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चैनपुर में भीड़ के दौरान एक मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया था। इस घटना के बाद, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत और सक्रियता से काम किया, जिसके परिणामस्वरूप मासूम बच्चे को उसके परिवार से सफलतापूर्वक मिला दिया गया।
Sunderam Keshri
चैनपुर में भीड़ के दौरान एक मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया था। इस घटना के बाद, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत और सक्रियता से काम किया, जिसके परिणामस्वरूप मासूम बच्चे को उसके परिवार से सफलतापूर्वक मिला दिया गया।
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- उपायुक्त के निर्देश पर डुमरी प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार के नेतृत्व में संचालित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आम लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना था। इस प्रेरणादायक पहल में डुमरी थाना के एसआई मनोज कुमार और एसआई अंकित कुमार ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और सामाजिक सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कदम से अन्य लोगों में भी रक्तदान के प्रति उत्साह देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान कुल तीन यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। उन्होंने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए कहा कि यह कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है। अधिकारियों ने सभी से नियमित रूप से रक्तदान करने और दूसरों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने की अपील की। शिविर के सफल आयोजन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित लोगों ने रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को सुदृढ़ करते हैं।1
- झारखंड के लातेहार जिले में महुआडांड़ बस स्टैंड की स्थिति दिन-प्रतिदिन चिंताजनक होती जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया यात्री प्रतीक्षालय और बस पड़ाव का परिसर अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम ढलते ही बस स्टैंड लगभग खाली हो जाता है, जिसके बाद यहां शराबियों और नशा करने वालों का जमावड़ा लगने लगता है। परिसर में जगह-जगह बीयर और शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी हैं, जिससे परिसर की स्वच्छता और गरिमा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस असुरक्षित माहौल के कारण यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर में नियमित निगरानी, पुलिस गश्ती और साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि यह स्थल यात्रियों के लिए पुनः सुरक्षित और उपयोगी बन सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।2
- विधायक राम कुमार टोप्पो के खिलाफ आवाज उठाने के बाद, आकांक्षा टोप्पो को लगातार धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए हैं। इन फोनों में उन्हें मारने-पीटने और गाली-गलौज करने की धमकियां दी जा रही हैं।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शासन की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। पत्थलगांव पुलिस ने एक शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी वास्तविक आय को छिपाकर अपनी पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना का अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने अपनी वार्षिक आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया और शपथ पत्र के माध्यम से गलत जानकारी प्रस्तुत की। इसी आधार पर उसने अपनी पुत्री का शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा छठवीं में निःशुल्क प्रवेश करा लिया। हालांकि, जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त वेतन अभिलेखों में शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये पाई गई। आदिवासी विकास विभाग एवं अन्य दस्तावेजों की जांच से भी यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने जानबूझकर आय छुपाकर सरकारी योजना का लाभ उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं, और इससे शासन की योजनाओं का उद्देश्य भी बाधित होता है। पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को 30 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस संबंध में बताया कि शासकीय योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, झूठी जानकारी या मिथ्या शपथ पत्र के आधार पर लाभ लेने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।2
- एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।1
- Post by Tauhid Ansari1
- झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ में आदिवासी समाज को 'वनवासी' संबोधित किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस आदिवासी कमिटी ने शास्त्री चौक पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें पुतला दहन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय की अपनी एक विशिष्ट पहचान, संस्कृति, परंपरा और इतिहास है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि उन्हें 'वनवासी' कहकर संबोधित करना उनकी मूल पहचान को कमजोर करने और उनके अस्तित्व को नकारने का एक गंभीर प्रयास है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और उनकी पहचान का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस तरह की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की और संबंधित लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने दृढ़ता से यह भी कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। विरोध प्रदर्शन का समापन शास्त्री चौक पर पुतला दहन के साथ हुआ, जिसमें कांग्रेस आदिवासी कमिटी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।4
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवती से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब थाना चक्रधरनगर क्षेत्र की एक महिला ने 27 मई 2026 को महिला थाना रायगढ़ में अपनी 19 वर्षीय पुत्री के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, युवक कुश सिदार उर्फ छोटे पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप है। पीड़िता की माता ने बताया कि वह 25 मई को अपने कुछ कार्य से ओडिशा गई हुई थी और 27 मई को घर लौटने पर उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। युवती ने पूछताछ के दौरान बताया कि 26 मई की सुबह जब उसके पिता घर से बाहर गए हुए थे, तभी कुश सिदार उर्फ छोटे उसके घर आया और उसके साथ दुर्व्यवहार एवं घिनौनी हरकत की। इस रिपोर्ट पर महिला थाना में आरोपी कुश सिदार उर्फ (छोटे) पिता चैन सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 50/2026 धारा 64(2)(k) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी को 28 मई को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। महिला थाना ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेजकर अपनी मुस्तैदी दिखाई।1