संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के निर्देश का किया स्वागत। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के निर्देश का किया स्वागत। अयोध्या। खबर लखनऊ से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्स्ड सर्विसेज (UPCOS) के महत्वपूर्ण निर्णय का अनुपालन करते हुए पावर कारपोरेशन प्रबंधन को बिजली संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें भी इसमें सम्मिलित करना सुनिश्चित किया जाए। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पारदर्शी नियुक्ति व्यवस्था, एकरूप सेवा शर्तों तथा जवाबदेह प्रशासनिक तंत्र के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ऊर्जा निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के दायरे में लाने में लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। इतना ही नहीं तो आउटसोर्स संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाया जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा शासन को पत्र भेजकर ऊर्जा निगमों के आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस से अलग रखने का अनुरोध किया गया था, जिसे अप्रैल 2025 में शासन स्तर पर अस्वीकार कर दिया गया। इसके बावजूद आज तक ऊर्जा निगमों के आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस व्यवस्था में सम्मिलित नहीं किया गया है। इससे यह प्रश्न उठता है कि जब प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी आउटसोर्स व्यवस्था को पारदर्शी एवं कर्मचारी हितैषी बनाना चाहते हैं, तब ऊर्जा निगमों में इस नीति को लागू करने में विलंब क्यों किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा तथा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा हटाए गए आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को सेवा में वापस लेने के निर्देश दिए जाने के बावजूद 25,000 से अधिक संविदा कर्मियों को अब तक कार्य पर वापस नहीं लिया गया है। इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा लाखों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं हस्तक्षेप कर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को निर्देशित करें कि ऊर्जा निगमों में कार्यरत सभी आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों को तत्काल बहाल किया जाय और यूपीकोस के अधीन लाया जाए तथा आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों के प्रति वही जवाबदेह, पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण अपनाया जाए जिसकी अपेक्षा माननीय मुख्यमंत्री जी ने व्यक्त की है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए यह स्वीकार करना चाहिए कि 25,000 से अधिक संविदा आउटसोर्स कर्मियों को हटाए जाने के बाद प्रदेश की विद्युत व्यवस्था विशेषकर ग्रीष्मकालीन अवधि में गंभीर दबाव में आ गई है। बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और आगामी दिनों में प्रदेश की विद्युत मांग 36,000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी परिस्थितियों में अनुभवी आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों की सेवाएं बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि सभी हटाए गए संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए तथा मार्च 2023 से अब तक विभिन्न आंदोलनों के दौरान बिजली कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक, अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाहियों को वापस लिया जाए। संघर्ष समिति का मानना है कि संवाद, विश्वास, कर्मचारी हितों की सुरक्षा तथा जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के निर्देश का किया स्वागत। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के निर्देश का किया स्वागत। अयोध्या। खबर लखनऊ से विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्स्ड सर्विसेज (UPCOS) के महत्वपूर्ण निर्णय का अनुपालन करते हुए पावर कारपोरेशन प्रबंधन को बिजली संविदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें भी इसमें सम्मिलित करना सुनिश्चित किया जाए। