लखीमपुर खीरी जिले के निघासन पावर हाउस से जुड़े बरोही फीटर के बम्हनपुर की एक लाइन में पिछले 8 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। घरों में लगे पंखे और कूलर महज शोपीस बनकर रह गए हैं, वहीं रात की कटौती ने लोगों की नींद को भी प्रभावित किया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति के सख्त निर्देश और दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत नजर आ रही है। निघासन पावर हाउस से जुड़े इस क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है। संबंधित अधिकारी, जिसमें निघासन के जेई साहब भी शामिल हैं, अपने फोन स्विचऑफ कर दिए हैं और कोई सटीक जवाब नहीं दे रहे हैं। लाइनमैन भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं, जिससे निघासन पावर हाउस बरोही फॉर्म फीटर की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और संबंधित अधिकारी 'कुंभकर्ण की गहरी नींद में मस्त' नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि सरकार के आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है, और शिकायतों के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब शासन ने पर्याप्त बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं, तो धरातल पर यह कटौती क्यों जारी है? उपभोक्ताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, क्योंकि भीषण गर्मी में बच्चे, बूढ़े सहित सभी ग्रामीण इस चरमराई व्यवस्था से आखिर कब तक परेशान रहेंगे। यह घटना 'योगी सरकार के आदेशों पर सवाल' खड़ा करती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बरकरार है और 18 से 20 घंटे आपूर्ति के दावे 'हवा-हवाई' साबित हो रहे हैं।
लखीमपुर खीरी जिले के निघासन पावर हाउस से जुड़े बरोही फीटर के बम्हनपुर की एक लाइन में पिछले 8 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है, जिससे भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। घरों में लगे पंखे और कूलर महज शोपीस बनकर रह गए हैं, वहीं रात की कटौती ने लोगों की नींद को भी प्रभावित किया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति के सख्त निर्देश और दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत नजर आ रही है। निघासन पावर हाउस से जुड़े इस क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है। संबंधित अधिकारी, जिसमें निघासन के जेई साहब भी शामिल हैं, अपने फोन स्विचऑफ कर दिए हैं और कोई सटीक जवाब नहीं दे रहे हैं। लाइनमैन भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं, जिससे निघासन पावर हाउस बरोही फॉर्म फीटर की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और संबंधित अधिकारी 'कुंभकर्ण की गहरी नींद में मस्त' नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि सरकार के आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है, और शिकायतों के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब शासन ने पर्याप्त बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं, तो धरातल पर यह कटौती क्यों जारी है? उपभोक्ताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, क्योंकि भीषण गर्मी में बच्चे, बूढ़े सहित सभी ग्रामीण इस चरमराई व्यवस्था से आखिर कब तक परेशान रहेंगे। यह घटना 'योगी सरकार के आदेशों पर सवाल' खड़ा करती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बरकरार है और 18 से 20 घंटे आपूर्ति के दावे 'हवा-हवाई' साबित हो रहे हैं।
- उत्तराखंड के चमोली में लखीमपुर खीरी निवासी अभय सिंह को अपनी कार पर 'जज' का फर्जी पास लगाकर घूमते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने जब कार को कब्जे में लेकर पूछताछ की, तो युवक ने बताया कि लखनऊ कोर्ट में कार्यरत उसके दोस्त के भाई ने यह पास उसे उपलब्ध कराया था। अभय सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने पहाड़ी क्षेत्रों में टोल टैक्स बचाने के लिए इस पास का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने उसे पकड़कर चालान किया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सार्वजनिक किया है।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) की मऊ इकाई ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दानपात्र और चंदा प्रबंधन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर आज एक सांकेतिक भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित किया। मऊ के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनपद मऊ की नगरपालिका और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आम जनता से भिक्षा मांगी, जिससे ₹420 की सांकेतिक राशि एकत्रित की गई। इस धनराशि को श्री चंपत राय को प्रेषित किया गया, जिसका उद्देश्य दानराशि के प्रबंधन पर उठ रहे सवालों पर जनभावनाओं को व्यक्त करना था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने जोर देकर कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान उनकी आस्था तथा विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने दानराशि के प्रबंधन को लेकर उठ रहे प्रश्नों को अत्यंत गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। सिंह ने यह भी कहा कि जब देश में आम जनता को ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता का पाठ पढ़ाया जाता है, तो आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने ₹420 के सांकेतिक भिक्षाटन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि जनता की आस्था, धन और विश्वास किसी की निजी संपत्ति नहीं है, और भ्रष्टाचार, अनियमितता या धन के दुरुपयोग की आशंका होने पर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विक्रम जीत सिंह ने आम आदमी पार्टी की भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और जनता के धन के दुरुपयोग के खिलाफ लगातार संघर्ष करने की प्रतिबद्धता दोहराई, यह कहते हुए कि धार्मिक, सामाजिक या सरकारी संस्थाओं में, जहाँ भी जनता के धन और विश्वास का प्रश्न होगा, वहाँ पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाती रहेगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जनता के धन की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो, यही उनकी मुख्य मांग है। इस दौरान अरमान खान, अवधेश मौर्य, रीता भारती, हैदर अली, शैरून निशा, रिजवाना और नूर सबा बानो सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।1
- बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की मौत अब सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि कई गंभीर सवालों का विषय बन गई है। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी हथियार के साथ घूम रहा था, पुलिस को चुनौती दे रहा था और गिरफ्तारी के दौरान उसने गोलीबारी की, जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में वह घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों की कहानी इस दावे के विपरीत है। उनका आरोप है कि भरत ने अपना हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी उसे गोली मारी गई। इस घटना के बाद हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और शव के साथ आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया, निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है। यह घटना एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा करती है कि यदि कोई व्यक्ति आरोपी था, तो उसे न्याय के लिए अदालत तक क्यों नहीं पहुंचाया गया।1
- बिहार के चर्चित भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर अब उत्तर प्रदेश में भी आवाज़ उठाई गई है। लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस मुठभेड़ को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की गई है। मोर्चा ने अपनी मांगों में यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। साथ ही, अगर मुठभेड़ फर्जी साबित होती है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। संगठन ने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है, जबकि जांच मानवाधिकार आयोग की निगरानी में कराने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने पर भी ज़ोर दिया है।2
- खीरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, फरधान पुलिस टीम ने दिनांक 20.06.2026 को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक खीरी (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सदर के मार्गदर्शन तथा थानाध्यक्ष फरधान के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नीतेश कुमार पुत्र सुशील कुमार, निवासी ग्राम अटकोनवा, थाना फरधान, जिला खीरी के रूप में हुई है, जिसे अटकोनवा गांव के बाहर नहर पुलिया के पास से चोरी किए गए सामान के साथ पकड़ा गया है। यह गिरफ्तारी थाना फरधान में पंजीकृत मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए) बीएनएस से संबंधित है। पुलिस को दिनांक 19.06.2026 को संविलियन विद्यालय अटकोनवा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका वंदना अवस्थी से एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया था कि नीतेश पुत्र सुशील ने विद्यालय के रसोई घर का ताला काटकर विद्यालय का सामान और गैस सिलेंडर चोरी कर लिया है। इस शिकायत के आधार पर, थाना फरधान में नीतेश पुत्र सुशील के खिलाफ मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव को सौंपी गई। विवेचना के दौरान, अभियुक्त नीतेश कुमार ने पूछताछ में स्वीकार किया कि दिनांक 13.06.2026 को विद्यालय बंद था, और वह दरवाजे के ऊपर चढ़कर अंदर घुसा था। उसने बताया कि पहले उसने गूलर खाया, फिर चोरी करने का विचार आया, जिसके बाद वह बाहर से एक आरी ले आया। उस आरी से उसने रसोई घर का ताला काटकर स्टील की 18 थालियां, 3 स्टील की प्लेटें, पुरानी मेज के लोहे के पाए, लोहे का एक इंगल, हैंडपंप की रॉड और उसका ढक्कन चोरी कर लिया था। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी का माल बरामद किया। बरामद किए गए सामान में एक पारदर्शी डिब्बे में ₹1100 नगद, एक सफेद कपड़े में कटा हुआ ताला और एक आरी, तथा एक जूट के बोरे में 18 स्टील की थालियां, 2 स्टील की प्लेटें, 10 लोहे के मेज के पाइप, एक मुड़ा हुआ लोहे का इंगल, एक लोहे की हैंडपंप रॉड और एक लोहे का हैंडपंप ढक्कन शामिल हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, उक्त मुकदमे में धारा 317(2) और 331(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। अभियुक्त नीतेश कुमार को अब मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए), 317(2), 331(3) बीएनएस के तहत विधिक कार्रवाई हेतु माननीय न्यायालय खीरी के समक्ष भेजा जा रहा है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, कांस्टेबल विकास यादव, कांस्टेबल कपिल कुमार, रिक्रूट कांस्टेबल अभिषेक यादव और रिक्रूट कांस्टेबल निखिल द्विवेदी शामिल थे।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में लखीमपुर खीरी का रहने वाला अभय सिंह नामक एक व्यक्ति अपनी कार पर 'जज' का पास लगाकर घूमते हुए पकड़ा गया। पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर अभय सिंह ने बताया कि लखनऊ कोर्ट में कार्यरत उसके एक दोस्त के भाई ने उसे यह 'जज' का पास उपलब्ध कराया था। उसने स्वीकार किया कि वह पहाड़ों में टोल टैक्स बचाने के लिए इस पास का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने अभय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया। इस पूरी घटना और अभय सिंह के बयान को पुलिस ने वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड कर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।1
- लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 20 जून 2026 को सुबह लगभग 8:24 बजे कटहा मोड़ नाले से करीब 250 मीटर आगे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने के बाद की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई दो भैंसें, दो 315 बोर के तमंचे और तीन 315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुलाम पुत्र हबीब, निवासी ग्राम पठाननपुरवा, थाना पढुआ, और अमित कुमार पुत्र माखन, निवासी ग्राम प्रीतमपुरवा, थाना निघासन, के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई भैंसों के संबंध में पहले से ही थाना सिंगाही में मुकदमा संख्या 127/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत एक मामला दर्ज है। इस बरामदगी के आधार पर, पढुआ थाने में मुकदमा संख्या 343/26 धारा 317(2)/317(5) बीएनएस और 3/25 आयुध अधिनियम 1959 के तहत नया मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस द्वारा दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मोहित पुण्डीर, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, कांस्टेबल चन्द्रमोहन त्यागी, कांस्टेबल अंकित कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल थे।1
- फिरोजाबाद से सामने आए एक वीडियो में, एक कथित वकील पर एक गरीब महिला से ₹9,500 की ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि इस कथित वकील ने महिला को उसके बेटे को थाने से छुड़ाने के नाम पर गुमराह किया और उससे पैसे ले लिए। वीडियो के अनुसार, पैसे लेने के बाद भी कथित वकील झूठ बोलता रहा और अब उसका 'भूत उतर गया' है, यानी उसकी सच्चाई सामने आ गई है।1