वन स्टॉप सेंटर के मामलों का होगा त्वरित निष्पादन, विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को समय पर मिलेगी चिकित्सा, कानूनी सहायता व पुनर्वास की सुविधा जामताड़ा सखी वन स्टॉप सेंटर में प्राप्त मामलों के त्वरित समाधान और पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के साथ अभिसरण बैठक हुई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर आयोजित बैठक में मामलों के निष्पादन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस विभाग के साथ मामलों के पंजीकरण, सुरक्षा, जांच और आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराने को लेकर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं की चिकित्सकीय जांच और उपचार की सुविधा समय पर उपलब्ध कराने की बात कही गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं परामर्श दिलाने पर भी चर्चा हुई। पात्र लाभार्थियों को झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की योजनाओं से जोड़कर आजीविका और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। बालिकाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के माध्यम से आवश्यक संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही मामलों के नियमित फॉलोअप, विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और वन स्टॉप सेंटर की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, महिला थाना प्रभारी सोहागिनी मरांडी, यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य, जेएसएलपीएस से उत्तम कुमार सहित पीएलवी मौजूद थे।
वन स्टॉप सेंटर के मामलों का होगा त्वरित निष्पादन, विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को समय पर मिलेगी चिकित्सा, कानूनी सहायता व पुनर्वास की सुविधा जामताड़ा सखी वन स्टॉप सेंटर में प्राप्त मामलों के त्वरित समाधान और पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के साथ अभिसरण बैठक हुई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर आयोजित बैठक में मामलों के निष्पादन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस विभाग के साथ मामलों के पंजीकरण, सुरक्षा, जांच और आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराने को लेकर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं की चिकित्सकीय जांच और उपचार की सुविधा समय पर उपलब्ध कराने की बात कही गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं परामर्श दिलाने पर भी चर्चा हुई। पात्र लाभार्थियों को झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की योजनाओं से जोड़कर आजीविका और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराने पर विचार किया गया। बालिकाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के माध्यम से आवश्यक संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही मामलों के नियमित फॉलोअप, विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और वन स्टॉप सेंटर की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, महिला थाना प्रभारी सोहागिनी मरांडी, यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य, जेएसएलपीएस से उत्तम कुमार सहित पीएलवी मौजूद थे।
- जामताड़ा से बड़ी खबर:SIR विवाद में गरमाई सियासत, इरफान के आरोपों पर रणधीर ने घेरा। जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर जामताड़ा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक एवं आदिवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जामताड़ा जिले में करीब 41हजार नाम प्रभावित किए जा रहे हैं तथा फॉर्म भेजकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है। मंत्री के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री-सारठ के पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. इरफान अंसारी SIR की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में यदि कहीं संदिग्ध या गलत नाम दर्ज हैं, तो उनकी जांच होना आवश्यक है। उनके अनुसार, जांच में सामने आ रहे नामों को बचाने के लिए भाजपा पर आरोप लगाया जा रहा है। रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाना नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। ऐसे नामों की जांच और सत्यापन की आवश्यकता है। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। SIR को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच निर्वाचन प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आधिकारिक स्तर पर SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है।1
- झामुमो का खान खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ 19 सितंबर को करमाटांड प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन, आर.के. प्लेस में हुई अहम बैठक1
- जिले के 8 केंद्रों में शिक्षकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस एम एस वर्ड एवं मेल मर्ज से संबंधित कई जानकारियां साझा की गई झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची एवं स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आइसीटी 754 परियोजना के अंतर्गत गिरिडीह जिला के 10 केंद्रों में शिक्षकों का पांच दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर 15 सितंबर 2026 का द्वितीय दिवस का समापन हुआ .प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर प्रशिक्षु द्वारा एम एस वर्ड एवं मेल मर्ज से संबंधित कई जानकारियां दिया गया तथा प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रशिक्षु आनंद कुमार वर्मा एवं आदित्य कुमार द्वारा दिया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के शिक्षकों को कंप्यूटर ज्ञान बढ़ाना है. प्रशिक्षण के पहले सत्र में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पवन कुमार ने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय पचंबा में मौके पर उपस्थित शिक्षकों को बताया कि इस पांच दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण में झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा उपलब्ध कंप्यूटर के बारे में बुनियादी जानकारी, साथ ही जे-गुरुजी की विस्तृत जानकारी दी जाएगी| यह झारखंड सरकार द्वारा विकसित एक अभिनव डिजिटल शिक्षा मंच है, जो शिक्षकों और छात्रों को वेब पोर्टल एवं ऑफलाइन संसाधनों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करता है. जे-गुरुजी, संवादात्मक डिजिटल कंटेंट, शिक्षक प्रशिक्षण, मूल्यांकन उपकरण, लाइव क्लासेस और व्यापक मॉनीटरिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से राज्य में डिजिटल शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौद्योगिकी के उपयोग और एकीकरण पर जोर दिया गया है. इसका उद्देश्य शिक्षा के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी को शामिल करना है, जिसमें ई-पुस्तकालयों, ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्मों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग शामिल हैं. झारखंड सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि आइसीटी 754 परियोजना के अंतर्गत राज्य के आठ जिलों के 754 विद्यालयों में आइसीटी लैब्स और स्मार्ट क्लासेस की स्थापना की गई है. इसमें गिरिडीह जिले के 303 विद्यालय भी शामिल हैं. प्रशिक्षण के पांच दिनों में स्कूल नेट इंडिया लिमिटेड के मास्टर ट्रेनर आनंद कुमार वर्मा, आदित्य कुमार के द्वारा तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने हेतु शिक्षकों में कंप्यूटर के बारे में बुनियादी जानकारी दी जायेगी. प्रशिक्षण में झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये रिसोर्स के उपयोग के बारे में भी बताया जायेगा. स्कूल नेट के 20 ट्रेनर एवं क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पवन कुमार, मिहिर तिवारी, संतोष प्रमाणिक, प्रतीक रंजन और पवन कुमार राय 129 विद्यालयों के कुल 185 शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।5
