महिला हो, देखते हैं इस रूट में कैसे बस चलाती हो.. महिला का बस चलना पुरुषों को नागवार गुजरा पूर्णिया में पिंक बस की महिला कंडक्टर से मारपीट, छेड़खानी का आरोप — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार जहां लगातार प्रयास कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ घटनाएं इन प्रयासों को चुनौती देती नजर आ रही हैं। बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही “पिंक बस” सेवा भी अब असामाजिक तत्वों के निशाने पर आती दिख रही है। पूर्णिया जिले के बनमनखी बस पड़ाव पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक सरकारी पिंक बस की महिला कंडक्टर के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया। पीड़िता शबनम खातून ने बनमनखी थाना में लिखित शिकायत देकर निजी बस के कंडक्टर और चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, शबनम खातून स्टेशन रोड से पूर्णिया के लिए बस लेकर जा रही थीं। इसी दौरान बस पड़ाव पर पहले से मौजूद एक निजी बस के कंडक्टर राजू सिंह और चालक ने उनकी बस को जबरन रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए बनमनखी रूट पर बस नहीं चलाने की धमकी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके साथ छेड़खानी की, अनुचित तरीके से छुआ और यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद बस पड़ाव पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसे महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गौरतलब है कि पूर्णिया सहित जिले के विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही पिंक बस सेवा महिलाओं, छात्राओं और बच्चों के लिए सुरक्षित यात्रा का विकल्प मानी जाती है। इन बसों में महिला चालक और कंडक्टर तैनात रहती हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। कम किराया होने के कारण भी यह सेवा यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रही है। हालांकि, आरोप है कि निजी बस संचालक इस सेवा से प्रभावित होकर पिंक बसों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार जबरन यात्रियों को उतारकर अपनी बसों में बैठाने जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद बनमनखी थाना द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कार्रवाई करता है।
महिला हो, देखते हैं इस रूट में कैसे बस चलाती हो.. महिला का बस चलना पुरुषों को नागवार गुजरा पूर्णिया में पिंक बस की महिला कंडक्टर से मारपीट, छेड़खानी का आरोप — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार जहां लगातार प्रयास कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ घटनाएं इन प्रयासों को चुनौती देती नजर आ रही हैं। बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही “पिंक बस” सेवा भी अब असामाजिक तत्वों के निशाने पर आती दिख रही है। पूर्णिया जिले के बनमनखी बस पड़ाव पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक सरकारी पिंक बस की महिला कंडक्टर के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया। पीड़िता शबनम खातून ने बनमनखी थाना में लिखित शिकायत देकर निजी बस के कंडक्टर और चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, शबनम खातून स्टेशन रोड से पूर्णिया के लिए बस लेकर जा रही थीं। इसी दौरान बस पड़ाव पर पहले से मौजूद एक निजी बस के कंडक्टर राजू सिंह और चालक ने उनकी बस को जबरन रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए बनमनखी रूट पर बस नहीं चलाने की धमकी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके साथ छेड़खानी की, अनुचित तरीके से छुआ और यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद बस पड़ाव पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसे महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गौरतलब है कि पूर्णिया सहित जिले के विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही पिंक बस सेवा महिलाओं, छात्राओं और बच्चों के लिए सुरक्षित यात्रा का विकल्प मानी जाती है। इन बसों में महिला चालक और कंडक्टर तैनात रहती हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। कम किराया होने के कारण भी यह सेवा यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रही है। हालांकि, आरोप है कि निजी बस संचालक इस सेवा से प्रभावित होकर पिंक बसों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार जबरन यात्रियों को उतारकर अपनी बसों में बैठाने जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद बनमनखी थाना द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कार्रवाई करता है।
- पूर्णिया के रेड लाइट एरिया में बड़ी कार्रवाई, हिरासत में 15 महिलाएं, 09 नाबालिक और 7 पुरुष,मचा हड़कंप।1
- बिहार के अररिया जिला के जोकीहाट विधानसभा से बड़ा मामला निकलकर सामने आया हैं1
- Post by Usha devi1
- 👉😭👈Jharkhand ke बड़ा तालबोना Gaon Mein 👇Budhwar 24 April ko 11:00 Baj ke 10 minut per Lagi bhishan Aag pure Gaon Mein dahshat 😭 👈ka mahaul hai 😭fire brigade ke gadi bhi nahin i Aag bujhane ke liye😭1
- Post by Devid kumar1
- Post by Araria News1
- TMC के गुंडों का इलाज करने लेकर जाती हुई CRPF ।1
- अररिया जिला के जोकीहाट थाना क्षेत्र मैं हुई सनसनीखेज मामला इस मामले के अपराधी कोई और नहीं हैं अपने ही ने किया हैं पूरा सबूत जल्द आप सभी ke बीच लाया जाएगा1
- Kowahi chowk pe asa hadsha kabhi nhi hua #instgram #vlog #हदसरफोर्ट #instgram ... 3 दिन पहले 23 tarikh'4 2026 ka video hai prashasan a Gaya Hai dekh lo1