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पारदर्शी नियुक्ति व्यवस्था, एकरूप सेवा शर्तों तथा जवाबदेह प्रशासनिक तंत्र के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ऊर्जा निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के दायरे में लाने में लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। इतना ही नहीं तो आउटसोर्स संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाया जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा शासन को पत्र भेजकर ऊर्जा निगमों के आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस से अलग रखने का अनुरोध किया गया था, जिसे अप्रैल 2025 में शासन स्तर पर अस्वीकार कर दिया गया। इसके बावजूद आज तक ऊर्जा निगमों के आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस व्यवस्था में सम्मिलित नहीं किया गया है। इससे यह प्रश्न उठता है कि जब प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी आउटसोर्स व्यवस्था को पारदर्शी एवं कर्मचारी हितैषी बनाना चाहते हैं, तब ऊर्जा निगमों में इस नीति को लागू करने में विलंब क्यों किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा तथा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा हटाए गए आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को सेवा में वापस लेने के निर्देश दिए जाने के बावजूद 25,000 से अधिक संविदा कर्मियों को अब तक कार्य पर वापस नहीं लिया गया है। इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा लाखों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं हस्तक्षेप कर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को निर्देशित करें कि ऊर्जा निगमों में कार्यरत सभी आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों को तत्काल बहाल किया जाय और यूपीकोस के अधीन लाया जाए तथा आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों के प्रति वही जवाबदेह, पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण अपनाया जाए जिसकी अपेक्षा माननीय मुख्यमंत्री जी ने व्यक्त की है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को अपनी हठधर्मिता छोड़ते हुए यह स्वीकार करना चाहिए कि 25,000 से अधिक संविदा आउटसोर्स कर्मियों को हटाए जाने के बाद प्रदेश की विद्युत व्यवस्था विशेषकर ग्रीष्मकालीन अवधि में गंभीर दबाव में आ गई है। बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और आगामी दिनों में प्रदेश की विद्युत मांग 36,000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। ऐसी परिस्थितियों में अनुभवी आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों की सेवाएं बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि सभी हटाए गए संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए तथा मार्च 2023 से अब तक विभिन्न आंदोलनों के दौरान बिजली कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक, अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाहियों को वापस लिया जाए। संघर्ष समिति का मानना है कि संवाद, विश्वास, कर्मचारी हितों की सुरक्षा तथा जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
- संपूर्ण भारतवर्ष के लोग सुनो गाड़ी मोटर चलाते समय सावधानी सतर्कता बरतने की विशेष जरूरी है सड़क पर गाड़ी मोटरचालक ध्यान से चले ।।रिपोर्टिंग Lal Chand Soni।। ।।आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ ।।। संपूर्ण भारतवर्ष के लोग सुनो गाड़ी मोटर चलाते समय सावधानी सतर्कता बरतने की विशेष जरूरी है सड़क पर गाड़ी मोटरचालक ध्यान से चले ।।रिपोर्टिंग Lal Chand Soni।। ।।आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ ।।।1
- सांसद पप्पू यादव के संसद के बाहर भगवा पहनकर किए गए प्रदर्शन के विरोध में साधु-संतों का प्रदर्शन। फूंका पप्पू यादव का पुतला सांसद पप्पू यादव के संसद के बाहर भगवा पहनकर किए गए प्रदर्शन के विरोध में साधु-संतों का प्रदर्शन। फूंका पप्पू यादव का पुतला सैकड़ों संत सड़कों पर उतरे और राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अवधेश प्रसाद व पप्पू यादव के पोस्टर लेकर नारेबाजी की।1
- विश्वविद्यालय के कैंपस में कलार्थ जीवंत वाटिका में वृक्षारोपण का आयोजन किया गया आयोजन विश्वविद्यालय के कैंपस में कलार्थ जीवंत वाटिका में वृक्षारोपण का आयोजन किया गया आयोजन अयोध्या। डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दिशा निर्देशन में, भारत हरियाली, से भरपूर हो उत्तर प्रदेश, स्वच्छ सुंदर हरा भरा दिखे इसकी अपील लगातार किया जा रहा है, उसी के तत्वाधान में आज डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और लीला हरि फाउंडेशन के तत्वाधान में विश्वविद्यालय के कैंपस में,,, कलार्थ जीवंत वाटिका, मैं वृक्षारोपण का आयोजन किया गया,, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या नगर निगम के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी की धर्मपत्नी, श्रीमती राजलक्ष्मी त्रिपाठी जी,, विशिष्ट अतिथि परिवहन विभाग के ए.