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चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में अंध भक्तों पर तीखा कटाक्ष किया गया है। इस कटाक्ष में दावा किया गया है कि धरती पर ऐसी कोई जगह नहीं बनी है जहाँ इन अंध भक्तों की पहुँच न हो। चाहे नर्क हो या स्वर्ग, सिर्फ एक ही आदमी है जो उसका अंगूठा...
Uday Kumar Ray
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में अंध भक्तों पर तीखा कटाक्ष किया गया है। इस कटाक्ष में दावा किया गया है कि धरती पर ऐसी कोई जगह नहीं बनी है जहाँ इन अंध भक्तों की पहुँच न हो। चाहे नर्क हो या स्वर्ग, सिर्फ एक ही आदमी है जो उसका अंगूठा...
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- धीना के बरहनी विकासखंड अंतर्गत भैंसाखुर्द गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में शौचालय के पास एक खुला कुआं होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। इस कुएं के चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार या घेराव नहीं है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे शौचालय जाते समय या परिसर में खेलने के दौरान इस खुले कुएं के पास पहुंच जाते हैं। उचित सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण बच्चों के कुएं में गिरने का डर बना रहता है, जिसके चलते अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन में भी गहरी चिंता व्याप्त है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए खुले कुएं का जल्द से जल्द पक्का घेराव कराने की अपील की है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।2
- न्यूज टू इंडिया की संवाददाता प्रिती मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर जनपद में रेलवे प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर लाइटें न जलने के कारण पूरा परिसर घने अंधेरे में डूबा हुआ है। इस बदहाली की वजह से यात्रियों, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन पर पसरे इस अंधेरे और व्यवस्था की बदहाली को लेकर अब यात्रियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।1
- न्यूज टू इंडिया की संवाददाता प्रिती मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर जनपद में रेलवे प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर लाइटें न जलने के कारण पूरा परिसर घने अंधेरे में डूबा हुआ है। इस बदहाली की वजह से यात्रियों, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि रात होते ही स्टेशन, फुटओवर ब्रिज, पार्किंग और बाहर जाने वाले रास्तों पर अंधेरा कायम हो जाता है। रोशनी न होने की वजह से चोरी, छिनैती और हादसों का डर बना रहता है, और कई लोग अंधेरे में गड्ढों व सामान से टकराकर चोटिल भी हो चुके हैं। एक यात्री ने बताया कि रात 8 बजे के बाद स्टेशन में कदम रखते ही डर लगता है, क्योंकि न तो लाइटें जल रही हैं, न ही सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं, और सुरक्षा के लिए तैनात रहने वाले आरपीएफ के जवान भी मौके से गायब रहते हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद रेलवे प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे बैठा है। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये से यात्रियों में भारी नाराजगी है। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन तुरंत सभी प्लेटफॉर्मों, फुटओवर ब्रिज और परिसर में लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करे और सुरक्षा बढ़ाए। यात्रियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- यह बंगाल में दोस्ती के दुश्मनी में बदलने की कहानी है। कभी बंगाल में ममता बनर्जी ने बीजेपी को पैर जमाने में मदद की थी। आज बंगाल में बीजेपी का जो वर्चस्व और उभार नजर आ रहा है, उसकी सही मायनों में नींव भगवा पार्टी ने 90 के दशक के मध्य में ही ममता बनर्जी को पुचकारते हुए रखनी शुरू कर दी थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस को छोड़ दिया और वह बीजेपी की पक्की दोस्त बन गईं। इसके बाद इन दोनों ने मिलकर चुनाव भी लड़ा था।1
- वाराणसी के चौबेपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- बनारस में 'देश की बात' के चर्चित पत्रकार कुमार शैलेन्द्र पर वसूली को लेकर जानलेवा हमला किया गया है। इस मामले में आरोपी की पहचान होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर लगातार हीलाहवाली की जा रही है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम सभा छितमपुर (चुमकुनी) में सरकारी बंजर भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे के खिलाफ जारी लंबी लड़ाई आखिरकार अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि का सीमांकन कराया। इस त्वरित कार्रवाई के बाद अवैध कब्जे को पूरी तरह हटाकर ग्राम सभा की बहुमूल्य भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम सभा छितमपुर (चुमकुनी) में वर्षों से सरकारी बंजर भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर चले आ रहे अवैध कब्जे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई अब निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश पर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि का सीमांकन कराया और अवैध कब्जे को हटाकर ग्राम सभा की बहुमूल्य भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय ग्राम प्रधान श्रीमती सपना सिंह, प्रधान प्रतिनिधि मनोज सिंह और अजय सामाजिक सेवा समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिल सिंह सिंटू बाबा को दिया जा रहा है। इन लोगों ने वर्षों तक जनहित याचिकाओं, शिकायतों, पत्राचार और कानूनी प्रयासों के जरिए संघर्ष किया। इस मामले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था। जांच के दौरान यह खुलासा भी हुआ कि कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से खतौनी में अपने नाम दर्ज करा रखे थे। गत 11 जुलाई को जब कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर जबरन खेती करने का प्रयास किया गया, तो राजस्व और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे को रोक दिया। इसी के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिए आगामी 15 जुलाई को पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे भू-भाग की तारबंदी कराने का फैसला लिया है। इस बड़ी जीत पर ग्राम प्रधान श्रीमती सपना सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि की रक्षा करना पंचायत की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। प्रधान प्रतिनिधि मनोज सिंह ने इसे कानून के शासन और न्याय की जीत बताया, जबकि अनिल सिंह 'सिंटू बाबा' ने भविष्य में भी भू-माफियाओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प जताया। आगामी 15 जुलाई को होने वाले तारबंदी कार्यक्रम के दौरान अजय सामाजिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह (चुम्कुनी) के नेतृत्व में प्रदेश संरक्षक ओमप्रकाश, पंकज, आफताब, हफीजुल्लाह वारसी और चंदौली के जिला अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। विशेष बात यह है कि यह आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह के जन्मदिन के अवसर पर हो रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, पुलिस-राजस्व टीम और सामाजिक समिति का आभार जताते हुए इसे सुशासन की जीत बताया है।1
- प्रबल प्रताप को रविवार (12 जुलाई 2026) को दिल्ली पुलिस द्वारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। उनके साथ एलएलबी (LLB) की पढ़ाई कर रहे उनके ममेरे भाई रवि यादव ने इस बात की पुष्टि की है। रवि यादव और उनके परिवार द्वारा इस संबंध में घटनाक्रम की मुख्य बातें साझा की गई हैं।1