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जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने कमलेश पासवान और सत्येन्द्र पासवान के साथ मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए 'स्पीड ट्रायल' की मांग को लेकर एक मुलाकात की। इस मुलाकात में जन सुराज के भावी प्रत्याशी कमलेश पासवान भी शामिल थे, जिन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने कमलेश पासवान और सत्येन्द्र पासवान के साथ मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए 'स्पीड ट्रायल' की मांग को लेकर एक मुलाकात की। इस मुलाकात में जन सुराज के भावी प्रत्याशी कमलेश पासवान भी शामिल थे, जिन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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- नालंदा जिले के तेल्हारा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में हुई गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) रेफर किया गया है।1
- राजगीर के मलमास मेला क्षेत्र स्थित झुमकिया मंदिर परिसर में दो युवकों की हत्या के मामले में न्याय की मांग अब तेज हो गई है। यह घटनाक्रम अभी जांच के अधीन है, और दोषियों की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है। इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने और घटनास्थल का जायजा लेने के लिए भीम आर्मी बिहार के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अमर ज्योति पासवान पहुंचे। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इसी दौरान, अनुसूचित जाति आयोग के मंत्री संजय कुमार भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। एक महत्वपूर्ण मोड़ पर, बताया गया कि इस घटना के विरोध में आवाज उठाने के बाद एडवोकेट अमर ज्योति पासवान के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग उठाने वालों पर कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह एफआईआर कानून के अनुसार ही दर्ज की गई है। फिलहाल, दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है। इस मामले में अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।1
- राजगीर में रविदास आश्रम का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यह कार्यक्रम बलराम साहब के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- बिहार राज्य आशा संघ के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा प्रभारी कार्यालय तक एक जुलूस निकाला और सिविल सर्जन तथा चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1
- बिहार राज्य आशा संघ के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चिकित्सा प्रभारी कार्यालय तक एक जुलूस निकाला। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन और चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।1
- यह एक भक्तिपूर्ण संदेश है, जिसमें 'श्री श्री 108 ॐ नमः शिवाय' और 'हर हर महादेव जी हर हर' के उद्घोषों के साथ भगवान शिव की स्तुति की गई है। इस पोस्ट के माध्यम से सभी के जीवन में मंगलमयता और खुशियों की बरसात होने की हार्दिक कामना व्यक्त की गई है। संदेश का समापन 'जय बाबा शिव गुरु' के जयघोष से होता है, जिसमें 'विडियो न0-544' का भी उल्लेख किया गया है।1
- इस पोस्ट में भगवान श्री हनुमान के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति का भाव व्यक्त किया गया है। इसमें 'ॐ श्री हनुमते नमः' मंत्र का बार-बार जाप किया गया है, जो उनकी महिमा का गुणगान करता है। पोस्ट में शामिल चमकते तारे, फूल, दिल और जुड़े हाथ के इमोजी इस आध्यात्मिक और हृदयस्पर्शी नमन को और अधिक उजागर करते हैं।1
- पिंटू पासवान और सरवन पासवान को न्याय दिलाने के उद्देश्य से श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में 23 जून 2026 को एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।1
- बिहार राज्य आशा संघ के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सदर अस्पताल से प्रखंड चिकित्सा प्रभारी कार्यालय तक एक जुलूस निकाला, जहाँ सिविल सर्जन और चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए शहरी आशा कार्यकर्ताओं को अस्पताल में काम न दिए जाने, उनकी बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान और शहरी तथा ग्रामीण आशाओं के लिए समान प्रोत्साहन राशि लागू करने की मांग उठाई। आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।1