आर. टी.ओ डॉक्टर आरपी सिंह,, अध्यक्ष के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर विजेंद्र सिंह,थे डॉ विजेंद्र सिंह जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के निर्देशन में विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण के विभिन्न आयोजन किया जा रहे हैं, आने वाले समय में विश्वविद्यालय में एक सुंदर तालाब वह वाटिका का भी निर्माण किया जाएगा, आज मैं लीला हारी फाउंडेशन को धन्यवाद देता हूं जिनके तत्वाधान में, वृक्षारोपण का आयोजन किया गया,, हम सभी की यह पहल होनी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाया जाए, मैं अयोध्या के सभी जनपद वासियों से भी निवेदन करता हूं कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर अपने प्रदेश अपने देश को हरा-भरा बनाएं मुख्य अतिथि श्रीमती राजलक्ष्मी जी ने बताया कि वृक्ष लगाने से हमारा वातावरण शुद्ध व सुंदर रहता है, ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाना चाहिए जिससे जीव जंतु पक्षी सभी, सुंदर माहौल में जीवन व्यतीत करते हैं ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने से जब वातावरण शुद्ध रहेगा तो, जनमानस रोग मुक्त रहेगा, परिवहन विभाग के ए.आर.टी.ओ डीआर आरपी सिंह ने कहा कि आज के समय में रोड पर इतने यातायात इतना प्रदूषण हो गया है इससे लड़ने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाना चाहिए खास तौर पर उन जगहों पर जहां पर, ज्यादा प्रदूषण फैला हुआ है, रोड के किनारे वृक्ष लगाना चाहिए खुले मैदान में वृक्ष लगाना चाहिए ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाए पीपल का वृक्ष लगाए नीम का वृक्ष लगाए, जिससे वातावरण शुद्ध रहे और वातावरण में जो प्रदूषण फैला हुआ है उससे लड़ने के लिए मानव शरीर को एक ताजी हवा और शुद्धता प्राप्त हो सके, लीला हारी फाउंडेशन की, कुमारी निहारिका श्रीवास्तव ने बताया कि आज वृक्षारोपण का आयोजन डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कैंपस में, किया गया हमारा मुख्य उद्देश्य है की ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाए और अपने वातावरण को शुद्ध करने के लिए रोग मुक्त करने के लिए, वृक्ष लगाने की आवश्यकता बहुत है आज देखा जा सकता है कि जीव जंतु यहां तक की विभिन्न प्रकार की विभिन्न प्रजातियों की जो पंछी थे वह लुप्त होते जा रहे हैं, जीव जंतु और पंछी को बचाने के लिए हमें जल की व्यवस्थाव वृक्ष को लगाना बहुत जरूरी है आज हम सभी लोगों ने विश्वविद्यालय के इस कैंपस में 35 पेड़ लगाए और यह अभियान हम लोग आगे भी चलाते रहेंगे,, विश्वविद्यालय के डॉ विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि आज के इस आयोजन के लिए हम लीला हारी फाउंडेशन को बहुत-बहुत बधाई देते हैं और यह पूरा आयोजन डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के कुलपति महोदय के निर्देश पर किया गया, आज जिस प्रकार से वातावरण दूषित होता जा रहा है उसके बचाव के लिए पर्यावरण संरक्षण के लिए,, वृक्ष लगाने की आवश्यकता,, तालाब व शुद्ध जल की आवश्यकता, बहुत अधिक है और इस परिपेक्ष में आज हम सभी ने यहां पर वृक्षारोपण किया,, आज वृक्षारोपण के शुभ आरंभ के पहले कुलपति महोदय द्वारा, सभी अतिथियों के साथ लीला हारी फाउंडेशन वृक्ष लगाओ देश बचाओ का एक पोस्ट गुब्बारे के गुच्छ के साथ के साथ,, आकाश में उड़ाया,, आज के इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार अपनी पूरी सहभागिता, दिया1
- नाली निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एमएलसी को सौंपा ज्ञापन जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने लगाई नाली निर्माण की गुहार....!! पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक नाली निर्माण की उठी मांग....!! अयोध्या। (सुनील यादव) विकासखंड मयाबाजार के ग्राम पंचायत काजीपुर गाडर, गोशाईंगंज के ग्रामीणों ने नाली निर्माण की मांग को लेकर एमएलसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत भवन से गोशाईंगंज मार्ग तक लगभग 200 मीटर सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं होने से बरसात का पानी सड़क पर भर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण आवागमन में भारी परेशानी होती है। इसी मार्ग पर विद्यालय भी स्थित है, जिससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और कई बार बच्चे फिसलकर घायल भी हो जाते हैं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने शीघ्र नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में करीब 33 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभाग जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।2
