MALANDI गांव ,तहसील शामली, जिला शामली में अतिक्रमण से MDR सड़क संकरी, लोगों की सुरक्षा पर खतरा MALANDI गांव की मुख्य जिला सड़क (MDR) पर अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बन चुका है। सड़क की चौड़ाई इतनी कम हो गई है कि बस और कारें आसानी से आमने-सामने नहीं निकल पातीं। जब ट्रक या कोई भारी वाहन आता है तो अन्य वाहनों को दूसरे रास्ते पर रुकना या निकलना पड़ता है, और उसके गुजरने के बाद ही बाकी वाहन आगे बढ़ पाते हैं। इससे रोज़ाना यातायात बाधित हो रहा है। RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्पष्ट किया है कि इस सड़क की कैरेज-वे चौड़ाई 7 मीटर होनी है। लेकिन गांव में कहीं भी 7 मीटर की स्पष्ट मार्किंग या सीमांकन नहीं किया गया है, जिस कारण अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसी MDR सड़क पर दो स्कूल (एक सरकारी और एक निजी) स्थित हैं, जिनमें 1200 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। इसके अलावा यहां एक बैंक है, जिसमें तीन गांवों के लोगों के खाते हैं, और दो मंदिर भी हैं, जहां सभी गांवों के लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क पर फुटपाथ की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चों, बुज़ुर्गों और आम नागरिकों को सड़क पर ही चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पहले इस सड़क की चौड़ाई केवल 3.75 मीटर थी। बाद में पहले से मौजूद फुटपाथ को सड़क में शामिल कर कागज़ों में इसे 7 मीटर दिखा दिया गया, लेकिन अतिक्रमण के कारण आज भी पूरी 7 मीटर चौड़ाई उपलब्ध नहीं है। इससे सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य ही विफल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए, 7 मीटर सड़क की स्पष्ट मार्किंग की जाए और फुटपाथ की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की जान सुरक्षित होना चाहिए
MALANDI गांव ,तहसील शामली, जिला शामली में अतिक्रमण से MDR सड़क संकरी, लोगों की सुरक्षा पर खतरा MALANDI गांव की मुख्य जिला सड़क (MDR) पर अतिक्रमण एक गंभीर समस्या बन चुका है। सड़क की चौड़ाई इतनी कम हो गई है कि बस और कारें आसानी से आमने-सामने नहीं निकल पातीं। जब ट्रक या कोई भारी वाहन आता है तो अन्य वाहनों को दूसरे रास्ते पर रुकना या निकलना पड़ता है, और उसके गुजरने के बाद ही बाकी वाहन आगे बढ़ पाते हैं। इससे रोज़ाना यातायात बाधित हो रहा है। RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्पष्ट किया है कि इस सड़क की कैरेज-वे चौड़ाई 7 मीटर होनी है। लेकिन गांव में कहीं भी 7 मीटर की स्पष्ट मार्किंग या सीमांकन नहीं किया गया है, जिस कारण अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसी MDR सड़क पर दो स्कूल (एक सरकारी और एक निजी) स्थित
हैं, जिनमें 1200 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। इसके अलावा यहां एक बैंक है, जिसमें तीन गांवों के लोगों के खाते हैं, और दो मंदिर भी हैं, जहां सभी गांवों के लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क पर फुटपाथ की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चों, बुज़ुर्गों और आम नागरिकों को सड़क पर ही चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पहले इस सड़क की चौड़ाई केवल 3.75 मीटर थी। बाद में पहले से मौजूद फुटपाथ को सड़क में शामिल कर कागज़ों में इसे 7 मीटर दिखा दिया गया, लेकिन अतिक्रमण के कारण आज भी पूरी 7 मीटर चौड़ाई उपलब्ध नहीं है। इससे सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य ही विफल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए, 7 मीटर सड़क की स्पष्ट मार्किंग की जाए और फुटपाथ की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की जान सुरक्षित होना चाहिए
- Basid AliUn, Shamligajab reporter Sahab21 hrs ago
- LawPowerAnkitशामली, शामली, उत्तर प्रदेशplz tag pwd shamli1 day ago
- LawPowerAnkitशामली, शामली, उत्तर प्रदेश🤝1 day ago
- ग्राम पंचायत नसीरपुर थाना रतनपुरी रास्तों की दुर्दशा ग्रामीणों ने कि जल्द समाधान की मांग ग्रामीण विनोद कुमार का कहना है कि जैसे ही बिजली आती है वैसे ही अवैध डेयरी संचालक दरी से निकलने वाला गोबर कचरा मलमूत्र रास्तों पर छोड़ देते हैं और ट्यूबवेल चलकर छोड़ देते हैं फिर रास्ते तलाब निधि बन जाते हैं ग्रामीणों में विनोद बबीता अमित अनिल कुमार अरविंद कुमार सोनू मलिक सुखपाल ठाकुर विक्रम आदि3
- मुजफ्फरनगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जी ने आज पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई में जनता की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए,जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया ।1
