मतदान केंद्रों एवं स्ट्रॉंग रूम का निरीक्षण. मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों को गति देने के निर्देश. मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, आदर्श आचार संहिता एवं धारा 163 की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश कोटपूतली-बहरोड़, 25 अगस्त। आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने मंगलवार को बानसूर एवं नारायणपुर में संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों, ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर निर्वाचन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं, कार्मिकों की उपलब्धता एवं प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों, स्ट्रॉंग रूम, मतदान केंद्रों की स्थिति तथा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना सहित विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित सभी दायित्वों का समयबद्ध एवं गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। मतदान केंद्रों पर बिजली, प्रकाश, पेयजल, रैंप सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा मानसून को देखते हुए भवन एवं परिसर की व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कमी शेष नहीं रहनी चाहिए और आवश्यक व्यवस्थाओं को मतदान से पूर्व ही पूर्ण कर लिया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं प्रभावी संचार के साथ कार्य करें। निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों के साथ समन्वय रखते हुए आदर्श आचार संहिता एवं धारा 163 के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप तिथिवार चुनावी कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार, सार्वजनिक स्थलों पर अनुमति, जुलूस एवं सभाओं तथा अन्य निर्वाचन गतिविधियों की सतत निगरानी करने को कहा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए स्वीप गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला, युवा, दिव्यांग एवं नए मतदाताओं तक जागरूकता संदेश पहुंचाने तथा मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बूथ स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने को कहा। बैठक के पश्चात जिला निर्वाचन अधिकारी ने बानसूर एवं नारायणपुर क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों तथा स्ट्रॉंग रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर प्रकाश व्यवस्था, रैंप, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाता सूची, बीएलओ की उपलब्धता, आवश्यक सूचना बोर्ड, हेल्पलाइन नंबर एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। बानसूर में जिला निर्वाचन अधिकारी ने रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम बानसूर नवनीत कुमार तथा डीएसपी सुहासी के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसूर, सेठ चंटू लाल एवं धन्ना लाल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसूर तथा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय धुंधला का निरीक्षण किया। इसी प्रकार नारायणपुर में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम नारायणपुर दिनेश शर्मा तथा तहसीलदार कैलाश चंद मेहरा के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर, श्रीमती दुर्गादेवी सेठ हीरालाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुरा एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरड़ी में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए सुगम एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नगरीय निकाय चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं।
मतदान केंद्रों एवं स्ट्रॉंग रूम का निरीक्षण. मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों को गति देने के निर्देश. मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, आदर्श आचार संहिता एवं धारा 163 की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश कोटपूतली-बहरोड़, 25 अगस्त। आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने मंगलवार को बानसूर एवं नारायणपुर में संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों, ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर निर्वाचन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं, कार्मिकों की उपलब्धता एवं प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाता जागरूकता एवं स्वीप गतिविधियों, स्ट्रॉंग रूम, मतदान केंद्रों की स्थिति तथा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना सहित विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित
सभी दायित्वों का समयबद्ध एवं गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। मतदान केंद्रों पर बिजली, प्रकाश, पेयजल, रैंप सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा मानसून को देखते हुए भवन एवं परिसर की व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कमी शेष नहीं रहनी चाहिए और आवश्यक व्यवस्थाओं को मतदान से पूर्व ही पूर्ण कर लिया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं प्रभावी संचार के साथ कार्य करें। निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों के साथ समन्वय रखते हुए आदर्श आचार संहिता एवं धारा 163 के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित
करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप तिथिवार चुनावी कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार, सार्वजनिक स्थलों पर अनुमति, जुलूस एवं सभाओं तथा अन्य निर्वाचन गतिविधियों की सतत निगरानी करने को कहा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए स्वीप गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला, युवा, दिव्यांग एवं नए मतदाताओं तक जागरूकता संदेश पहुंचाने तथा मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बूथ स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने को कहा। बैठक के पश्चात जिला निर्वाचन अधिकारी ने बानसूर एवं नारायणपुर क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों तथा स्ट्रॉंग रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर प्रकाश व्यवस्था, रैंप, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाता सूची, बीएलओ की उपलब्धता, आवश्यक सूचना बोर्ड, हेल्पलाइन नंबर एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। बानसूर में जिला निर्वाचन अधिकारी
ने रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम बानसूर नवनीत कुमार तथा डीएसपी सुहासी के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसूर, सेठ चंटू लाल एवं धन्ना लाल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसूर तथा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय धुंधला का निरीक्षण किया। इसी प्रकार नारायणपुर में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम नारायणपुर दिनेश शर्मा तथा तहसीलदार कैलाश चंद मेहरा के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर, श्रीमती दुर्गादेवी सेठ हीरालाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुरा एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरड़ी में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए सुगम एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नगरीय निकाय चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं।
- सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शरद पूर्णिमा की रात में भगवान श्रीकृष्ण का गोपियों के साथ दिव्य नृत्य के प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया नीमराना के समीपवर्ती गांव घीलोठ में श्रीश्याम मंदिर के समीप सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मुख्य यजमान राकेश कॉन्ट्रेक्टर विजय सिंह चौहान ने व्यास पीठ की विधिवत पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया। कथा में विशिष्ठ अतिथि के रूप में कूलकिंग उद्योग इंडिया लिमिटेड प्लांट हैड अरूण शर्मा,फैक्ट्री मैनेजर सतपाल सिंह,एचआर हैड अरविन्द यादव,मेजर राजेन्द्र सिंह चौहान,उदयपालसिंह चौहान एवं पार्षद वेदप्रकाश खबरी रहे।श्रीमद्भागवत कथा के कथावाचक व्यास श्री छेदीलाल ने कथा में श्रीमद्भागवत कथा में आज व्यास पीठ से कथावाचक छेदीलाल महाराज ने इंद्र और कामधेनु द्वारा अभिषेक प्रसंग में राजा इंद्र का अहंकार टूटना, कृष्ण से क्षमा मांगना और उन्हें 'गोविंद' नाम देना सुनाया। गोविन्द नाम के बाद नन्द महाराज की वरुण लोक से मुक्ति के प्रसंग में एकादशी व्रत के बाद यमुना में स्नान करते समय वरुण देव के दूत नंद बाबा को ले जाते हैं, जिन्हें कृष्ण जी द्वारा छुड़ाकर लाने का प्रसंग सुनाया।इसके बाद महारास (रासलीला) के प्रसंग में शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण का गोपियों के साथ दिव्य नृत्य के प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। महारास के बाद कथावाचक छेदीलाल व्यास ने सुदर्शन विद्याधर का उद्धार और शंखचूड़ वध के प्रसंग में अजगर रूपी विद्याधर को चरण छूकर मुक्त करना और गोपियों को तंग करने वाले शंखचूड़ का वध करने की कथा सुनाई। वहीं कथा के अंत में अक्रूर जी के आगमन का प्रसंग में कंस के बुलावे पर अक्रूर जी का रथ लेकर वृंदावन आए और कृष्ण-बलराम को मथुरा चलने का न्यौता दिया गया। न्यौता के बाद श्रीकृष्ण का राधा रानी,माता यशोदा और गोपियों को रोता छोड़कर मथुरा के लिए निकलने का प्रसंग भाव विभोर कर गया।कथा के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया । इस अवसर पर अमरदीप सिंह चौहान,हवलदार वीरेन्द्र सिंह यादव,परमानंद यादव,अनिल सिंह चौहान कोलीला,लखन शर्मा,परसराम गुप्ता,हजारी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।4
