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आवास के नाम पर ₹10 हजार की रिश्वत! पैसे नहीं दिए तो घर काटने की धमकी का आरोप गरीब महिला ने आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ₹10,000 रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पैसे देने से इनकार करने पर उसका आवास काटने की धमकी दी गई। मामले को लेकर महिला ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच में आरोप कितने सही पाए जाते हैं।
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आवास के नाम पर ₹10 हजार की रिश्वत! पैसे नहीं दिए तो घर काटने की धमकी का आरोप गरीब महिला ने आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ₹10,000 रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पैसे देने से इनकार करने पर उसका आवास काटने की धमकी दी गई। मामले को लेकर महिला ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच में आरोप कितने सही पाए जाते हैं।
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- बिहार गया गुरुआ गुरुवा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला राजन गांव के कुशवाहा टोला मैं नाली गली मैं नाला बनने पर भी नाला में पानी नहीं जा रहा है इसका कारण है कि एक जगह पर नाला नहीं बना है वह जमीन किसी का अपना खानदानी जमीन है परंतु उसे पर मुखिया सरपंच विधायक का कोई एक्शन नहीं है उसे भुगतान भी देकर वहां पर नाला बनाया जा सकता था इस पर किसी का ध्यान नहीं है गली में पानी भर चुका है पानी जाने का कोई रास्ता नहीं आदमी को आने जाने में बहुत कठिनाई हो रहा है .......🙏1
- गुरुआ प्रखंड में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस गुरुआ (गया)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुरुआ प्रखंड के सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, कार्यालयों तथा विभिन्न संस्थानों में हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस दौरान तिरंगे को सलामी दी गई तथा देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों एवं महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। प्रखंड कार्यालय गुरुआ में प्रखंड प्रमुख नीलम कुमारी यादवेंदु ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं गुरुआ थाना परिसर में थानाध्यक्ष मनेश कुमार ने झंडोत्तोलन किया। पंचायत सरकार भवन गुरुआ में मुखिया रिंकी देवी ने तिरंगा फहराकर उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाया गया तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। विभिन्न विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, कर्मियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। मौके पर उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।1
- इस स्वतंत्रता दिवस स्वास्थ्य सेवाओं को बनाएं डिजिटल, बनाएं अपना आभा हेल्थ अकाउंट इस स्वतंत्रता दिवस स्वास्थ्य सेवाओं को बनाएं डिजिटल, बनाएं अपना आभा हेल्थ अकाउंट1
- 80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलिट्री बैंड की शानदार प्रस्तुति l स्थान -आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी स्कूल गया1
- *📜 16 अगस्त 📜* *🌹 युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 25 दिसंबर 1924 मृत्यु : 16 अगस्त 2018 भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त, ना जाने कितनी ही उपाधियों से पुकारे जाने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी सही अर्थों में 'भारत रत्न' थे. इन सबसे भी बढ़कर अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे। *📜 16 अगस्त 📜* *🌹 युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 25 दिसंबर 1924 मृत्यु : 16 अगस्त 2018 भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त, ना जाने कितनी ही उपाधियों से पुकारे जाने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी सही अर्थों में 'भारत रत्न' थे. इन सबसे भी बढ़कर अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे. उन्होंने ज़मीन से जुड़े रहकर राजनीति की और जनता के प्रधानमंत्री के रूप में लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई. अटल जी एक ऐसे इंसान थे जो बच्चे, युवाओं, महिलाओं, बुज़ुर्गों सभी के बीच में लोकप्रिय थे. देश का हर युवा, बच्चा उन्हें अपना आदर्श मानता था. भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी देशभक्ति व भारतीय संस्कृति की प्रखर आवाज थे. भारत की राजनीति में मूल्यों और आदर्शों को स्थापित करने वाले राजनेता और प्रधानमंत्री के रूप में उनका काम बहुत अच्छा रहा. उनके कार्यों के कारण ही उन्हें भारत के ढांचागत विकास का दूरदृष्टा कहा जाता है. बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अटल जी का सार्वजनिक जीवन बे-दाग और साफ़-सुथरा था. उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक थे. उनके लिए राष्ट्रहित सदा सर्वोपरि रहा, तभी उन्हें राष्ट्र-पुरुष कहा जाता था. अपनी कविताओं के माध्यम से अटल जी हमेशा सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते थे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से लेकर प्रधानमंत्री तक सफर तय करने वाले युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता जी का नाम पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा वाजपेयी था. अटल जी की बीए की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया काॅलेज में हुई. उसके पश्चात् कानपुर के डीएवी महाविद्यालय से कला में स्नातकोत्तर उपाधि भी प्रथम श्रेणी में प्राप्त की. अटल जी ने अपने जीवन में पत्रकार के रूप में भी काम किया और लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया. वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने लम्बे समय तक डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे प्रखर राष्ट्रवादी नेताओं के साथ काम किया. अटल जी 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे. विदेश मंत्री रहते हुए पूरे विश्व में भारत की छवि बनाईं और विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी में भाषण देने वाले देश के पहले वक्ता बने. 1998 में अटक बिहारी वाजपेयी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने और इस बीच अटल बिहारी वाजपेयी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट कर सम्पूर्ण विश्व को भारत की शक्ति का एहसास कराया. अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने भारत पर कईं तरह के प्रतिबंध लगा दिए लेकिन उसके पश्चात् भी भारत वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में हर प्रकार की चुनौतियों से सफलता पूर्वक निबटने में सफल रहा. कारगिल युद्ध में विजयश्री के पश्चात् हुए 1999 के लोकसभा चुनाव में भाजपा फिर अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. 13 दलों से गठबंधन करके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के रूप में सरकार बनाकर पाँच साल का कार्यकाल पूर्ण किया. इन पाँच वर्षों में अटल जी ने देश के अन्दर प्रगति के अनेक आयाम छुए और सरकार ने गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए अनेक योजनाएँ लागू की. वह एक राष्ट्र समर्पित राजनेता होने के साथ-साथ कुशल संगठक भी थे जिन्होंने भाजपा की नींव रख उसके विस्तार में एक अहम भूमिका निभाई और करोड़ों कार्यकर्ताओं को देश सेवा के लिए प्रेरित किया. श्रद्धेय अटल जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश ने पहली बार सुशासन की कल्पना को चरितार्थ होते देखा. जहां एक ओर उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान, पीएम ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना जैसे विकासशील कार्य किए तो वहीं दूसरी ओर पोखरण परीक्षण और करगिल विजय से विश्वपटल पर एक मज़बूत भारत की नींव रखी. आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अटल जी के विचारों को केंद्र में रखकर सुशासन व गरीब कल्याण के मार्ग पर अग्रसर है और भारत को विश्व में एक महाशक्ति बनाने के लिए कटिबद्ध है. माँ भारती के ऐसे महान सपूत श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि वन्दन. 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹1
- बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!! बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!!1
- बेहतर भविष्य के लिए सही शिक्षा संस्थान का करें चुनाव, झारखंड एजुकेशनल एंड कल्चरल डेवलपमेंट सोसाइटी में प्रवेश का सुनहरा अवसर बेहतर भविष्य के लिए सही शिक्षा संस्थान का करें चुनाव, झारखंड एजुकेशनल एंड कल्चरल डेवलपमेंट सोसाइटी में प्रवेश का सुनहरा अवसर1
- 80वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम की भावना को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सिंगर चांदनी बसोया की शानदार प्रस्तुति l स्थान -आर्ट गैलरी हरिदास सेमिनरी स्कूल गया1
- लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया।1