श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकरी द्वारा सोमवार को विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान पूर्णिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में गृह में अधिष्ठापित सभी सीसीटीवी कैमरे संचालित अवस्था में पाये गये। गृह में कुल 04 बच्चें आवासित पाये गये। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा गृह की A.N.M से सभी बच्चों के मेडिकल फाइल्स, बच्चों का वजन, पोषण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों के मेडिकल फाइल्स की बारिकी से जांच की गई। मौके पर उपस्थित श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया से बच्चों के दत्तकग्रहण की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। श्री सुमित प्रकाश,अध्यक्ष बाल कल्याण समिति से विधिक रूप से स्वतंत्र होने की स्थिति की बारे में जानकारी ली गई। श्री अमरेश कुमार,सहायक निदेशक द्वारा बताया गया की जिला में परित्यक्त एवं असुरक्षित बच्चों के मामलों में प्रशासन एवं पुलिस की सक्रियता देखी जा रही है। मार्च 2026 में रूपौली क्षेत्र में एक नवजात शिशु सड़क किनारे परित्यक्त अवस्था में मिला। जिसको स्थानीय लोगों एवं आशा कार्यकर्ता की तत्परता से बच्चें को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद में जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) द्वारा बच्चें को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर बच्चें को दत्तकग्रहण संस्थान, पूर्णिया में रखा गया । फरवरी 2026 में GMCH पूर्णिया से दो छोटे बच्चों का अपहरण हुआ परन्तु पुलिस दबाव के कारण आरोपियों ने बच्चों को रास्ते में छोड़ दिया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। नवजात परित्याग की घटनाएँ (विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में), के अस्पतालों से बच्चों की चोरी एवं तस्करी का खतरा जागरूकता की कमी,असुरक्षित प्रसव एवं सामाजिक कारण प्रमुख चुनौतियाँ हैं। उनके द्वारा बताया गया कि इस तरह के मामले अगर संज्ञान में आते हैं तो इसके पूर्णिया जिला में चाईल्ड हेल्पलाइन सक्रिय है। बच्चों से सम्बन्धी कोई मामला संज्ञान में आती है तो चाईल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर 24×7 कॉल कर सकते हैं तथा इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया एवं बाल कल्याण समिति तथा सम्बन्धित थाने को दे सकते हैं। जिला पदाधिकरी महोदय द्वारा सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई को किशोर न्याय अधिनियम व संगत नियमावली तथा दत्तकग्रहण के प्रावधानों के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ाने का निदेश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री स्वीटी सहरावत (भा०पु०से०), श्री आलोक रंजन, अपर पुलिस अधीक्षक; श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया, श्री सुमित प्रकाश, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति,श्री विवेक कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकरी द्वारा सोमवार को विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान पूर्णिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में गृह में अधिष्ठापित सभी सीसीटीवी कैमरे संचालित अवस्था में पाये गये। गृह में कुल 04 बच्चें आवासित पाये गये। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा गृह की A.N.M से सभी बच्चों के मेडिकल फाइल्स, बच्चों का वजन, पोषण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी द्वारा बच्चों के मेडिकल फाइल्स की बारिकी से जांच की गई। मौके पर उपस्थित श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया से बच्चों के दत्तकग्रहण की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। श्री सुमित प्रकाश,अध्यक्ष बाल कल्याण समिति से विधिक रूप से स्वतंत्र होने की स्थिति की बारे में जानकारी ली गई। श्री अमरेश कुमार,सहायक निदेशक द्वारा बताया गया की जिला में परित्यक्त एवं असुरक्षित बच्चों के मामलों में
प्रशासन एवं पुलिस की सक्रियता देखी जा रही है। मार्च 2026 में रूपौली क्षेत्र में एक नवजात शिशु सड़क किनारे परित्यक्त अवस्था में मिला। जिसको स्थानीय लोगों एवं आशा कार्यकर्ता की तत्परता से बच्चें को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद में जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) द्वारा बच्चें को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर बच्चें को दत्तकग्रहण संस्थान, पूर्णिया में रखा गया । फरवरी 2026 में GMCH पूर्णिया से दो छोटे बच्चों का अपहरण हुआ परन्तु पुलिस दबाव के कारण आरोपियों ने बच्चों को रास्ते में छोड़ दिया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। नवजात परित्याग की घटनाएँ (विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में), के अस्पतालों से बच्चों की चोरी एवं तस्करी का खतरा जागरूकता की कमी,असुरक्षित प्रसव एवं सामाजिक कारण प्रमुख चुनौतियाँ हैं। उनके द्वारा बताया गया कि इस तरह
के मामले अगर संज्ञान में आते हैं तो इसके पूर्णिया जिला में चाईल्ड हेल्पलाइन सक्रिय है। बच्चों से सम्बन्धी कोई मामला संज्ञान में आती है तो चाईल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर 24×7 कॉल कर सकते हैं तथा इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया एवं बाल कल्याण समिति तथा सम्बन्धित थाने को दे सकते हैं। जिला पदाधिकरी महोदय द्वारा सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई को किशोर न्याय अधिनियम व संगत नियमावली तथा दत्तकग्रहण के प्रावधानों के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ाने का निदेश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री स्वीटी सहरावत (भा०पु०से०), श्री आलोक रंजन, अपर पुलिस अधीक्षक; श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्णिया, श्री सुमित प्रकाश, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति,श्री विवेक कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
