नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के मझगवां के पास सोमवार सुबह सड़क किनारे चार युवक गंभीर रूप से घायल और रक्तरंजित अवस्था में पाए गए। राहगीरों ने इसकी जानकारी तत्काल 108 एम्बुलेंस को दी, जिसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिस तरह से चारों युवक और उनकी बाइक मौके पर मिली है, उससे यह प्रथम दृष्टया सड़क हादसे का मामला लग रहा है। बताया गया है कि घायल युवक बाइक क्रमांक एमपी 20 जेडएन 3784 से करकेली से मझगवां की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे वे सभी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े मिले। घायलों में मझगवां निवासी शिवम बैगा, मुकेश बैगा, सुनील बैगा के साथ एक अन्य युवक भी शामिल है। फिलहाल, इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। घटना के बाद नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची है और आवश्यक तफ्तीश कर रही है।
नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के मझगवां के पास सोमवार सुबह सड़क किनारे चार युवक गंभीर रूप से घायल और रक्तरंजित अवस्था में पाए गए। राहगीरों ने इसकी जानकारी तत्काल 108 एम्बुलेंस को दी, जिसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिस तरह से चारों युवक और उनकी बाइक मौके पर मिली है, उससे यह प्रथम दृष्टया सड़क हादसे का मामला लग रहा है। बताया गया है कि घायल युवक बाइक क्रमांक एमपी 20 जेडएन 3784 से करकेली से मझगवां की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे वे सभी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़े मिले। घायलों में मझगवां निवासी शिवम बैगा, मुकेश बैगा, सुनील बैगा के साथ एक अन्य युवक भी शामिल है। फिलहाल, इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। घटना के बाद नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची है और आवश्यक तफ्तीश कर रही है।
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध कोयले के बड़े भंडारण पर कार्रवाई की है। ग्राम टिहकी स्थित कोयला यार्ड, जिसे खनिज माफिया का अवैध गढ़ बताया गया है, पर पुलिस टीम ने अचानक धावा बोला। इस दौरान, पुलिस ने लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से कोयले का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर भूपेद् तिवारी (उम्र 42 वर्ष) से जब पुलिस ने इस विशाल भंडार के मालिकाना हक और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ हवा हवाई दावों के अलावा कोई कागज नहीं मिला। इसके बाद, पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक के तहत मुकदमा दायर कर पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्यवाही बताई गई है।2
- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- एक बेहद गंभीर मामले में, एक लड़के को 13 साल की उम्र में जेल भेज दिया गया था और अब, 25 साल की उम्र में, वह आखिरकार रिहा हो गया है, जिसने अपनी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण 12 साल जेल में बिताए हैं। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि एक मासूम 13 साल का लड़का पार्टी पॉलिटिक्स के बारे में क्या जान सकता था। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक दिन लड़के के हाथ में बीजेपी का झंडा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और लड़के को ऐसे आरोपों में जेल भेजने का आदेश दिया जिससे उसे ज़िंदगी भर कभी जमानत न मिल सके। इस घटना की तुलना अंग्रेजों के अत्याचार से करते हुए कहा गया है कि अंग्रेज भी इतने बेरहम नहीं थे, फिर भी एक लड़के की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई। सवाल उठाया गया है कि अब उसके उन सालों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा जिनसे उसका भविष्य बनना चाहिए था, और क्या हमारे संविधान में इसका कोई प्रावधान है। यह मांग की गई है कि अभिषेक बनर्जी को लड़के की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उसे तथा उसके परिवार को तुरंत कम से कम पांच करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज होने के समय थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टाफ को नौकरी से निकाल देना चाहिए और उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।1
- सतना के बरौंधा में पदस्थ रहे रेंजर बृजेंद्र पांडेय, जिनका तबादला अब सीधी हो गया है, और उनकी आरक्षक पत्नी भारती उपाध्याय के बीच का पारिवारिक विवाद गहरा गया है। यह हाईप्रोफाइल विवाद उस समय और बढ़ गया जब रेंजर को रीवा के एक होटल में एक अन्य महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों में लगातार टकराव जारी है। पति ने अपनी पत्नी पर चोरी का मामला दर्ज कराया है, जबकि पत्नी ने अब पति पर मारपीट और गंभीर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1