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*सुप्रीम कोर्ट के वकील ही सड़क पर उतर आए❗* *EVM धांधली के खिलाफ सीधा मार्च सुप्रीम कोर्ट से पार्लियामेंट थाने तक।* *मांग सिर्फ एक - चुनाव आयोग पर FIR दर्ज करो❗* *वकीलों ने कहा - अगर सुप्रीम कोर्ट ईमानदारी से काम करता, तो चुनाव आयोग कानून को ताक पर नहीं रख पाता।* *क्या अब जांच होगी❓*
Abhishek ranjan
*सुप्रीम कोर्ट के वकील ही सड़क पर उतर आए❗* *EVM धांधली के खिलाफ सीधा मार्च सुप्रीम कोर्ट से पार्लियामेंट थाने तक।* *मांग सिर्फ एक - चुनाव आयोग पर FIR दर्ज करो❗* *वकीलों ने कहा - अगर सुप्रीम कोर्ट ईमानदारी से काम करता, तो चुनाव आयोग कानून को ताक पर नहीं रख पाता।* *क्या अब जांच होगी❓*
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- सुशांत- दिशा के गवाहों पर हमला! सलमान खान को लेकर क्यों मचा बवाल?1
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- पूर्णिया जिला के पूर्णिया को रेलवे स्टेशन पर कैंटीन में खाना देने के नाम 250सौ से ₹200 लेकर तब सीट पर बैठने दिया जाता है पैसा नहीं देने पर मारपीट करने से उतार दिया जाता है जनरली बकाया हाल अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस अमृतसर जंक्शन एक्सप्रेस युवा समाज कल्याण रुपौली पूर्णिया1
- भागलपुर नाथनगर कांवरिया संघ की बहुप्रतीक्षित कांवर यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ यात्रा में लगभग 35 बड़े-बड़े कांवर शामिल रहे संघ के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया *नाथनगर कांवरिया संघ की भव्य कांवर यात्रा निकली* लोकेशन सुल्तानगंज भागलपूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर नाथनगर कांवरिया संघ की बहुप्रतीक्षित कांवर यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ यात्रा में लगभग 35 बड़े-बड़े कांवर शामिल रहे संघ के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया कांवर यात्रा में संघ के अध्यक्ष श्री वकील साह, राजेश यादव, आशीष कुमार, अनमोल यादव, गोपाल यादव, रंजन यादव, नागौ यादव, दिलीप यादव एवं मोनू खटीक सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कांवरिया उपस्थित रहे यात्रा के दौरान पासी टोला दुर्गा स्थान में संघ के पदाधिकारियों एवं सभी कांवरियों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया मां दुर्गा को भोग अर्पित करने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया इसके बाद कांवरियों का जत्था के बी लाल रोड होते हुए बाबा मनसकामना नाथ मंदिर, घोसी टोला एवं बम भोकरानाथ के रास्ते सुल्तानगंज के लिए रवाना हुआ पूरे मार्ग में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा सभी कांवरिया भाई बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज में पूजा-अर्चना कर एवं गंगाजल भरने के बाद कांवर यात्रा देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया4
- कटिहार निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री का काम अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाने की दिशा में किए गए बदलाव का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कटिहार निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री का काम अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाने की दिशा में किए गए बदलाव का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचने वाले लोगों को पहले की तुलना में कागजी प्रक्रिया से कम जूझना पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए दस्तावेजों की तैयारी और सत्यापन को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे समय की बचत के साथ रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में भी मदद मिल रही है। निबंधन कार्यालय में लोगों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नई व्यवस्था को समझकर इसका इस्तेमाल कर सकें। जिला अवर निबंधक हरिशंकर सुमन ने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से रजिस्ट्री प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि रजिस्ट्री के दौरान अनावश्यक परेशानी कम हो। कुल मिलाकर, कटिहार निबंधन कार्यालय अब पारंपरिक कागजी व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम की ओर तेजी से कदम बढ़ाता नजर आ रहा है।1
- पूर्णिया जिले के चौपाई गांव में युवक युवतियों का अंतरजाती विवाह होने के कारण गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है1