- आज दिनांक 30.03.2026 (सोमवार) को कार्यालय कक्ष में श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा उर्वरक उपलब्धता संबंध में समीक्षात्मक बैठक की गई । वर्तमान में जिला अंतर्गत यूरिया 6747 MT, डीएपी 5192 MT, एम ओ पी 1524 MT, एन पी के 7567 MT उर्वरक उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा सभी को निदेश दिया गया कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में सतत भ्रमण करेंगे, अनियमिता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उक्त बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी उपस्थित हुए।3
- सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरादपुर से विकास को लेकर एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के दावों की पोल खोल दी है। यहाँ के ग्रामीणों को लगा था कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। विधायक ने किया था शिलान्यास, पर काम पड़ा अधूरा मिली जानकारी के अनुसार, मुरादपुर पंचायत में रामप्रसाद मुखिया के घर से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र तक मिट्टी सोलिंग और PCC ढलाई कार्य का शिलान्यास महिषी विधायक गौतम कृष्णा के द्वारा धूमधाम से किया गया था। इस घोषणा के बाद ग्रामीणों में विकास की एक नई उम्मीद जगी थी, लेकिन समय बीतने के साथ ही वह उम्मीद अब आक्रोश में बदल रही है। पानी और कीचड़ में चलने को मजबूर हैँ ग्रामीण शिलान्यास के महीनों बाद भी यहाँ सड़क निर्माण कार्य अधूरा है। हालत यह है कि आज भी ग्रामीण घुटने भर पानी और कीचड़ के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। खासकर छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र जाने और बुजुर्गों को आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ पत्थर गाड़ देने से विकास नहीं होता, जब तक उसे अमलीजामा न पहनाया जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग और स्थानीय विधायक इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और इस अधूरी सड़क का निर्माण कार्य कब तक पूरा हो पाता है।1
- नौहट्टा प्रखंड के दिबरा गांव से एक गर्व की खबर सामने आई है, जहां गांव के लाल मोहम्मद अहसान ने बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 474 अंक हासिल कर सहरसा जिला में 5वां स्थान प्राप्त किया है। इस बड़ी उपलब्धि से पूरे गांव और प्रखंड में खुशी का माहौल है और लोग इस होनहार छात्र की जमकर सराहना कर रहे हैं। इस खास मौके पर समाजसेवी नैयार इकबाल के द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिला टॉपर मोहम्मद अहसान सहित कुल 9 छात्रों को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई और उनकी इस सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पूरे गांव और प्रखंड के लिए गर्व की बात है और इससे अन्य बच्चों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। छोटे से गांव से निकलकर बड़ी सफलता हासिल करने वाले ये छात्र आज समाज के लिए मिसाल बन गए हैं।1
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- मनीषा कुमारी ने मैट्रिक में मधुबनी का नाम बढ़ाया, 451 अंक प्राप्त कर बरसाम गांव का मान बढ़ाया" मनीषा कुमारी ने बिहार मैट्रिक परीक्षा 2026 में 451 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। उनके विषयवार अंक निम्नलिखित हैं: - मैथिली: 78 - हिंदी: 92 - अंग्रेजी: 73 - गणित: 93 - सामाजिक विज्ञान: 92 - विज्ञान: 96 मनीषा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। उन्हें आगे भी इसी तरह से पढ़ाई करने की सलाह दी जा रही है। *पता:* मनीषा कुमारी दयाराम हाई स्कूल, भेजा, मधुबनी पिता का नाम: रंजीत कुमार झा रोल कोड: 62049 रोल नंबर: 2600002 रजिस्ट्रेशन नंबर: 62049-00015-25 [1] *टाइटल:* 1. "मधुबनी की मनीषा कुमारी ने मैट्रिक में 451 अंक लाकर मचाया धमाल 🎉" 2. "मैट्रिक परीक्षा में मनीषा कुमारी की शानदार जीत: 451 अंक हासिल कर मधुबनी का बढ़ाया मान" 3. "मनीषा कुमारी ने मैट्रिक में दिखाया जलवा, 451 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण" 4. "मधुबनी की बेटी मनीषा कुमारी ने मैट्रिक में हासिल की सफलता, 451 अंक प्राप्त कर किया नाम रोशन"1
- नौहट्टा कहावत है कि "हौसलों में उड़ान हो, तो आसमान भी छोटा पड़ता है।" इसे सच कर दिखाया है सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत दिबरा गांव के उभरते सितारे मोहम्मद एहसान ने। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा जारी 10वीं के नतीजों में एहसान ने 474 अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सहरसा जिले में 5वां स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर दिबरा गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है। इस खुशी के मौके पर प्रख्यात समाजसेवी नैयार इकबाल के नेतृत्व में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिला टॉपर मोहम्मद एहसान सहित कुल 9 मेधावी छात्रों को मुख्य रूप से आमंत्रित किया गया। समाजसेवी नैयार इकबाल ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया। 1