंब्रम सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने पारंपरिक पूजा के साथ शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने इस दौरान कहा कि 30 जून 1855 का संथाल हूल सिर्फ एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए समाज द्वारा छेड़ा गया एक ऐतिहासिक जनआंदोलन था। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिद्धू-कानू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ जो संघर्ष किया, वह आज भी अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। डॉ. महतो ने यह भी दोहराया कि झामुमो हमेशा शहीदों के आदर्शों का पालन करते हुए राज्य के गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए न्याय, समानता और जनहित के लिए लगातार संघर्ष करने का संदेश देता है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि संथाल हूल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली संगठित जनक्रांति थी, जिसने शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कानू, चांद-भैरव और फूलो-झानो का बलिदान केवल आदिवासी समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति तथा शहीदों के संघर्षों से अवगत कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
सरायकेला जिले में हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), सरायकेला-खरसावां जिला समिति द्वारा जिला मुख्यालय स्थित सिद्धू-कानू पार्क में वीर शहीद सिद्धू-कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष अविनाश कवि, झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, उमेश भोल, कृष्णा राणा, पंकज साहू, रितेश ज्योतिषी, नरेन सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेंब्रम
सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने पारंपरिक पूजा के साथ शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने इस दौरान कहा कि 30 जून 1855 का संथाल हूल सिर्फ एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए समाज द्वारा छेड़ा गया एक ऐतिहासिक जनआंदोलन था। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिद्धू-कानू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ जो संघर्ष किया, वह आज भी अन्याय के विरुद्ध
डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। डॉ. महतो ने यह भी दोहराया कि झामुमो हमेशा शहीदों के आदर्शों का पालन करते हुए राज्य के गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए न्याय, समानता और जनहित के लिए लगातार संघर्ष करने का संदेश देता है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि संथाल हूल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की
पहली संगठित जनक्रांति थी, जिसने शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि सिद्धू-कानू, चांद-भैरव और फूलो-झानो का बलिदान केवल आदिवासी समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति तथा शहीदों के संघर्षों से अवगत कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
- झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित डुमरडीहा पंचायत के डुमरडीह सुपलडीह गांव की ममता महतो और ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर थाना क्षेत्र के बड़पाखाना, धगियाडीह निवासी अनिल महतो का शुभ विवाह शनिवार, 27 जून 2026 को धूमधाम से संपन्न हुआ। इस समारोह को दो दिलों का मिलन और प्यार का संगम बताते हुए, इसे ढेर सारी खुशियों से भरी एक दावत के रूप में वर्णित किया गया। ममता महतो के इस वैवाहिक समारोह में जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष प्रेम मार्डी, केंद्रीय महासचिव विदेश्वर महतो, ब्लॉक ट्रम अध्यक्ष प्रेभाशु महतो, जिला अध्यक्ष रोहित महतो, युवा मोर्चा के सुनील महतो, संजय महतो और प्रकाश महतो जैसे प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए। इन विशिष्ट अतिथियों के आगमन से युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी का जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रेम मार्डी ने कहा कि डुमरडीहा गांव की ममता महतो के वैवाहिक समारोह में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी खुशी और सुकून व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी तुलना किसी और चीज से नहीं की जा सकती। मार्डी ने ममता महतो को उनके दांपत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि उनका जीवन खुशियों से भरा रहे। उन्होंने ममता से आग्रह किया कि वह अपने माता-पिता का नाम रोशन करें और ससुराल में भी सभी का दिल जीत लें।