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Mohit Mishra
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- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित अंतू थाना क्षेत्र ग्राम सभा गोबरी में परम पूज्य देवव्रत जी महाराज का आज श्री हनुमान मंदिर पर मोहित जी महाराज की कलश यात्रा के दौरान हुआ आगमन श्री हनुमान मंदिर निर्माण हेतु समस्त ग्राम वासियों से मंदिर निर्माण हेतु सहयोग करने के लिए भी किया अपील1
- रानीगंज तहसील में आज शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में दोपहर तक एसडीएम नहीं पहुंचे, कल निरीक्षण पर आए जिलाधिकारी से अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम को जन सुनवाई से हटाने की मांग की थी, जिस पर जिलाधिकारी ने एस आई आर का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं की मांग को खारिज कर दिया, जिस पर अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की थी।1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया। कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं... राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी। मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं। सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया। अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।1
- मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है। सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है1
- Post by Ram Kumar yadav1
- पापड़ जैसी पतली सड़क बनवाई गई, जो बनते ही दुनिया से चल बसी 🤡 सड़क शोक सभा में आप सभी आमंत्रित हैं,बारी बारी शोक व्यक्त करिए। झांसी 📌 उत्तर प्रदेश1
- प्रतापगढ़ जिला कचहरी में हुए चुनाव के परिणाम। करुणा शंकर मिश्र ने 583 मत पाकर जीत दर्ज की और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी जेपी मिश्रा को 10 मतों से हराया। कौशलेश पति त्रिपाठी नए महामंत्री चुने गए। जीत के बाद समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के चुनाव के परिणाम शनिवार को दोपहर 1:00 बजे घोषित किए गए। करुणा शंकर मिश्र की जीत पर उनके समर्थकों ने जश्न मनाया।1
- *बदकिस्मती ये है कि ऐसे लोग हमारे मंत्री हैं।* ट्रेन ओवरहेड तारों से बिजली लेती हैं, और जब ब्रेक लगाए जाते हैं, तो बिजली उसी तार में वापस चली जाती है।” — रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव1
- Breaking – उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।1