- जब भागवत कथा में जीवंत हुआ 'श्रीकृष्ण महारास', कथावाचक छेदीलाल महाराज के प्रसंगों पर झूमे श्रद्धालु! सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शरद पूर्णिमा की रात में भगवान श्रीकृष्ण का गोपियों के साथ दिव्य नृत्य के प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया नीमराना 25अगस्त। समीपवर्ती गांव घीलोठ में श्रीश्याम मंदिर के समीप सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मुख्य यजमान राकेश कॉन्ट्रेक्टर विजय सिंह चौहान ने व्यास पीठ की विधिवत पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ करवाया। कथा में विशिष्ठ अतिथि के रूप में कूलकिंग उद्योग इंडिया लिमिटेड प्लांट हैड अरूण शर्मा,फैक्ट्री मैनेजर सतपाल सिंह,एचआर हैड अरविन्द यादव,मेजर राजेन्द्र सिंह चौहान,उदयपालसिंह चौहान एवं पार्षद वेदप्रकाश खबरी रहे।श्रीमद्भागवत कथा के कथावाचक व्यास श्री छेदीलाल ने कथा में श्रीमद्भागवत कथा में आज व्यास पीठ से कथावाचक छेदीलाल महाराज ने इंद्र और कामधेनु द्वारा अभिषेक प्रसंग में राजा इंद्र का अहंकार टूटना, कृष्ण से क्षमा मांगना और उन्हें 'गोविंद' नाम देना सुनाया। गोविन्द नाम के बाद नन्द महाराज की वरुण लोक से मुक्ति के प्रसंग में एकादशी व्रत के बाद यमुना में स्नान करते समय वरुण देव के दूत नंद बाबा को ले जाते हैं, जिन्हें कृष्ण जी द्वारा छुड़ाकर लाने का प्रसंग सुनाया।इसके बाद महारास (रासलीला) के प्रसंग में शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण का गोपियों के साथ दिव्य नृत्य के प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर किया। महारास के बाद कथावाचक छेदीलाल व्यास ने सुदर्शन विद्याधर का उद्धार और शंखचूड़ वध के प्रसंग में अजगर रूपी विद्याधर को चरण छूकर मुक्त करना और गोपियों को तंग करने वाले शंखचूड़ का वध करने की कथा सुनाई। वहीं कथा के अंत में अक्रूर जी के आगमन का प्रसंग में कंस के बुलावे पर अक्रूर जी का रथ लेकर वृंदावन आए और कृष्ण-बलराम को मथुरा चलने का न्यौता दिया गया। न्यौता के बाद श्रीकृष्ण का राधा रानी,माता यशोदा और गोपियों को रोता छोड़कर मथुरा के लिए निकलने का प्रसंग भाव विभोर कर गया।कथा के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया । इस अवसर पर अमरदीप सिंह चौहान,हवलदार वीरेन्द्र सिंह यादव,परमानंद यादव,अनिल सिंह चौहान कोलीला,लखन शर्मा,परसराम गुप्ता,हजारी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके । -हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।1
- खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी। युवाओं की आवाज़ आपका अपना अनिल मुड़ाई ओड1
- खैरथल जिले में दो दिन से बारिश, बांधों में पानी की आवक; किसानों के खिले चेहरे, प्याज की फसल को नुकसान की आशंका खैरथल, जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा। हालांकि, लगातार बारिश ने कुछ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और दलदल जैसी स्थिति बनने से प्याज की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में प्याज की फसल लगी हुई है, वहां जलभराव के कारण फसल डूबने की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर जहां खरीफ फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है और बांधों में पानी की आवक से जलस्रोतों को राहत मिली है, वहीं प्याज उत्पादक किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी तेज बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो प्याज की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर और खेतों में जलभराव की स्थिति पर टिकी हुई है।2
- महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की कमी।रात और डॉक्टर डेपुटेशन पर भेजें। महेंद्रगढ़, हरियाणा, रेवाडी समाचारl1
- गुरुग्राम में जलभराव को लेकर शैलजा भाटिया ने सांसद राव इंद्रजीत सिंह से मांगा जवाब गुरुग्राम में जलभराव को लेकर शैलजा भाटिया ने सांसद राव इंद्रजीत सिंह से मांगा जवाब गुरुग्राम जलभराव, गुरुग्राम बारिश, गुरुग्राम में बाढ़, शैलजा भाटिया, राव इंद्रजीत सिंह, सांसद राव इंद्रजीत, गुरुग्राम सांसद, जलभराव की समस्या, गुरुग्राम की सड़कें, गुरुग्राम बारिश का पानी, गुरुग्राम न्यूज़, हरियाणा न्यूज़, गुरुग्राम लेटेस्ट न्यूज़, कांग्रेस, कांग्रेस नेता, शैलजा भाटिया बयान, गुरुग्राम राजनीति, गुरुग्राम प्रशासन, जल निकासी व्यव्स्था #Gurugram #Gurgaon #GurugramNews #GurgaonNews #Waterlogging #GurugramRain #ShailjaBhatia #RaoInderjitSingh #RaoInderjit #Congress #HaryanaNews #GurugramPolitics #RainInGurugram #जलभराव #गुरुग्राम #शैलजाभाटिया #रावइंद्रजीतसिंह #हरियाणान्यूज़ #गुरुग्रामन्यूज़1
- नीमराना के गूगलकोटा स्कूल में बड़ा हादसा टला, गैस सिलेंडर में लगी भीषण आग नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़)। उपखण्ड क्षेत्र के गूगलकोटा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्यालय परिसर में रखे रसोई गैस सिलेंडर में अचानक भीषण आग लग गई। आग की तेज लपटें और धुआं उठते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय साहसी युवकों ने तत्परता दिखाई। युवकों ने बिना अपनी जान की परवाह किए, गीले बोरे और पानी का इस्तेमाल कर सिलेंडर में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया। युवकों की इस त्वरित सूझबूझ और अदम्य साहस की बदौलत एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया तथा विद्यालय के सभी बच्चे व स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने युवकों के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की।1