- गुरु पूर्णिमा पर कोल्हमपुर धाम में आस्था का महासैलाब, दीनदयाल माता जी ने दिया गुरु-सम्मान संदेश।1
- अयोध्या असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन अयोध्या असहाय गरीब तथा निम्न वर्ग की सैकड़ो महिलाओं ने थामा सपा का दमन। विधानसभा बीकापुर की पिपरी जलालपुर निषाद बस्ती की महिलाए तथा गोसाईगंज विधानसभा की रतनपुर तेंदुआ की महिलाओं ने PDA के नेता सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव दिव्यांग पंडित समरजीत के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने समाजवादी झंडा थमने का काम किया। पंडित समरजीत ने कहां- भाजपा सरकार में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचारों तथा महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, छुट्टा जानवर से ऊब चुकी गरीब तथा असहाय महिलाएं गांव-गांव समाजवादी पार्टी का दामन थाम रही है और जिस प्रकार से सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है उससे यह साफ हो चुका है कि 2027 में देश की आधी आबादी सत्ता परिवर्तन करके रहेगी वही हमारी माताएं बहने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी में आस्था जताते हुए पंडित समरजीत के नेतृत्व में समाजवादी झंडा पड़कर सत्ता परिवर्तन का शंखनाद कर दिया है इस मौके पर राजकला देवी, माधुरी निषाद, कैलाश, सुनीता, मीना देवी, उषा निषाद, रीता, पूजा, पूजा, अर्चना, रेखा, संगीता, संगीता, आशा, साधना, साधना, शकुंतला, रूपा।2
- अयोध्या।कांग्रेस सांसद पप्पू यादव के संसद के बाहर भगवा पहनकर किए गए प्रदर्शन के विरोध में साधु-संतों का प्रदर्शन ब्रेकिंग अयोध्या। कांग्रेस सांसद पप्पू यादव के संसद के बाहर भगवा पहनकर किए गए प्रदर्शन के विरोध में साधु-संतों का प्रदर्शन। सैकड़ों संत सड़कों पर उतरे और राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अवधेश प्रसाद व पप्पू यादव के पोस्टर लेकर नारेबाजी की। संतों ने प्रदर्शन को सनातन धर्म और भगवा परंपरा का अपमान बताया। सभी संबंधित नेताओं की गिरफ्तारी की मांग उठाई गई। राष्ट्रपति से नेताओं को बर्खास्त करने की अपील की गई। संतों ने कहा कि सनातन का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में भगवा और सनातन की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया गया। मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने आंदोलन का नेतृत्व किया। राम बल्लभ कुंज के राजकुमार दास सहित कई संत प्रदर्शन में शामिल रहे। संतों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।1
- दलित महिला बोली न्याय नहीं मिला तो कर लूंगी आत्महत्या,मेरी आत्महत्या का प्रशासन होगा जिम्मेदार। अयोध्या जिले के थाना इनायतनगर अंतर्गत गांव गोठवारा नउवाठाक की एक दलित महिला न्याय पाने हेतु अधिकारियों के चौखट के लगा रही है चक्कर,एसएसपी,डीआईजी अयोध्या महिला आयोग में दे चुकी है शिकायत,दिखाया मारने पीटने का वीडियो नहीं हुई आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही,घटना तीन अप्रैल 2026 समय करीब 5.30 बजे शाम की बताई जा रही है,मामले की पीड़िता सुदामा पासी पुत्री खुशीराम द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि गांव के ही मुकेश कुमार चौहान और उनकी पत्नी श्रीमती द्वारा पीड़िता को नाली की सफाई करने से पहले रोका गया,धक्का मुक्की के दौरान पीड़िता को जमीन पर गिराकर मारे पीटे हैं, मारते समय जाति सूचक मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां दी,पीड़िता के चिल्लाने पर मेरी बहन खेत से दौड़कर आई और बीच बचाव किया,जाते समय आरोपीगण धमकी दिए कि कहीं कोई शिकायत किया तो खैर न समझना,कचेहरी पहुंची पीड़िता द्वारा प्रतिनिधि को कैमरे के सामने बताया गया कि हम प्रशासन से चाहते है कि दोषियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाकर कार्यवाही कराए,आरोपी आज भी धमकी देते है मेरा मुकदमा दर्ज करवाकर प्रशासन कार्यवाही कराए,पीड़िता द्वारा बताया गया कि आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न कराए जाने की स्थिति में पीड़िता करेगी आत्महत्या जिसका जिम्मेदार शासन व प्रशासन होगा।पुलिस क्षेत्राधिकारी इनायतनगर पीयूष बोले पक्षों को शांतिभंग में पाबंद किया गया है मामले में शिकायत की जानकारी हुई है मामले की जांच कराई जा रही है,बाद जांच कार्यवाही कराई जायेगी।1