हज़ारीबाग़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ज़िले को नशामुक्त करने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने ज़मीनी स्तर पर एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस सघन जनजागरूकता अभियान के तहत, प्रारंभिक चरण में 15 और 16 जून 2026 को इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सड़कों पर उतरकर सघन कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक सीधे आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों ने खुद कमान संभाली और माइकिंग के ज़रिए नशा उन्मूलन के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार किया। पुलिस ने लोगों को बताया कि कैसे अवैध मादक पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे हैं और इसके सेवन से सामाजिक व पारिवारिक ताना-बाना नष्ट हो रहा है। इसके साथ ही, पुलिस की खुफिया टीमें मादक पदार्थों की गुप्त सप्लाई चेन और तस्करों की कड़ियों को भी खंगाल रही हैं, ताकि जागरूकता के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जून से शुरू होकर आगामी 26 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत ज़िले के सभी शहरी व ग्रामीण थाना क्षेत्रों में क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। हज़ारीबाग़ पुलिस ने ज़िले के अभिभावकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे हर प्रकार के नशे से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें। पुलिस का मानना है कि एक स्वस्थ, सुरक्षित, अपराधमुक्त और जागरूक समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की सक्रिय और ज़िम्मेदाराना भागीदारी से ही संभव है।
हज़ारीबाग़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ज़िले को नशामुक्त करने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने ज़मीनी स्तर पर एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस सघन जनजागरूकता अभियान के तहत, प्रारंभिक चरण में 15 और 16 जून 2026 को इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सड़कों पर उतरकर सघन कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक सीधे आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों ने खुद कमान संभाली और माइकिंग के ज़रिए नशा उन्मूलन के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार किया। पुलिस ने लोगों को बताया कि कैसे अवैध मादक पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे हैं और इसके सेवन से सामाजिक व पारिवारिक ताना-बाना नष्ट हो
रहा है। इसके साथ ही, पुलिस की खुफिया टीमें मादक पदार्थों की गुप्त सप्लाई चेन और तस्करों की कड़ियों को भी खंगाल रही हैं, ताकि जागरूकता के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सके। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जून से शुरू होकर आगामी 26 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगा, जिसके तहत ज़िले के सभी शहरी व ग्रामीण थाना क्षेत्रों में क्रमबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। हज़ारीबाग़ पुलिस ने ज़िले के अभिभावकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे हर प्रकार के नशे से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें। पुलिस का मानना है कि एक स्वस्थ, सुरक्षित, अपराधमुक्त और जागरूक समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की सक्रिय और ज़िम्मेदाराना भागीदारी से ही संभव है।
- जमशेदपुर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने कई लोगों को झकझोर दिया है। इस घटना में हाथी के साथ मजाक करने का प्रयास बेहद घातक सिद्ध हुआ, जिसकी कीमत एक व्यक्ति को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी है।1
- उत्तरी छोटा नागपुर पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के 21वें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में रामगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवर आल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है।1
- कुजू नया मोड़ कोरिया घाटी में मोबिल से लदा एक मिनी ट्रक 'फिल्मी स्टाइल' में पलट गया है।1
- झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले में जेजे कॉलेज को बचाने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। यह पहल जिले के डिग्री कॉलेज को बचाने के उद्देश्य से की गई है, क्योंकि विनोबा भावे विश्वविद्यालय (वीबीयू) से जेजे कॉलेज को हटाने के निर्णय को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। इस अभियान के तहत 10 हज़ार छात्रों के हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे। इन हस्ताक्षरों के माध्यम से छात्र मुख्यमंत्री से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग करेंगे।1
- हजारीबाग के कई इलाकों में 17 जून को तीन घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह शटडाउन मेंटेनेंस कार्य के लिए किया जा रहा है।1
- झारखंड के कोडरमा में कोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। इस अभियान के तहत गरीब, दलित और मजदूर परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं। हालांकि, इस पर यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि जिन परिवारों के घर टूट रहे हैं, उनके पुनर्वास के लिए प्रशासन द्वारा क्या व्यवस्था की गई है। यह स्वीकार किया गया है कि कानून का पालन करना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है कि कोई भी परिवार बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश न हो। प्रशासन और सरकार से यह मांग की जा रही है कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अतिक्रमण से प्रभावित हुए इन परिवारों के लिए उचित और तत्काल व्यवस्था करें।1