निवाड़ी जिले में प्रभारी सहायक संचालक (उद्यान) सुनील राठौर जी ने 42 वर्षों की बेमिसाल शासकीय सेवा के बाद अपनी सेवानिवृत्ति ली है, जो निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की एक अनूठी मिसाल मानी जा रही है। उनके विदाई समारोह में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय किसानों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मूल रूप से देवास जिले के निवासी श्री सुनील राठौर जी का करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है, जिसकी शुरुआत उन्होंने ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी के पद से की थी। अपनी मेहनत और उत्कृष्ट कार्यशैली के बल पर वे उद्यान विकास अधिकारी, फिर वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी के रूप में पदोन्नत हुए और अंततः निवाड़ी जिले से प्रभारी सहायक संचालक (उद्यान) जैसे गरिमामयी पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने 42 वर्षों के सेवाकाल के दौरान, उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे नर्मदापुरम और रतलाम में सेवा की नींव रखी, उज्जैन में अपने जीवन के 33 बेहतरीन और ऐतिहासिक वर्ष दिए, और निवाड़ी जिले में अपनी अंतिम उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं। उनके करियर की सबसे बड़ी और गौरवशाली विशेषता यह रही कि उनके उत्कृष्ट कार्यों, प्रशासनिक कुशलता और कार्य के प्रति ईमानदारी को देखते हुए, उनके सेवाकाल के दौरान 14 अलग-अलग जिला कलेक्टर्स द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसे शासकीय सेवा में एक विरला और गौरवमयी सम्मान माना जाता है। उद्यानिकी के क्षेत्र में श्री राठौर का योगदान विशेष रूप से याद किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें नहीं चलाईं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम किया, जिससे विभागीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे किसानों तक पहुँचा। उन्होंने नई तकनीकों और उद्यानिकी फसलों के माध्यम से हजारों किसानों की बंजर किस्मत को बदला और उनके जीवन को खुशहाली से संवार दिया। विदाई के भावुक क्षणों में सहकर्मियों ने कहा कि उनका जाना विभाग के लिए एक बड़ी रिक्ति है, लेकिन उनकी कार्यशैली और स्थापित किए गए मानक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। अब 42 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद वे अपने गृह जिले देवास में एक नए जीवन की शुरुआत करेंगे। संपूर्ण निवाड़ी और उद्यानिकी विभाग श्री सुनील राठौर जी के सुखद, दीर्घायु और स्वस्थ सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना करता है।
निवाड़ी जिले में प्रभारी सहायक संचालक (उद्यान) सुनील राठौर जी ने 42 वर्षों की बेमिसाल शासकीय सेवा के बाद अपनी सेवानिवृत्ति ली है, जो निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की एक अनूठी मिसाल मानी जा रही है। उनके विदाई समारोह में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय किसानों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मूल रूप से देवास जिले के निवासी श्री सुनील राठौर जी का करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है, जिसकी शुरुआत उन्होंने ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी के पद से की थी। अपनी मेहनत और उत्कृष्ट कार्यशैली के बल पर वे उद्यान विकास अधिकारी, फिर वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी के रूप में पदोन्नत हुए और अंततः निवाड़ी जिले से प्रभारी सहायक संचालक (उद्यान) जैसे गरिमामयी पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने 42 वर्षों के सेवाकाल के दौरान, उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे नर्मदापुरम और रतलाम में सेवा की नींव रखी, उज्जैन में अपने जीवन के 33 बेहतरीन और ऐतिहासिक वर्ष दिए, और निवाड़ी जिले में अपनी अंतिम उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं। उनके करियर की सबसे बड़ी और गौरवशाली विशेषता यह रही कि उनके उत्कृष्ट कार्यों,
प्रशासनिक कुशलता और कार्य के प्रति ईमानदारी को देखते हुए, उनके सेवाकाल के दौरान 14 अलग-अलग जिला कलेक्टर्स द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिसे शासकीय सेवा में एक विरला और गौरवमयी सम्मान माना जाता है। उद्यानिकी के क्षेत्र में श्री राठौर का योगदान विशेष रूप से याद किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें नहीं चलाईं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम किया, जिससे विभागीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे किसानों तक पहुँचा। उन्होंने नई तकनीकों और उद्यानिकी फसलों के माध्यम से हजारों किसानों की बंजर किस्मत को बदला और उनके जीवन को खुशहाली से संवार दिया। विदाई के भावुक क्षणों में सहकर्मियों ने कहा कि उनका जाना विभाग के लिए एक बड़ी रिक्ति है, लेकिन उनकी कार्यशैली और स्थापित किए गए मानक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। अब 42 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद वे अपने गृह जिले देवास में एक नए जीवन की शुरुआत करेंगे। संपूर्ण निवाड़ी और उद्यानिकी विभाग श्री सुनील राठौर जी के सुखद, दीर्घायु और स्वस्थ सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना करता है।
- निवाड़ी जिले के मडिया गांव में एक गाय अचानक कुएं में गिर गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत और अथक प्रयासों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उनकी कड़ी मेहनत के बाद, गाय को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।1
- झांसी जिले के लठेसरा गांव में सरकारी शराब की दुकान खोले जाने का महिलाओं द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। गांव की महिलाओं का कहना है कि वे सभी लड़ेंगी और मरेंगी, लेकिन अपने गांव लठेसरा में शराब की दुकान को किसी भी कीमत पर नहीं खुलने देंगी।1
- बी.एड. संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 को निष्पक्ष एवं सकुशल सम्पन्न कराने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस संबंध में एसएसपी झाँसी बी.बी.जी.टी.एस.मूर्ति आईपीएस की एक वीडियो बाइट भी जारी की गई है।1
- एक पीड़िता ने प्रधान परिवार पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि प्रधान परिवार द्वारा उसके साथ मारपीट की गई है, जिसके संबंध में उसने कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।1