उर्दना गांव की आबादी के करीब पहुंचा बाघ! सेमरा-सेमरी हमले के बाद फिर दहशत, वन अमला अलर्ट उरदना के जंगल में फिर बाघ की दस्तक आबादी के करीब पहुंचा बाघ! सेमरा-सेमरी हमले के बाद फिर दहशत, वन अमला अलर्ट हाथियों और रेस्क्यू टीम की मशक्कत के बाद भी आबादी से दूर नहीं हुआ बाघ; लोकेशन ट्रेस करने में जुटा वन विभाग आशुतोष त्रिपाठी | जनचिंगारी, उमरिया मानपुर। सेमरा-सेमरी क्षेत्र में रविवार को ग्रामीण शंकर पटेल पर बाघ के हमले के बाद थमी दहशत बुधवार को एक बार फिर लौट आई। सूत्रों के मुताबिक बाघ की गतिविधि ग्राम उरदना के जंगल में आबादी के करीब देखे जाने की सूचना सामने आई है। बाघ के आबादी के नजदीक पहुंचने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर वन परिक्षेत्र द्वारा हाथियों और रेस्क्यू दल की मदद से बाघ को आबादी वाले इलाके से दूर कोर क्षेत्र की ओर खदेड़ने का प्रयास किया गया था। इसके बावजूद बुधवार को फिर आबादी के समीप बाघ की गतिविधि सामने आने से वन विभाग की चुनौती बढ़ गई है। सूचना मिलते ही जंगल में उतरा वन अमला बाघ की संभावित मौजूदगी की सूचना मिलते ही मानपुर वन परिक्षेत्र का अमला मौके पर पहुंच गया। टीम द्वारा बाघ की लोकेशन ट्रेस करने, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और उसे आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की जा रही है। वन अमले की निगरानी के बावजूद बाघ के बार-बार आबादी के आसपास पहुंचने की सूचना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। रविवार के हमले के बाद लगातार निगरानी गौरतलब है कि रविवार को सेमरा-सेमरी क्षेत्र में बाघ के हमले में शंकर पटेल घायल हो गए थे। घटना के बाद वन विभाग द्वारा बाघ की निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की गई थी। मंगलवार को बाघ को आबादी से दूर करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन अब उरदना के जंगल में उसकी संभावित मौजूदगी की सूचना ने पूरे घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि बाघ की मूवमेंट वाले क्षेत्र में अकेले न जाएं, जंगल अथवा सुनसान इलाकों में जाने से बचें और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
उर्दना गांव की आबादी के करीब पहुंचा बाघ! सेमरा-सेमरी हमले के बाद फिर दहशत, वन अमला अलर्ट उरदना के जंगल में फिर बाघ की दस्तक आबादी के करीब पहुंचा बाघ! सेमरा-सेमरी हमले के बाद फिर दहशत, वन अमला अलर्ट हाथियों और रेस्क्यू टीम की मशक्कत के बाद भी आबादी से दूर नहीं हुआ बाघ; लोकेशन ट्रेस करने में जुटा वन विभाग आशुतोष त्रिपाठी | जनचिंगारी, उमरिया मानपुर। सेमरा-सेमरी क्षेत्र में रविवार को ग्रामीण शंकर पटेल पर बाघ के हमले के बाद थमी दहशत बुधवार को एक बार फिर लौट आई। सूत्रों के मुताबिक बाघ की गतिविधि ग्राम उरदना के जंगल में आबादी के करीब देखे जाने की सूचना सामने आई है। बाघ के आबादी के नजदीक पहुंचने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर वन परिक्षेत्र द्वारा हाथियों और रेस्क्यू दल की मदद से बाघ को आबादी वाले इलाके से दूर कोर क्षेत्र की ओर खदेड़ने का प्रयास किया गया था। इसके बावजूद बुधवार को फिर आबादी के समीप बाघ की गतिविधि सामने आने से वन विभाग की चुनौती बढ़ गई है। सूचना मिलते ही जंगल में उतरा वन अमला बाघ की संभावित मौजूदगी की सूचना मिलते ही मानपुर वन परिक्षेत्र का अमला मौके पर पहुंच गया। टीम द्वारा बाघ की लोकेशन ट्रेस करने, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और उसे आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की जा रही है। वन अमले की निगरानी के बावजूद बाघ के बार-बार आबादी के आसपास पहुंचने की सूचना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। रविवार के हमले के बाद लगातार निगरानी गौरतलब है कि रविवार को सेमरा-सेमरी क्षेत्र में बाघ के हमले में शंकर पटेल घायल हो गए थे। घटना के बाद वन विभाग द्वारा बाघ की निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की गई थी। मंगलवार को बाघ को आबादी से दूर करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन अब उरदना के जंगल में उसकी संभावित मौजूदगी की सूचना ने पूरे घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि बाघ की मूवमेंट वाले क्षेत्र में अकेले न जाएं, जंगल अथवा सुनसान इलाकों में जाने से बचें और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
- स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* *बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।* *मध्य प्रदेश उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।1
- chotraw।ke।pas। बसा chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में2
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल1
- हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।1
- उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।4
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol1
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- राम भगत सोनी कीendara न नष्ट हो गयादशक गया राम भगत सोनी के द्वारा धस गया एक महीना पहले की बात है पानी खूब भरी बरसात के कारण जितना ग्राम पोस्ट चित्र2