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आज छड़वा स्थित #NoEntry का समय सीमा रात्रि 9 बजे से बढ़ाकर रात्रि 12 बजे तक कर दिया गया है। आशा है कि इसी प्रकार चांद रात के एक दिन पहले तक रात्रि 12 बजे के बाद ही बड़े वाहनों का आवागमन चालू किया जाएगा ताकि किसी को भी दिक्कत परेशानी ना हो एवं चांद रात को पूर्व की भांति पेलावल,कटकमसांडी मुख्य पथ से ना होकर गदोखर रोड़ से बड़े वाहनों का आवागमन हो जो जनहित में होगा। DC Hazaribagh Hazaribagh_Police SP Hazaribagh
M.Haque Bharti
आज छड़वा स्थित #NoEntry का समय सीमा रात्रि 9 बजे से बढ़ाकर रात्रि 12 बजे तक कर दिया गया है। आशा है कि इसी प्रकार चांद रात के एक दिन पहले तक रात्रि 12 बजे के बाद ही बड़े वाहनों का आवागमन चालू किया जाएगा ताकि किसी को भी दिक्कत परेशानी ना हो एवं चांद रात को पूर्व की भांति पेलावल,कटकमसांडी मुख्य पथ से ना होकर गदोखर रोड़ से बड़े वाहनों का आवागमन हो जो जनहित में होगा। DC Hazaribagh Hazaribagh_Police SP Hazaribagh
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- हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में रामनवमी महोत्सव को लेकर हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्साह चरम पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हजारीबाग की रामनवमी की चर्चा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक होती है। रामभक्तों के इस महापर्व को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और होली के समापन के साथ ही रामनवमी उत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो जाती हैं। इसी क्रम में मंगलवार की देर शाम हजारीबाग में भव्य मंगला जुलूस निकाला गया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित रामभक्तों की टोलियां, हाथों में ध्वज-पताका और जयघोष के साथ पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण बना रही थीं। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों और सामाजिक संगठनों की आकर्षक झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जैसे ही मंगला जुलूस शहर के प्रमुख स्थल झंडा चौक पहुंचा, वहां रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। “जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी जुलूस के स्वागत और दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। प्रशासन और रामनवमी समिति के सहयोग से जुलूस को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रही। हजारीबाग की रामनवमी केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक परंपरा और आस्था का भव्य संगम है, जो हर वर्ष लाखों रामभक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आने वाले दिनों में रामनवमी के मुख्य उत्सव को लेकर शहर में और भी भव्य आयोजन होने की संभावना है।1
- रामनवमी महासमिति चुनाव में घमासान! 10 से घटकर 6 प्रत्याशी बचे किसके सिर सजेगा हजारीबाग के ‘महावीरी ताज’ का मुकुट? खबर मन्त्र संवाददाता हजारीबाग: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी की तैयारियों के बीच महासमिति अध्यक्ष पद का चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दौर में जहां दस दावेदार मैदान में थे, वहीं नाम वापसी के बाद अब केवल छह प्रत्याशी ही चुनावी जंग में बचे हैं। इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है और शहर भर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास, बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा और निशांत प्रधान ने प्रेस वार्ता में बताया कि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद अध्यक्ष पद की दौड़ में अब छह उम्मीदवार आमने-सामने हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं, जिनके सहारे वे अखाड़ों के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाएंगे। अध्यक्ष पद के लिए दीप प्रकाश को चक्र छाप, अजय दास को स्वास्तिक छाप, पुरुषोत्तम को ॐ छाप, लड्डू उर्फ करण यादव को त्रिशूल छाप, मनीष गोप को गदा छाप तथा दीपक देवराज को शंख छाप चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। अब यही प्रतीक इस चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों की पहचान बनेंगे और इनके सहारे वे समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार आम लोगों को नहीं बल्कि पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। शहर में कुल 104 रजिस्टर्ड अखाड़े हैं और इनके अध्यक्ष तथा सचिव मतदान करेंगे। इसके अलावा महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस तरह सीमित लेकिन प्रभावशाली मतदाताओं के बीच यह चुनाव तय करेगा कि रामनवमी महासमिति की कमान किसके हाथों में जाएगी। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व वर्षों से भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जाता रहा है। महावीरी झंडों की शोभायात्रा और अखाड़ों की परंपरा शहर की पहचान बन चुकी है। ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का पद केवल एक पद नहीं बल्कि पूरे आयोजन की जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। अब 14 मार्च 2026 को होने वाले मतदान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह चुनाव तय करेगा कि इस बार रामनवमी महोत्सव की अगुवाई कौन करेगा और किसके नेतृत्व में हजारीबाग की परंपरागत रामनवमी और भी भव्य रूप में सामने आएगी। शहर में चर्चाएं तेज हैं और हर अखाड़े में चुनावी समीकरणों की गूंज सुनाई दे रही है।1
