टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के प्रभावी निर्देशन, कुशल नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग में थाना देहात पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले को महज 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का परिणाम है, जिसके तहत पुलिस ने गंभीर अपराध पर त्वरित एक्शन लिया और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया। दरअसल, 24/25 मई 2026 की दरम्यानी रात ग्राम बड़ागांव खुर्द में मोहन यादव (पिता रतिराम यादव, उम्र 55 वर्ष, निवासी बड़ागांव खुर्द) की मारपीट कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की सूचना पर थाना देहात में अपराध क्रमांक 218/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राहुल कटरे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक चंद्रजीत यादव के नेतृत्व में यह विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और सतत पतारसी के आधार पर गहन जांच करते हुए अथक प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप हत्या की गुत्थी सुलझ गई। घटना के 24 घंटे के भीतर राजकुमार उर्फ लल्लू (पिता हरचरन उर्फ डब्बू सेन, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बड़ागांव खुर्द, थाना देहात, जिला टीकमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इस महत्वपूर्ण सफलता को नेतृत्व, रणनीति और टीमवर्क का सफल परिणाम बताया गया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निरंतर दिशा-निर्देशन और प्रकरण की नियमित समीक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरीक्षक चंद्रजीत यादव, उप निरीक्षक वीणा विश्वकर्मा, उप निरीक्षक मयंक नगायच (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक अभय मिश्रा, प्रधान आरक्षक सतीश शर्मा, प्रधान आरक्षक रज्जन रैकवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण अहिरवार, प्रधान आरक्षक रहमान खान (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक सुनील राय, आरक्षक अरविंद निरंजन, आरक्षक मनोज नायक, आरक्षक अरबाज अली, आरक्षक अंकित द्विवेदी, आरक्षक राघवेन्द्र शर्मा, आरक्षक रवि रजक, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, आरक्षक योगेश चढ़ार और चालक जितेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही।
टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के प्रभावी निर्देशन, कुशल नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग में थाना देहात पुलिस ने हत्या के एक गंभीर मामले को महज 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का परिणाम है, जिसके तहत पुलिस ने गंभीर अपराध पर त्वरित एक्शन लिया और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया। दरअसल, 24/25 मई 2026 की दरम्यानी रात ग्राम बड़ागांव खुर्द में मोहन यादव (पिता रतिराम यादव, उम्र 55 वर्ष, निवासी बड़ागांव खुर्द) की मारपीट कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की सूचना पर थाना देहात में अपराध क्रमांक 218/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राहुल कटरे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक चंद्रजीत यादव के नेतृत्व में यह विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और सतत पतारसी के आधार पर गहन जांच करते हुए अथक प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप हत्या की गुत्थी सुलझ गई। घटना के 24 घंटे के भीतर राजकुमार उर्फ लल्लू (पिता हरचरन उर्फ डब्बू सेन, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बड़ागांव खुर्द, थाना देहात, जिला टीकमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को विधिवत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। इस महत्वपूर्ण सफलता को नेतृत्व, रणनीति और टीमवर्क का सफल परिणाम बताया गया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निरंतर दिशा-निर्देशन और प्रकरण की नियमित समीक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरीक्षक चंद्रजीत यादव, उप निरीक्षक वीणा विश्वकर्मा, उप निरीक्षक मयंक नगायच (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक अभय मिश्रा, प्रधान आरक्षक सतीश शर्मा, प्रधान आरक्षक रज्जन रैकवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण अहिरवार, प्रधान आरक्षक रहमान खान (सायबर सेल), प्रधान आरक्षक सुनील राय, आरक्षक अरविंद निरंजन, आरक्षक मनोज नायक, आरक्षक अरबाज अली, आरक्षक अंकित द्विवेदी, आरक्षक राघवेन्द्र शर्मा, आरक्षक रवि रजक, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, आरक्षक योगेश चढ़ार और चालक जितेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही।
