सागर जिले के बण्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक शासकीय विद्यालय में घुसकर उत्पात मचाने और शिक्षकों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 10 जुलाई 2026 की है, जब शासकीय विद्यालय ग्राम क्वायला में शिक्षिका श्रीमती लक्ष्मी सोनी बच्चों को पढ़ा रही थीं। इसी दौरान ग्राम क्वायला निवासी नीलेश उर्फ डिल्लू यादव और उसके साथी सोनू दांगी ने विद्यालय परिसर में आकर हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षिका द्वारा समझाने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज की और शिक्षक व उपस्थित बच्चों के साथ मारपीट कर भय का माहौल पैदा किया। फरियादिया श्रीमती लक्ष्मी सोनी की शिकायत पर बण्डा पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 471/2026 दर्ज किया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 296(बी), 115(2), 351(2), 3(5), 121(1), 132 एवं 221 शामिल हैं, के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदीप सिंह भदौरिया और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) प्रदीप वाल्मीकि के निर्देशन व मार्गदर्शन में थाना बण्डा की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों को उप जेल बण्डा भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेन्द्र कुशवाह, उप निरीक्षक आदिल खान, प्रधान आरक्षक भोलानाथ यादव व रमेश, तथा आरक्षक दशरथ और प्रहलाद की भूमिका रही।
सागर जिले के बण्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक शासकीय विद्यालय में घुसकर उत्पात मचाने और शिक्षकों के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 10 जुलाई 2026 की है, जब शासकीय विद्यालय ग्राम क्वायला में शिक्षिका श्रीमती लक्ष्मी सोनी बच्चों को पढ़ा रही थीं। इसी दौरान ग्राम क्वायला निवासी नीलेश उर्फ डिल्लू यादव और उसके साथी सोनू दांगी ने विद्यालय परिसर में आकर हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षिका द्वारा समझाने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज की और शिक्षक व उपस्थित बच्चों के साथ मारपीट कर भय का माहौल पैदा किया। फरियादिया श्रीमती लक्ष्मी सोनी की शिकायत पर बण्डा पुलिस ने तत्काल अपराध
क्रमांक 471/2026 दर्ज किया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 296(बी), 115(2), 351(2), 3(5), 121(1), 132 एवं 221 शामिल हैं, के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदीप सिंह भदौरिया और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) प्रदीप वाल्मीकि के निर्देशन व मार्गदर्शन में थाना बण्डा की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों को उप जेल बण्डा भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेन्द्र कुशवाह, उप निरीक्षक आदिल खान, प्रधान आरक्षक भोलानाथ यादव व रमेश, तथा आरक्षक दशरथ और प्रहलाद की भूमिका रही।
- सागर पुलिस कंट्रोल रूम के प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान की प्रतिभावान पुत्री अंजली चौहान ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से स्नातकोत्तर प्रौद्योगिकी (एम.टेक.) की उपाधि प्राप्त कर जिले और पूरे मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है। दीक्षांत समारोह में उपाधि मिलने के तुरंत बाद ही अंजली का चयन एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में आकर्षक वेतनमान पर हो गया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर सागर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, शुभचिंतकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने चौहान परिवार को बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। अंजली ने वर्ष 2023 में अपनी स्नातक परीक्षा के अंतिम वर्ष के दौरान ही अभियांत्रिकी स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) में अखिल भारतीय स्तर पर 13वीं रैंक हासिल कर अपनी राष्ट्रीय पहचान स्थापित की थी, जिसके आधार पर उन्हें बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश मिला था। अंजली का परिवार पहले से ही राष्ट्रसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है; उनके बड़े भाई वर्ष 2019 से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में एक वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण और व्यस्त दायित्वों के बीच भी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर चौहान परिवार ने सफलता का श्रेय अंजली की अथक मेहनत, गुरुजनों के मार्गदर्शन, माता-पिता के विश्वास और ईश्वर की कृपा को दिया है। अंजली की यह उपलब्धि सागर जिले और पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों, विशेष रूप से बेटियों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।4
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की खुरई तहसील के खिमलासा ग्राम में 11 गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील में भी गौ सेवक इसके समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा होने से दुखी गौ सेवकों का कहना है कि इस भूमि पर सिर्फ उन पर ही अत्याचार क्यों हो रहा है? बिना किसी सरकारी वेतन या सुविधा के दिन-रात गौ सेवा और रक्षा करने वालों पर मुकदमा दर्ज करना कैसा न्याय है? गौ सेवकों का आक्रोश इस बात पर है कि सागर जिले के एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर और सभी जनप्रतिनिधियों को 3 वर्षों में 164 ज्ञापन सौंपने के बावजूद न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। हताश होकर जब गौ सेवक सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे, तो उनके खिलाफ सड़क जाम करने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। गौ सेवकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्वालियर के डबरा में जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़कें जाम की थीं, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया? इस अन्याय के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि मुक्त कर गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में बड़ा रूप लेगा। गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने मांग की है कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए, अतिक्रमण मुक्त कर गोचर भूमि गायों को सौंपी जाए और गौ रक्षकों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। इस संबंध में विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, और चंद्रेश सहित कई गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का स्वागत कर उन्हें गोचर भूमि और गौ रक्षकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा है।2