- अज्ञात मैसेज के बाद मोबाइल पर आए 15-20 ओटीपी, कुछ ही देर में अलग-अलग खातों और क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹2.42 लाख साइबर ठगी का शिकार हुआ उदयपुर निवासी, बिना जानकारी के हुए कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन; साइबर थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर उदयपुर । शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। अज्ञात नंबर से आए मैसेज के बाद पीड़ित हिरण मगरी सेक्टर-4 निवासी यशवंत कुमार बोकड़िया (46) के मोबाइल पर अचानक 20-25 ओटीपी आने लगे। पीड़ित कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज मोबाइल पर आने लगे। कुछ ही समय में कुल ₹2,42,298 की राशि अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकल गई। मामले में साइबर पुलिस थाना उदयपुर ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अज्ञात नंबर से आया मैसेज, फिर लगातार आने लगे ओटिपी पीड़ित यशवंत कुमार बोकड़िया के अनुसार, घटना की शुरुआत एक अज्ञात नंबर से आए मैसेज से हुई। उन्होंने उस मैसेज पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। इसके कुछ समय बाद अचानक उनके मोबाइल पर लगातार 20-25 ओटीपी आने लगे। एक साथ इतने ओटीपी आने से उन्हें कुछ असामान्य होने का अंदेशा हुआ। वे इस पूरे घटनाक्रम को समझ पाते, इससे पहले ही मोबाइल पर अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज आने लगे। एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के संदेश आने से उन्हें पता चला कि उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। पीड़ित के अनुसार, लगातार ओटीपी और बैंकिंग से जुड़े मैसेज आने तथा कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने से उन्हें मोबाइल और उससे जुड़ी संवेदनशील जानकारी साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंचने तथा मोबाइल हैक होने की आशंका हुई। उनका कहना है कि इस दौरान मोबाइल पर आने वाले मैसेज और बैंकिंग संबंधी जानकारी भी ठगों तक पहुंच रही थी। कुछ ही मिनटों में कई ट्रांजेक्शन उपलब्ध ट्रांजेक्शन दस्तावेजों के अनुसार, अलग-अलग माध्यमों से रकम निकाली गई। इनमें स्विगी इंस्टामार्ट को ₹83,903 और ₹73,906, जबकि जोमैटो से जुड़े कई ट्रांजेक्शन में ₹9,998-₹9,998 की राशि शामिल है। इसके अलावा जोमैटो वॉलेट से ₹9,998 का ट्रांजेक्शन भी सामने आया है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, पीड़ित की कुल ₹2,42,298 की राशि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में निकाली गई। फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल का आरोप पीड़ित ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर उसे विश्वास में लिया और धोखे से उसकी रकम हासिल की। शिकायत में फर्जी दस्तावेज अथवा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। एफआईआर में आरोपी को अज्ञात बताया गया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना, उदयपुर में दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लेनदेन की कड़ियों की जांच में जुटी पुलिस साइबर पुलिस अलग-अलग ट्रांजेक्शन, संबंधित UPI आईडी, बैंकिंग माध्यमों और जिन खातों/मर्चेंट्स तक राशि पहुंची, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और कथित फर्जी पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।2
- मसलिया प्रखंड क्षेत्र के बसकीडीह पंचायत के आस्ताजोड़ा में गणेशोत्सव में बांकुड़ा के कलाकारों ने दिखाई सजीव झांकी बसकीडीह पंचायत के आस्ताजोड़ा बीचकोड़ा में गणेशोत्सव पर सोमवार रात सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बांकुड़ा के कलाकारों ने महिषासुर मर्दन की सजीव झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरा परिसर भक्तिमय रहा। कमिटी सदस्य ब्रजकिशोर पांडे ने बताया कि मंगलवार रात जमुई के जगत मोहन पांडे का प्रवचन होगा।1
- बाघमारा क्षेत्र के कतरास छाताबाद में तीसरी बार हुआ भू धसान कई घरों में आई दरारे कई घर हुए जमीन डोज वहां के लोग पलायन को है विवश। इस संबंध में वार्ड 2 के पार्षद एवं धनबाद जिला परिषद अध्यक्ष ने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं इस खबर में,,,,,,,,,।1
- निरसा थाना क्षेत्र के हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका के समीप बुधवार शाम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस और शिबू उर्फ सागर के बीच मुठभेड़ हो गई।1
- सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्ध की तैयारी तेज, जायजा लेने पहुंचीं कल्पना मुर्मू सोरेन—आवास पर अंतिम तैयारियों का दौर दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर गिरिडीह में तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को उनके आवास पर श्राद्ध कर्म का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोग व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी बीच बुधवार को गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन गिरिडीह पहुंचीं। उन्होंने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचकर श्राद्ध कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आयोजन से जुड़े लोगों के साथ आवश्यक चर्चा की। श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात नियंत्रण, पार्किंग, आगंतुकों के आवागमन और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दिवंगत मंत्री के श्राद्ध कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती रहेगी। वहीं, सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से उनके आवास और पूरे इलाके में भावुक माहौल बना हुआ है। समर्थक, शुभचिंतक और आम लोग लगातार उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। गुरुवार को होने वाले श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं और प्रशासन से लेकर आयोजन समिति तक हर स्तर पर व्यवस्था को व्यवस्थित और सुचारू बनाने में जुटा हुआ है।5