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के मेन मार्केट में शनिवार, 30 मई को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में दो महिलाएं भी बिजली का करंट लगने से बाल-बाल बचीं। लोगों ने इस मामले में बिजली विभाग और उसके कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुहल्ले वासियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मेन मार्केट में गजेंद्र श्रीवास्तव के मकान के पास लगे बिजली के खंभे में पिछले कई दिनों से बिजली का करंट आ रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली कार्यालय में भी की थी, लेकिन शिकायत के बावजूद बिजली कर्मचारियों ने मौके पर आकर कोई सुधारात्मक कार्य नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण, गौवंश बिजली के खंभे के पास पहुंचा और करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे मेन मार्केट में जाम की स्थिति बन गई। बाद में ग्राम पंचायत के द्वारा मृत गौवंश को ट्रैक्टर से हटवाया गया। लोगों ने यह भी जानकारी दी कि गांव में कई जगह बिजली की केबलें क्षतिग्रस्त हैं और बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जिससे भविष्य में कोई दूसरी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मेन मार्केट सहित पूरे गांव में अव्यवस्थित तरीके से डाली गई बिजली केबलों में सुधार कार्य कराने की तत्काल मांग की है।1
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगिना सांसद चंद्रशेखर आजाद टीकमगढ़ के काशीराम अस्पताल पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में पहुँचकर प्रभावितों को मुआवजा प्रदान किया।1
- टीकमगढ़ पुलिस ग्राउंड पर शनिवार, 30 मई 2026 को समर कप फुटबॉल प्रतियोगिता के अंतर्गत दो सेमीफाइनल मैच खेले गए। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा के मार्गदर्शन में 1 मई से 31 मई 2026 तक पुलिस लाइन खेल परिसर में आयोजित हो रही इस वार्षिक प्रतियोगिता में आज जूनियर और सीनियर वर्ग के पहले सेमीफाइनल मुकाबले हुए। जूनियर वर्ग का पहला सेमीफाइनल मैच फिटनेस क्लब और टीकमगढ़ सिटी के बीच हुआ, जिसमें फिटनेस क्लब के कप्तान शेख अनीस और टीकमगढ़ सिटी के कप्तान अमन खान थे। इस रोमांचक मुकाबले में फिटनेस क्लब ने टीकमगढ़ सिटी को 4-2 से हराया। फिटनेस क्लब की ओर से मारूफ ने दो गोल, जबकि अनीश और अर्सलान ने एक-एक गोल किया। वहीं, टीकमगढ़ सिटी के लिए दोनों गोल रौनक खान ने दागे। इस जीत के साथ फिटनेस क्लब जूनियर वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बन गई। सीनियर वर्ग में टर्मिनेटर, जिसके कप्तान दिव्यांश खरे थे, और पैंथर इलेवन, जिसके कप्तान मोहम्मद आमिर थे, के बीच खेला गया मैच 4-4 की बराबरी पर समाप्त हुआ। टर्मिनेटर की तरफ से कप्तान दिव्यांश खरे ने दो गोल किए, जबकि कैफ राजा और रचित वाल्मीक ने एक-एक गोल किया। पैंथर क्लब के लिए अश्विन अहिरवार ने दो गोल, जबकि लवित अहिरवार और अरशद मोहम्मद ने एक-एक गोल किया। दो मैच खेलकर 4 अंक अर्जित करने वाली टर्मिनेटर की टीम सीनियर वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बनी। इन सेमीफाइनल मैचों के विशेष अतिथि पुलिस पेंशनर्स टीकमगढ़ के खलील मोहम्मद खान, सुरेश दोंदेरिया, उमाशंकर चतुर्वेदी, जगतपाल सिंह, गोविंद अहिरवार और काजी हफीजुद्दीन थे। आज के मैचों में जमन हाशमी और आशिफ खान ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि पूरे मैच का संचालन जिला खेल प्रशिक्षक टीकमगढ़ अनूप मंडल द्वारा किया गया।1
- टीकमगढ़ जिले के कुड़ियाला गाँव में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिसके तहत पलेरा जतारा मार्ग को जाम कर दिया गया। इस प्रदर्शन में महिलाएँ भी सड़क पर उतरकर शामिल हुईं, जिसके परिणामस्वरूप मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मामला कनेरा चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अवैध शराब पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- पलेरा में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया, जिसके बाद सड़क पर लगाया गया जाम सफलतापूर्वक खुलवा दिया गया।1