- सागर जिले के देवरी बस स्टैंड पर एक मोबाइल दुकान के सामने खड़ी मोटरसाइकिल से एक महिला का बैग चोरी होने का मामला सामने आया है। इस बैग में करीब 90 हजार रुपये की कीमत के सोने-चांदी के जेवरात रखे हुए थे, जिसे अज्ञात चोर उड़ा ले गया। चोरी की यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में चोर मोटरसाइकिल से बैग चोरी करते हुए साफ नजर आ रहा है। इस घटना के बाद पीड़िता ने देवरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से अज्ञात चोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल पहुंचने के बाद उन्होंने दतिया फोन किया और वहां मौजूद अपने कार्यकर्ताओं को फोन पर समझाते हुए बातचीत की।1
- ललितपुर के मड़ावरा में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों और जनहितैषी योजनाओं में पारदर्शिता व सुचिता बरतने की मांग को लेकर एक मोटरसाइकिल रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। नगर भ्रमण करने के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सहायक विकास अधिकारी को बीडीओ के नाम एक 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए विकासखंड की 65 ग्राम पंचायतों के लिए कई मांगें रखी गई हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों, संपर्क मार्गों व सीसी रोड का निर्माण व मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, पात्र परिवारों को राशनकार्ड, आवास योजना व पेंशन का लाभ देने की मांग शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम में मुक्तिधाम, सामुदायिक शौचालय, खेल मैदान का निर्माण कराने, अंबेडकर पार्क के लिए आरक्षित भूमि की पैमाइश कराकर बाउंड्रीवाल बनवाने, अन्ना मवेशियों को आश्रय स्थल भेजकर गांवों को अन्ना मवेशी मुक्त घोषित करने, वीबी जी रामजी योजना में भ्रष्टाचार रोकने, और विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक व आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस सौंपे गए ज्ञापन पर तहसील अध्यक्ष सोनू चौधरी, ब्लॉक संयोजक गोलू अहिरवार, सीताराम चौधरी, धर्मेंद्र गौतम, अनिल, रामविदेश, सुनील हंसरी, संदीप चौधरी, हरिश्चंद्र, अंकुश और अजय कुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर मौजूद थे।2
- सागर जिले के बीना में शासन-प्रशासन के रवैये से परेशान और हताश होकर सड़कों पर रोने-चिल्लाने बैठे गौ सेवकों पर मुकदमा दर्ज होने से भारी आक्रोश फैल गया है। कुल 164 बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब प्रशासन ने तीन वर्षों में कोई सुनवाई नहीं की, तो गौ सेवकों ने सड़क पर बैठकर अपनी पीड़ा जाहिर की। इसके बाद सागर जिले की खिमलासा तहसील में 11 गौ सेवकों पर सड़क पर बैठने का मुकदमा कायम कर दिया गया। गौ सेवकों में इस बात को लेकर गहरा दुख और गुस्सा है कि मध्य प्रदेश की भूमि पर सिर्फ उन पर ही इस तरह का अत्याचार क्यों हो रहा है। उनका कहना है कि पहले ही 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और अब अन्य गौ सेवकों पर मुकदमे लादे जा रहे हैं। वे बिना किसी सरकारी तनख्वाह या सुविधा के दिन-रात गौ माता की सेवा और रक्षा करते हैं, फिर भी न तो चरनोई की भूमि मुक्त कराई गई और न ही गायों के लिए कोई व्यवस्था की गई। गौ सेवकों ने प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब ग्वालियर के डबरा में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम की और वे सड़कों पर लेट गए, तब उन पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ? इस कार्रवाई के खिलाफ राष्ट्रीय हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने चेतावनी दी है कि या तो गोचर भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त किया जाए और गौ माता की व्यवस्था की जाए, अन्यथा यह आंदोलन पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा रूप अख्तियार करेगा। वहीं, गौ रक्षक सेना और सनातन रक्षक सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विशालदास वैष्णव ने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष में साधु-संतों के बाद अब मुस्लिम, सिख और ईसाई भाई भी गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने सरकार से विलंब न करते हुए चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और गौ रक्षकों पर दर्ज निराधार व झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की है, अन्यथा आगे जगह-जगह आंदोलन की चेतावनी दी है। अपनी मांगों को लेकर कल सभी गौ सेवकों ने केंद्रीय कृषि एवं विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया और गोचर भूमि व गौ रक्षकों के संबंध में उन्हें भी एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विशाल वैष्णव, मुकेश सोनी, देवेंद्र रघुवंशी, संजू यादव, गजराज राय, राकेश दुबे, चंद्रेश, हरिओम शास्त्री, भोला गोस्वामी, रविंद्र ठाकुर, लालू महाराज, प्रद्युमन शर्मा, राजा शर्मा, आनंद कुशवाह, दिनेश पटेल, दिनेश प्रजापति, राजेश जैन सहित कई अन्य गौ रक्षक मौजूद रहे।4
- ललितपुर के मड़ावरा क्षेत्र के अंतर्गत मदनपुर थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम उल्दना खुर्द के जंगल में शनिवार दोपहर को महुआ के फल तोड़ते समय एक 13 वर्षीय किशोर पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किशोर की पहचान ग्राम उल्दना खुर्द निवासी आशीष के 13 वर्षीय पुत्र अनूप के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है। घटना के संबंध में बताया गया है कि अनूप अपने परिवार के साथ जंगल में महुआ के फल एकत्र करने के लिए गया था। दोपहर के समय वह करीब 15 फीट ऊंचे महुआ के पेड़ पर चढ़ गया और बांस की सहायता से फल तोड़ रहा था। इसी दौरान अचानक पेड़ की डाल से उसका पैर फिसल गया और वह सीधे जमीन पर आ गिरा। ऊंचाई से गिरने के कारण किशोर को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, घायल किशोर की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, वहीं इस हादसे के बाद से परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है।2