- 📍अपन को LoP देवता जैसा चाहिए, मुखिया तो विदूषक भी चलेगा..! अपन ने सुना है कि इंदौर में राहुल के मंच पर एक कॉमेडियन की चंद सेकंड की मौजूदगी से धरती हिल रही है। नैतिकता के ध्वजवाहकों ने कलप कलप कर महा जलप्लावन कर दिया है। तो अपन भी राहुल को लानत भेजते हैं। जी बिल्कुल ऐसी मिमिक्री और वो भी देश के मुखिया की नहीं होना चाहिए। उस कॉमेडियन ने किसी की मां का नाम लेकर भी कुछ हास परिहास किया। ये भी नहीं होना चाहिए। वैसे कॉमेडियन ने मुखिया जी की मां की बारे में कुछ नहीं कहा। ('मां के लिए कुर्सी लाओ' माननीय की आमसभा के उस स्क्रिप्टेड ड्रामा पर तंज था जिसमें माननीय एक ऐसी महिला के लिए कुर्सी लाने को कह रहे थे जिसके गले में VIP पास का पट्टा तक लटका था।) फिर भी कितना शुभ संकेत है कि हमारा समाज नैतिकता के ऐसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है जहां उसे विपक्ष के नेता के मंच से बित्ते भर की घटियाई मंज़ूर नहीं। अपन भी चाहते हैं कि विपक्ष का नेता चौबीस कैरेट सोने जैसा हो, कोहिनूर जैसा हो, देवता समान हो, भले ही देश का मुखिया कीचड़युक्त कोयला हो। अपन भी चाहते हैं कि विपक्ष के नेता के मंच से सुई की नोंक के बराबर घटियापन न हो भले ही ख़ुद देश का मुखिया छिछोरियाई की मिसाल कायम करता रहे। इस नैतिकता के तकाजे पर आप सबको एक हज़ार सलाम। (देश के मुखिया की कथनी करनी पर आगे सुबूतों के साथ सब बताएंगे।) अब कुछ सवाल.. १) क्या इंदौर में राहुल गांधी ने अपने मुंह से एक भी शब्द ऐसा बोला जो अनुचित हो? २) क्या राहुल गांधी ने अपने पूरे सार्वजनिक, राजनैतिक जीवन में कभी कोई एक भी शब्द स्त्री विरोधी कहा है? अगर कहा हो तो प्लीज बताएगा। ३) क्या राहुल से पहले किसी नेता ने किसी प्रधानमंत्री की खिल्ली नहीं उड़ाई? क्या ख़ुद माननीय ने कभी किसी पूर्व प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्द नहीं कहे? ▪️ आइए अब माननीय जी के स्वयं के करतब और बोल वचन याद कर लीजिए। अगर आप 'गजनी' के संजय सिंघानिया नहीं बन गए हैं तो आपको याद होगा कि... १) एक बार भरे मंच से माननीय ने एक हाथ की उंगलियां मोड़ कर छेद जैसा बनाया और उस पर दूसरे हाथ की हथेली ठोकते रहे। ये कैसा किस बात का 'शालीन' इशारा था क्या आप बता सकते हैं? इसका वीडियो आप ख़ुद ढूंढ लीजिए। २) माननीय ने संसद में विपक्ष के नेता की खिल्ली उड़ाने को दोनों हाथों की उंगलियां नचा नचा कर जो प्रहसन किया था वो क्या था? (वीडियो संलग्न है ) २) माननीय ने अपने श्रीमुख से सोनिया गांधी को जर्सी गाय कहा, पार्टी की विधवा कहा था। ३) माननीय ने अपनी पवित्र जिह्वा से किसी दिवंगत महिला को पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड कहा था। ४) माननीय ने संसद में एक महिला सांसद को शूर्पणखा कहा था। क्या ये किसी महिला का सम्मान बढ़ाने वाला शब्द था? ५) माननीय ने संसद के भीतर विपक्ष के नेता को बाल बुद्धि कहा, बाहर खड़े होकर कहा कि मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा। क्या आज़ाद भारत के इतिहास में किसी प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेता पर ऐसे स्तरहीन व्यंग्य बाण चलाए हैं? ६) माननीय ने डिसलेक्सिया से पीड़ित बच्चों का मज़ाक बनाते हुए नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा था और उस समय उनकी मां तक पर कटाक्ष किया था। ये किस स्तर की राजनीति थी? ७) माननीय ने डॉ मननोहन सिंह को मौन मोहन कहा, देहाती औरत कहा था। क्या ये किसी पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान नहीं था? ८) संसद में खड़े होकर माननीय ने मनमोहन सिंह के लिए कहा था कि वे बाथरूम में रेन कोट पहन कर नहाने हैं। ये किस नैतिकता के उच्चतम स्तर की भाषा थी? ९) एक महिला मुख्यमंत्री को भरी सभा में सड़कछाप शोहदों की तरह दीदी ओ दीदी कह कर बुलाना किस भाषाई संस्कार की नुमाइश थी? आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को एक अख़बार की हैडलाइन में 'कमेंटमारा ब्यॉय' लिखा गया। मतलब सड़क पर लड़कियों पर कमेंट करने वाले लफंगा। (देखें द टेलीग्राफ) १०) अंतर्राष्ट्रीय दौरों पर माननीय के क्रियाकलाप की सूची बनाने का काम आप खुद कर लीजिए। विदूषकों जैसे करतबों की इतनी लंबी फेहरिस्त है कि आप गिनते गिनते थक जायेंगे। लेकिन इन अनगिनत स्तरहीन हरकतों और बोल वचन को हमारा नैतिकतावादी समाज अमृत समझ कर पी जाता है। कल से अब तक जितने लोग राहुल के मंच पर मिमिक्री से मचल रहे हैं उनमें से किसी ने भी माननीय के विदूषकों जैसे व्यवहार पर कभी एक शब्द नहीं लिखा। काहे...?1