- मुजफ्फरनगर | सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने “नो हेलमेट – नो हाइवे” अभियान को लेकर कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के अनुपालन में अधीनस्थ अधिकारियों को आदेशित किया कि हाइवे एवं प्रमुख मार्गों पर दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट पहनना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण हेलमेट का प्रयोग न करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनपद में अभियान को सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने सभी क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, वहीं लोगों को जागरूक भी किया जाए। एसएसपी ने आमजन से खास अपील करते हुए कहा कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे मजबूत कवच है। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि “नो हेलमेट – नो हाइवे” अभियान का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। 🚦1
- रामपुर तिराहे पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नो हेलमेट नो हाईवे के पेम्पलेट का वितरण किया। हिंदू सघर्ष समिति के जिला संयोजक नरेन्द्र पंवार व देशराज चौहान आदि मौजूद रहे।1
- जनपद मुजफ्फरनगर में थाना चरथावल क्षेत्र के गांव कुल्हेड़ी में दर्जनों घरों का दबंगों ने किया पानी बंद जिससे पानी की निकासी न होने पर सड़क पर भरा पानी मोहल्ले वासी हुए परेशान मोहल्लेवासियों ने इसके शिकायत उप जिला अधिकारी से की और इंसाफ की गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होता देख आज पीड़ित मोहल्ले वासियों ने कहा कि अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम लोग यह गांव छोड़कर चले जाएंगे4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 उत्तर प्रदेश में SIR अभियान के तहत मतदाता सूची में बड़ी कार्रवाई लखनऊ | उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान के तहत मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा के बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रदेश के 75 जिलों से कुल 2 करोड़ 88 लाख 71 हजार 367 वोट मतदाता सूची से काटे गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नामों को सूची से हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई स्वच्छ, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। सूत्रों का कहना है कि घर-घर सत्यापन, ऑनलाइन डेटा मिलान और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। कई जिलों में एक ही व्यक्ति के नाम से एक से अधिक वोट, गलत पते और वर्षों से मतदान न करने वाले मतदाताओं के नाम पाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कटे हैं, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने और नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा अवसर दिया जाएगा। ➡️ SIR अभियान के तहत हुई यह अब तक की सबसे बड़ी मतदाता सूची शुद्धिकरण कार्रवाई मानी जा रही है। ➡️ आने वाले चुनावों से पहले इस फैसले के राजनीतिक और प्रशासनिक असर पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- खुलेआम उड़ाई जा रहा है सरकारी आदेशों का उलझन रतनपुरी क्षेत्र ग्राम पंचायत कल्याणपुर में रोज सुबह के समय कचरे से भरे ट्रक गुजरते हैं जिस को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है ग्राम प्रधान कल्याणपुर शाहीन चौधरी का कहना है की सुबह लगभग 4 बजे के आस पास कचरे से। भरे ट्रक गुजर ते हैं जो खुले रहते हैं अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हम। यहां से गाडी नहीं गुजर ने देंगे1
- मुजफ्फरनगर में आज रिजर्व पुलिस लाइन में सैनिक सम्मेलन का किया गया आयोजन । पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत विभागीय समस्याओं को सुनकर समस्याओं के निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया ।1
- मुज़फ्फरनगर | भोपा रोड पर बदली तस्वीर, अब दिख रही चकाचक सड़कें मुज़फ्फरनगर के भोपा रोड पर लंबे समय से सड़क किनारे लगे मिट्टी और कूड़े के ढेर अब इतिहास बनते नजर आ रहे हैं। जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था आम बात थी, वहीं अब सड़कें पूरी तरह साफ-सुथरी और चकाचक दिखाई दे रही हैं। साफ-सफाई के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े अवैध व बेतरतीब वाहनों को भी हटवा दिया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु हो गई है और राहगीरों को राहत मिली है। इस बदलाव के पीछे पेपर मिल एसोसिएशन की अहम भूमिका सामने आई है, जो लगातार भोपा रोड पर साफ-सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह नियमित सफाई और निगरानी बनी रही तो भोपा रोड शहर की सबसे साफ और व्यवस्थित सड़कों में शुमार हो सकती है।1