कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के राजपुरा बांध में दो मगरमच्छ मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि मछली पकड़ने के दौरान दोनों मगरमच्छ जाल में फंस गए और बाद में शिकारियों ने उन्हें मार दिया। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने दोनों मृत मगरमच्छों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि मृत मगरमच्छों के शव करीब 48 घंटे पुराने होने के कारण उनकी चमड़ी सड़-गल गई थी। वनकर्मियों और नवयुवा रेस्क्यू दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बांध से बाहर निकाला। इस मामले में वन विभाग ने बांध क्षेत्र में मौजूद मछली पकड़ने वाले ठेकेदार के चार श्रमिकों को पूछताछ के लिए संरक्षण में लिया है। सहायक वन संरक्षक प्रमोद सिंह नरुका ने बताया कि शनिवार सुबह शेड्यूल-प्रथम वन्यजीवों के लिए गठित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। कुम्भलगढ़ अभयारण्य सादड़ी के रेंजर अरविंद सिंह झाला के अनुसार प्रथम दृष्टया मगरमच्छों के जाल में फंसने की आशंका है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएंगे। फिलहाल संदेह के आधार पर मछली पकड़ने वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है।
कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के राजपुरा बांध में दो मगरमच्छ मृत अवस्था में मिलने से वन विभाग और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि मछली पकड़ने के दौरान दोनों मगरमच्छ जाल में फंस गए और बाद में शिकारियों ने उन्हें मार दिया। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने दोनों मृत मगरमच्छों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि मृत मगरमच्छों के शव करीब 48 घंटे पुराने होने के कारण उनकी चमड़ी सड़-गल गई थी। वनकर्मियों और नवयुवा रेस्क्यू दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बांध से बाहर निकाला। इस मामले में वन विभाग ने बांध क्षेत्र में मौजूद मछली पकड़ने वाले ठेकेदार के चार श्रमिकों को पूछताछ के लिए संरक्षण में लिया है। सहायक वन संरक्षक प्रमोद सिंह नरुका ने बताया कि शनिवार सुबह शेड्यूल-प्रथम वन्यजीवों के लिए गठित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। कुम्भलगढ़ अभयारण्य सादड़ी के रेंजर अरविंद सिंह झाला के अनुसार प्रथम दृष्टया मगरमच्छों के जाल में फंसने की आशंका है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएंगे। फिलहाल संदेह के आधार पर मछली पकड़ने वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है।
- नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का पहला गैंगस्टर और सीलमपुर का बीसी व मकोका का अपराधी रह चुका हाजी अफजाल इतने सारे लड़कों को लेकर जंतर-मंतर पहुँचा है। उसकी इस मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए तीखा तंज कसा गया है कि क्या वह भी नीट का एग्ज़ाम दे रहा था। इस मामले में साज़िश के तार बहुत गहरे होने और जमकर फंडिंग किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश की जाँच एजेंसियों पर सीधे सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि आखिर वे इस दौरान क्या कर रही थीं।1
- दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अपनी आगे की रणनीति और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर बयान दिया है। आगे की योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे जल्द ही आगे की स्ट्रैटेजी बताएंगे। उन्होंने थोड़ा समय मांगते हुए कहा कि यह कल ही खत्म हुई है, इसलिए उन्हें थोड़ा वक्त दिया जाए। सरकार के साथ बातचीत के बारे में उन्होंने बताया कि जो केस फाइल किए गए हैं, उनके संबंध में चर्चा जारी है और किसी भी स्टूडेंट के खिलाफ कोई केस रजिस्टर नहीं होना चाहिए। पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर भी अभिजीत दिपके ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि उस विषय पर भी बात की जाएगी और फिलहाल इसके लिए प्लानिंग की जा रही है।1
- जगदलपुर के डीएसपी यातायात श्री संतोष जैन जी का स्थानांतरण अंतागढ़ हो गया है। इस अवसर पर आज जगदलपुर यातायात विभाग द्वारा उन्हें विदाई दी गई और नए दायित्व के लिए बधाई भी दी गई।1
- दिल्ली में यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज की ऊंचाई पर एक रंगीन कैफे रेस्तरां (रेस्टोरेंट) का निर्माण किया गया है। यह वीडियो मजनूं का टीला और दिल्ली मॉनेस्ट्री के आसपास के क्षेत्र का है, जिसमें सिग्नेचर ब्रिज के ऊपर बने इस कैफे को दर्शाया गया है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में कई सप्ताह से चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रही CJP ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया है। सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद CJP ने कहा कि उनकी सभी प्रमुख मांगें मान ली गई हैं। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। इस फैसले को लोकतंत्र और युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर जश्न मनाया और कहा कि "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए"। CJP ने साफ किया है कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की लड़ाई नहीं थी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग का आंदोलन था। आंदोलन खत्म होने के बाद भी सरकार और CJP के बीच आगे सुधारों को लेकर बातचीत जारी रहेगी। CJP का मानना है कि अब असली चुनौती सरकार के सामने है और पूरे देश की नजर इस बात पर बनी रहेगी कि सरकार शिक्षा सुधारों व अपने वादों को कितनी गंभीरता और तेजी से जमीन पर उतारती है।1
- केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उनसे छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की है। देवेंद्र यादव ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा मंत्रालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा के प्रश्नपत्र किसी भी स्थिति में लीक न हों। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि छात्रों की मांगों पर विशेष ध्यान दिया जाए और शिक्षा से संबंधित नीतियां बनाते समय छात्रों के हितों एवं उनके लिए तैयार किए गए चार्टर को ध्यान में रखा जाए। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि इस नए नेतृत्व के तहत शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनेगी।1
- केरल के मलप्पुरम में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।1