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाट गम्हरिया थाना क्षेत्र के रूईया गांव में 25 वर्षीय विवाहिता उमा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात महिला का शव उसके घर के कमरे में साड़ी के फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने उमा देवी को प्रताड़ित कर उसकी हत्या की है या उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के ससुर कृष्ण चंद्र गोप के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे उनके बेटे जितेंद्र गोप की पहली पत्नी तारामणि देवी ने आकर उन्हें सूचना दी कि उनकी छोटी बहू उमा देवी का शव कमरे में फंदे से लटक रहा है। यह जानकारी मिलने पर सास, ससुर और पति तुरंत कमरे में पहुंचे और शव को फंदे से उतारकर जमीन पर रखा। परिजनों ने बताया कि उमा देवी सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट से घर लौटी थी, और इसी के बाद रात में यह घटना हुई। मंगलवार सुबह इसकी सूचना महुलडीहा गांव में रहने वाले मृतका के भाई और अन्य मायके पक्ष के परिजनों को दी गई। थाना पहुंचने के बाद, मृतका के भाई और मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि उमा देवी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी प्रताड़ना के कारण उसे हत्या अथवा आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस तत्काल रूईया गांव पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया है।1
- मंगलवार को झीकपानी पुलिस ने पशु तस्करों के चंगुल से 50 गौवंश पशुओं को सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया। यह कार्रवाई चाईबासा जिले में हुई। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान पशु तस्कर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। बरामद किए गए सभी 50 गौवंश पशुओं को चाईबासा स्थित गौशाला में सुरक्षित रूप से जमा करा दिया गया है।1
- मुसाबनी प्रखंड की पश्चिम बादिया पंचायत में लगभग 10 लाख रुपये की लागत वाली चार विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं का शिलान्यास पंचायत समिति विकास योजना मद से ग्रामीणों की उपस्थिति में नारियल फोड़कर किया गया। शिलान्यास की गई योजनाओं में मेहुलबेड़ा मुख्य पथ के बगल में पीसीसी के सामने नाली की मरम्मत, न्यू कॉलोनी क्लब के सामने शौचालय का निर्माण, सुंदरनगर से न्यू कॉलोनी तक नाली की मरम्मत, तथा मोहुलबेड़ा में इलियास के घर के सामने आरसीसी कलवर्ट का निर्माण शामिल है। इन सभी योजनाओं की कुल प्राक्कलित लागत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि इन योजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा और आम लोगों को राहत मिलेगी। इस शिलान्यास कार्यक्रम में रविंद्र नाथ घोष, नवीन पातर, शांति सरकार, बी.एन. कुंडू, मोहम्मद इसराइल, सलीम जावेद, अकबर अली, अब्बास अली, अख्तर अली, श्रीमती अहिल्या गोप, बापी सतपति सहित कई गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- हाट गम्हरिया-केंदपोसी मुख्य मार्ग पर सोमवार को मृगलिंडी गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के डिपासाईं निवासी 25 वर्षीय श्रवण कुमार की मौत हो गई। श्रवण अपनी बहन की शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर दोस्तों के घर से लौट रहा था, तभी सामने से आ रही एक हाईवा ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठा जयराम हँसा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए ओडिशा के चंपुआ अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। श्रवण कुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा था। लगभग ढाई वर्ष पूर्व उसके पिता रवीश कुमार का बीमारी से निधन हो चुका था। श्रवण की चार बहनें हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी थी और वह तीसरी बहन की शादी की तैयारी के लिए बेंगलुरु से दो दिन पहले ही घर लौटा था। घटना की सूचना मिलते ही हाट गम्हरिया और जगन्नाथपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की जानकारी मिलने पर टोंटो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- सरायकेला के मंगलवार बाजार स्थित भगवती ज्वेलर्स में सोमवार को दो युवकों को ग्राहक बनकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। दोपहर करीब 3:30 बजे की इस घटना में, युवकों ने पहले दुकानदार से सोने के आभूषण दिखाने को कहा और इसी दौरान उन्होंने कान की बालियां समेत कुछ अन्य सोने के सामान चुरा लिए। दुकानदार को संदेह होने पर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें दोनों युवकों की चोरी की करतूत साफ दिखाई दी। इसके बाद दुकानदार और स्थानीय लोगों की सतर्कता से उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाबू अली और शेख सैयद अली के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के खड़गपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी किए गए आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5 हजार रुपये बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी कैमरों और आम नागरिकों की सतर्कता की सराहना की, जिसकी वजह से आरोपी समय रहते पकड़ में आ गए और एक बड़ी चोरी की घटना टल गई।4