- Post by खबर आप तक1
- हजारीबाग | आगामी रामनवमी और मंगल जुलूस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पेलावल, झंडा चौक, बड़ा अखाड़ा, महावीर स्थान और ग्वालटोली चौक होते हुए पुनः झंडा चौक तक निकाला गया। फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन ने लोगों से शांति और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। प्रशासन ने साफ कहा है कि इस वर्ष रामनवमी के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अगर कोई व्यक्ति या समिति आदेश का उल्लंघन करते हुए डीजे बजाते हुए पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग शांति, सौहार्द और अनुशासन के साथ रामनवमी और मंगल जुलूस का आयोजन करें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह पर्व शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।1
- **रामनवमी महासमिति चुनाव: 6 प्रत्याशी मैदान में, 4 ने वापस लिया नाम हजारीबाग:* चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास,बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा , निशांत प्रधान, आदि ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि श्री श्री चैत्र रामनवमी महावीरी झंडा महासमिति 2026 के अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चुनावी प्रक्रिया में दिलचस्प मोड़ आ गया है। प्रारंभिक चरण में कुल 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, हालांकि नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान 4 प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबला अब सीमित प्रत्याशियों के बीच रह गया है, जिससे चुनाव और भी रोचक हो गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। दीप प्रकाश **चक्र छाप**, अजय दास **स्वास्तिक छाप**, पुरुषोत्तम **ॐ छाप**, लड्डू उर्फ करण यादव **त्रिशूल छाप**, मनीष गोप **गदा छाप** तथा दीपक देवराज को **शंख छाप** चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। प्रत्याशी इन्हीं चिन्हों के सहारे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। रामनवमी महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार केवल पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। कुल रजिस्टर्ड अखाडे 104 है जिसके अध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व काफी भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाया जाता है, ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का चुनाव हमेशा से शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। चुनाव को लेकर विभिन्न अखाड़ों और समर्थकों के बीच भी उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आने वाले समय में रामनवमी 2026 के आयोजन की कमान किसके हाथों में होगी।1
- हजारीबाग (समाहरणालय परिसर)। में मिड डे मील रसोईया और संयोजिका संघ के बैनर तले रसोइयों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में रसोईया और संयोजिकाएं शामिल हुईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और रसोइयों के नियमितीकरण की मांग की। प्रदर्शनकारी रसोइयों का कहना है कि उन्हें सरकार द्वारा बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे रोजाना स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और काम के दौरान कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। कई बार रसोइया आगजनी जैसी घटनाओं का भी शिकार हो जाती हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिला अध्यक्ष महेंद्र पासवान ने कहा कि फिलहाल सभी रसोइया हड़ताल पर हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्य से हटाने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।1
- हजारीबाग में मंगला और रामनवमी जुलूस में DJ पर प्रतिबंध रहेगा। हजारीबाग की प्रशाशन लोगो से अपील कर रही है।1
- हजारीबाग में सैकड़ों रसोइया दीदियां एकजुट, सरकार से मानदेय बढ़ाने और स्थायी व्यवस्था की मांग हजारीबाग | राज्य के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) बनाने वाली रसोइया दीदियों ने अपनी मांगों को लेकर हजारीबाग समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइया संघ के बैनर तले आयोजित इस एक दिवसीय धरना में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में रसोइया दीदियां शामिल हुईं। धरना पर बैठी रसोइया दीदियों ने कहा कि वे वर्षों से स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील बनाकर सेवा दे रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि इतने कम पैसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए सरकार से न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की जा रही है। रसोइया संघ की ओर से सरकार के सामने 15 सूत्री मांग रखी गई है। इनमें मुख्य रूप से न्यूनतम वेतन लागू करना, मानदेय बढ़ाना, सामाजिक सुरक्षा की सुविधा देना और काम करने की बेहतर व्यवस्था करना शामिल है। धरना में शामिल रसोइया दीदियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए। इस दौरान रसोइया संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यभर में रसोइया दीदियां बच्चों के लिए भोजन तैयार कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उन्हें उचित सम्मान और वेतन मिलना चाहिए। धरना कार्यक्रम में जिले के कई प्रखंडों से आई रसोइया दीदियों की बड़ी भागीदारी देखी गई।1