बहराइच में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी भूमि और नो मेन्स लैन्ड पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही की समीक्षा की। कलेक्ट्रट सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता, विधिसम्मत प्रक्रिया और समन्वित प्रयासों के साथ सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि तथा नो-मैन्स लैंड पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा और ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने अवैध अतिक्रमणों की अद्यतन स्थिति, राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित अतिक्रमण स्थलों के सत्यापन और सीमांकन कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर समन्वय और तालमेल के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अवैध निर्माणों, अस्थायी कब्जों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयावधि में कार्रवाई पूरी करने और उसकी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और कब्जामुक्त किए गए स्थानों पर दोबारा किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न होने पाए, इसके लिए भी आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया। डीएम ने सीमा क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे सहित राजस्व, वन, एसएसबी और पुलिस विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बहराइच में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी भूमि और नो मेन्स लैन्ड पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही की समीक्षा की। कलेक्ट्रट सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता, विधिसम्मत प्रक्रिया और समन्वित प्रयासों के साथ सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि तथा नो-मैन्स लैंड पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा और ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने अवैध अतिक्रमणों की अद्यतन स्थिति, राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित अतिक्रमण स्थलों के सत्यापन और सीमांकन कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर समन्वय और तालमेल के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अवैध निर्माणों, अस्थायी कब्जों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयावधि में कार्रवाई पूरी करने और उसकी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और कब्जामुक्त किए गए स्थानों पर दोबारा किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न होने पाए, इसके लिए भी आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया। डीएम ने सीमा क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे सहित राजस्व, वन, एसएसबी और पुलिस विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
- बहराइच क्षेत्र के हरदी थाना अंतर्गत सिकंदरपुर ग्राम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया।1
- नगर पंचायत रुपईडीहा में बड़े मंगलवार के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संघ रुपईडीहा द्वारा एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य जी, धर्मेंद्र शुक्ला, गोपाल जी, राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराम शुक्ला, ललित त्रिपाठी, शेर सिंह कसौधन, दयाशंकर शुक्ला जी, दीपक आर्य, आरती वर्मा जी और संगठन के अन्य सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- बहराइच के पयागपुर में 23 जून को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय संजय गांधी की 46वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस नेता विनय सिंह और युवा नेता नरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में संजय गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि चढ़ाकर सैल्यूट किया गया। इसके बाद, मलूक सिंह पुरवा स्थित गौशाला में अनाथ गायों को स्वल्पाहार कराया गया और ग्रामवासियों के साथ मिलकर जन सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इस सत्याग्रह के माध्यम से एक 4 सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी पयागपुर द्वारा महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश को भेजा गया। इन मांगों में बबया रेलवे पुल से कोट बाजार-ककरहा कुट्टी संपर्क मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर तत्काल निर्माण करवाना, गांव के परिक्रमा मार्ग को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराकर मौके पर सत्यापन के बाद स्थापित करना, गौशाला में गौ रक्षा हेतु अत्यधिक सुविधाएं प्रदान करना और पंचायत भवन से बाले पुरवा तथा बाले पुरवा से दर्जी टोला संपर्क मार्ग को दुरुस्त कराना शामिल हैं। कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र मिश्रा ने इस दौरान कहा कि पूरे प्रदेश में सड़कें संचारित और अतिक्रमण मुक्त हैं, लेकिन उनके गांव के लोग अभी भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कांग्रेस नेता विनय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो 9 अगस्त से व्यापक रूप से आंदोलन छेड़कर आर-पार का संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर ग्राम सभा के सदस्य चंद्र कुमार मिश्र, चंद्र किरण मिश्रा, मोहम्मद निजाम (पूर्व सदस्य), गौतम प्रसाद मिश्र, गजराज केवट, राजित राम, सोहन लाल, हनीफ, मोहम्मद शरीफ, ननमुन, राम सरन चौहान, मोलहे, प्रदीप, पप्पू, गंगाराम, झगरु, खेलावन, रक्षाराम, सम्भर आदि कई लोगों ने जनहितकारी आंदोलन का समर्थन करते हुए स्वर्गीय संजय गांधी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर अपने विचार रखे।4
- खैरीघाट थानाक्षेत्र में थानाध्यक्ष महोदय द्वारा बड़े मंगलवार के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।1
- पूज्य सरकार, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी संदर्भित किया गया है, ने सनातनी 'भरत तिवारी' के विषय पर क्या कहा है, इस बारे में जानकारी मांगी गई है। भिवाड़ी (मुंबई) से संबंधित एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह प्रश्न उठाया गया है, और यह विषय इन दिनों ट्रेंड कर रहा है।1
- बहराइच में बड़े मंगल के पावन अवसर पर खैरीघाट पुलिस ने सेवा का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। क्षेत्र के अटल चौराहा पर खैरीघाट पुलिस की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र दिनभर धार्मिक और भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। यह आयोजन प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह की अगुवाई में संपन्न हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में पूड़ी, सब्जी, छोला, चावल, बूंदी, फल और शीतल पेय का वितरण किया गया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह स्वयं पीले गमछे में प्रसाद बांटते हुए नजर आए, वहीं कांस्टेबल गौरव कुमार ने राहगीरों को पानी पिलाकर सेवा भावना की मिसाल कायम की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कमला प्रसाद वर्मा और डाटा ऑपरेटर अतुल शुक्ला ने भी भंडारे का आयोजन कराया। थानाध्यक्ष ने बड़े मंगल के पर्व को सेवा, समर्पण और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाला बताया।2
- मोहर्रम के पर्व को शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से कैसरगंज पुलिस पूरी तरह सतर्क नज़र आ रही है। इसी क्रम में, थाना प्रभारी राजकुमार पांडेय ने भारी पुलिस बल के साथ कस्बे में फ्लैग मार्च किया और पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान, पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही, यह स्पष्ट संदेश भी दिया गया है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या अराजकता फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद बहराइच प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और फायर विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक कोचिंग सेंटर और बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन संस्थानों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई खामियां पाई गईं, जिसके आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिले में अन्य संस्थानों की जांच का अभियान भी अब तेज कर दिया गया है।1
- बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में मुहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार देर रात श्रद्धा, अकीदत और गम का अनूठा नज़ारा देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय की ओर से पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे सम्मान और धार्मिक उत्साह के साथ निकाला गया। देर शाम शुरू होकर यह जुलूस रात करीब 11 बजे तक विभिन्न गांवों, बाजारों, गलियों और मोहल्लों से होकर गुजरा, जिससे पूरे क्षेत्र में "या हुसैन... या हुसैन..." की सदाएं गूंज उठीं और माहौल मातमी रंग में रंग गया। इस जुलूस में सबसे आगे ढोल-ताशों की गूंज थी, जबकि पीछे बड़ी संख्या में अकीदतमंद मातम करते हुए चल रहे थे। हाथों में अलम लिए लोगों ने "हुसैन तेरी शहादत को सलाम" और "कर्बला-कर्बला" के नारों से वातावरण को और गमगीन बना दिया। जुलूस में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। मजलिस के दौरान, स्थानीय उलेमाओं और धर्मगुरुओं ने करबला की जंग, इमाम हुसैन की शहादत और उनके त्याग, बलिदान व इंसानियत के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि करबला का पैगाम सत्य, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है। वहीं, जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते, यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4