प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' की 23वीं किश्त का एकल क्लिक के माध्यम से पूरे देश के किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरण किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बालाघाट जिले में भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाभवन में किया गया, जिसमें किसान, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन और अधीक्षक भू-अभिलेख श्री कृष्णा नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले की सभी तहसीलों और विकासखंड मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। उल्लेखनीय है कि 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के तहत पात्र किसान परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष 6-6 हजार रुपये की राशि तीन समान किश्तों में मिलती है, जिससे उन्हें सालाना कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होती है। बालाघाट जिले में इन दोनों योजनाओं से 3 लाख 36 हजार 130 किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। 23वीं किश्त जारी होने के साथ ही जिले के किसानों के खातों में राशि पहुँच गई है, जो उन्हें खेती-किसानी और अन्य आवश्यक कार्यों में मदद करेगी। खास बात यह है कि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बालाघाट जिले के सर्वाधिक किसान परिवार इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित रूप से मिल रही यह आर्थिक सहायता कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' की 23वीं किश्त का एकल क्लिक के माध्यम से पूरे देश के किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरण किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बालाघाट जिले में भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाभवन में किया गया, जिसमें किसान, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन और
अधीक्षक भू-अभिलेख श्री कृष्णा नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले की सभी तहसीलों और विकासखंड मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। उल्लेखनीय है कि 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के तहत पात्र किसान परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष 6-6 हजार रुपये की
राशि तीन समान किश्तों में मिलती है, जिससे उन्हें सालाना कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होती है। बालाघाट जिले में इन दोनों योजनाओं से 3 लाख 36 हजार 130 किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। 23वीं किश्त जारी होने के साथ ही जिले के किसानों के खातों में राशि पहुँच गई है, जो उन्हें खेती-किसानी और अन्य आवश्यक कार्यों में मदद करेगी। खास बात यह है
कि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बालाघाट जिले के सर्वाधिक किसान परिवार इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित रूप से मिल रही यह आर्थिक सहायता कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।
- पुलिस को गुमराह करने का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक बालक की मौत को लेकर झूठी कहानी गढ़ी गई थी। शुरुआत में दावा किया गया था कि बालक की मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई है, लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज और टोल फुटेज की जाँच से सच्चाई सामने आ गई है। इन फुटेज ने यह राज खोला है कि बालक की मौत दरअसल एक ट्रैक्टर से गिरने के कारण हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने झूठी कहानी गढ़कर गुमराह करने के आरोप में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। जिस ट्रैक्टर से बालक गिरा था, उसे जब्त कर लिया गया है। वहीं, इस घटना के जिम्मेदार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र में एक बालक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस घटना को अब तक अज्ञात वाहन की टक्कर बताया जा रहा था, पुलिस जांच में वह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। पुलिस के अनुसार, बालक की मौत ट्रैक्टर से गिरने के कारण हुई थी और इस घटना को छिपाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। वारासिवनी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की जांच के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और टोल प्लाजा के फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि जिस समय दुर्घटना होने की बात कही गई थी, उस दौरान वहां से कोई संदिग्ध ट्रक या कार नहीं गुजरी थी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मृतक बालक अपने चचेरे भाई द्वारा चलाए जा रहे ट्रैक्टर पर सवार था, और उसके साथ उसका सगा भाई भी मौजूद था। यात्रा के दौरान, बालक ट्रैक्टर के पीछे की ओर जाने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक और ट्रैक्टर मालिक ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए अज्ञात वाहन की टक्कर की झूठी कहानी गढ़ी। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया। बालाघाट पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है तथा चालक और इस षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। बालाघाट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जनता से अफवाहों से बचने की अपील की है।2
- वारासिवनी-लालबर्रा मार्ग पर स्थित गायत्री लॉन के सामने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग 2 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें रेत से भरे ट्रैक्टर से गिरने से 14 वर्षीय नाबालिग बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम वारा निवासी हिमांशु राजेंद्र भूरे के रूप में हुई है, जो वारासिवनी के सांदीपनी शासकीय टिहली बाई स्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र था। यह पहली बार था जब हिमांशु रेत भरने के लिए ट्रैक्टर में गया था। घटना के तुरंत बाद, ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर मालिकों के कहने पर दुर्घटना को ट्रक से हुई बताया था, लेकिन अस्पताल में परिजनों का दर्द और बालक की क्षत-विक्षत लाश देखकर उसने पूरी सच्चाई बयान कर दी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद, उन्होंने घटना स्थल से मृतक बालक के शव को उठाकर शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जांच में पुलिस सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से ट्रक की तलाश कर रही थी। हालांकि, जैसे ही ट्रैक्टर चालक करण भुरे ने मीडिया के सामने घटना के ट्रैक्टर से घटने की पुष्टि की, पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया। थाना प्रभारी पवन यादव ने बताया कि आरोपी ट्रैक्टर चालक करण भुरे और ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल फरार ट्रैक्टर मालिकों की तलाश कर रही है।1
- एक मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सभी सम्मानित छात्रों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान कीं।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में वन विभाग ने कुएं में गिरे दो जंगली सूअरों को सफलतापूर्वक बचा लिया है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दोनों जंगली सूअरों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।1
- शासन के निर्देशानुसार, नगर परिषद लांजी में 15, 16 और 17 जून 2026 को जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों के लिए एक विशेष शिविर अभियान चलाया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मयूर वाहने के मार्गदर्शन में, नगर परिषद लांजी के प्रांगण में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य विभाग लांजी, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, वित्त विभाग और अन्य विभाग शामिल थे। इस शिविर में प्राप्त अधिक से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के समापन पर, यानी 17 जून 2026 को, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेखा ताराचंद कालबेले, उपाध्यक्ष श्री संदीप रामटेककर और सीएमओ श्री मयूर वाहने के हाथों पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। शिविर अभियान में सभी विभागीय स्टॉलों के साथ-साथ नगर परिषद लांजी के कर्मचारी श्री रणदीप मोनू वराडे, श्री विनोद रहमतकर, श्री संतोष भार्गव, श्रीमती वंदना भार्गव, श्रीमती जयवती कच्छवाहे, श्री लक्ष्मीकांत सोनवाने, श्री गोविंद राउत, श्री उपकेन्द्र वराडे, श्री श्याम vagare, श्री तेजराम आसटकर, श्री छगन मिश्रा, श्रीमती रेखा नागपुर, श्री काजू दुर्गकार और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बालाघाट में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक 12 वर्षीय बालक को एक जहरीले सांप ने डस लिया। इस घटना के बाद बालक को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि, समय पर अस्पताल पहुँचाने और इलाज शुरू होने के बावजूद, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया।1
- वारासिवनी थाने के गायत्री लॉन के सामने 19-20 जून की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ अवैध रूप से रेत चोरी करने वाले ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आने से 13 वर्षीय नाबालिग मजदूर हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक हिमांशु, शशांक दुबे के ट्रैक्टर पर मजदूरी का काम करता था। यह ट्रैक्टर वारासिवनी के टोंडिया नाले से रेत चोरी कर उसका अवैध परिवहन कर रहा था। इस घटना के बाद, वारासिवनी पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रैक्टर को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।1