स्मार्ट मीटर के विरोध में पूरनपुर के व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन, पूरनपुर,पीलीभीत।उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल पूरनपुर के तत्वावधान में स्मार्ट मीटर की कथित मनमानी के विरोध में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंडल के माननीय जिलाध्यक्ष अफरोज जिलानी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें युवा इकाई के नगर अध्यक्ष नितिन वर्मा स्वर्णकार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं और इसमें पारदर्शिता की कमी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जानकारी और जागरूकता के इन मीटरों को जबरन लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता और छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ पदाधिकारी गोल्डी जोशी, मोहम्मद हसन, कानूनी सलाहकार एडवोकेट मुकेश गुप्ता, गौरव गुप्ता, रजवी सिद्दीकी, श्याम सिंह, राहत शेरी, अंकित अग्रवाल, एडवोकेट राज गुप्ता, मुजस्सिम वारसी, एजाज शेरी, सैबुल हासन, विकास कुमार गुप्ता, आसिफ अंसारी, संजीव यादव, रुशन अहमद (मीडिया प्रभारी), सुभाष गुप्ता, सैफ खान, अनीस अहमद, शहवाज खान, तौफीक,नदीम, अशफाक, राहुल, मोहिद, पप्पू, सुनील कुमार, रितेश सहित अनेक व्यापारी बंधु मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को तत्काल रोका जाए और उपभोक्ताओं को पुराने मीटर से ही बिजली आपूर्ति जारी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अंत में व्यापारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की और कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर की विसंगतियां दूर नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा
स्मार्ट मीटर के विरोध में पूरनपुर के व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन, पूरनपुर,पीलीभीत।उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल पूरनपुर के तत्वावधान में स्मार्ट मीटर की कथित मनमानी के विरोध में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंडल के माननीय जिलाध्यक्ष अफरोज जिलानी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें युवा इकाई के नगर अध्यक्ष नितिन वर्मा स्वर्णकार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं और इसमें पारदर्शिता की कमी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जानकारी और जागरूकता के इन मीटरों को जबरन लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता और छोटे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ पदाधिकारी गोल्डी जोशी, मोहम्मद हसन, कानूनी सलाहकार एडवोकेट मुकेश गुप्ता, गौरव गुप्ता, रजवी सिद्दीकी, श्याम सिंह, राहत शेरी, अंकित अग्रवाल, एडवोकेट राज गुप्ता, मुजस्सिम वारसी, एजाज शेरी, सैबुल हासन, विकास कुमार गुप्ता, आसिफ अंसारी, संजीव यादव, रुशन अहमद (मीडिया प्रभारी), सुभाष गुप्ता, सैफ खान, अनीस अहमद, शहवाज खान, तौफीक,नदीम, अशफाक, राहुल, मोहिद, पप्पू, सुनील कुमार, रितेश सहित अनेक व्यापारी बंधु मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को तत्काल रोका जाए और उपभोक्ताओं को पुराने मीटर से ही बिजली आपूर्ति जारी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अंत में व्यापारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की और कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर की विसंगतियां दूर नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा
- Post by यूपी समाचार1
- पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने बढ़ते शहरीकरण, कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर मंथन किया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय को कौशल विकास का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। समापन समारोह में प्रो. सुमित्रा कुकरेती और प्रो. बी.आर. कुकरेती ने पर्यावरण सुरक्षा को व्यक्तिगत स्तर पर अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर देश-विदेश के शिक्षाविदों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता की। रिपोर्ट: सरफराज अहमद खान, UPNewsTV241
- Post by Journalist Amit Dixit1
- Post by Arun Rana1
- CM योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी, मौलाना अब्दुल्ला सलीम गिरफ्तार उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने सोमवार देर शाम बिहार के पूर्णिया जिले से मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार कर लिया. मूल रूप से अररिया के रहने वाले मौलाना ने एक धार्मिक सभा में गौकशी कानूनों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौमाता के प्रति अभद्र टिप्पणी की थी.1
- *पीलीभीत शूटिंग प्रतियोगिता में एक ही परिवार का दबदबा, माता-पिता और बेटे ने जीते पदक* पीलीभीत: जनपद में आयोजित शूटिंग प्रतियोगिता में एक ही परिवार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। PWD विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर पवन कुमार सिंह ने ऑफिसर्स कैटेगरी में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं उनकी पत्नी संगीता सिंह ने 12 बोर ट्रैप शूटिंग की महिला वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। परिवार की इस उपलब्धि को और खास बनाते हुए उनके पुत्र अर्नव सिंह ने 12 बोर ट्रैप शूटिंग जूनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा अलग-अलग वर्गों में पदक जीतना प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहा। पवन कुमार सिंह ने बताया कि उनका पूरा परिवार आउटडोर खेलों में सक्रिय रहता है। उनका मानना है कि मोबाइल का कम इस्तेमाल और खेलों में नियमित भागीदारी ही उनकी सफलता का राज है।1
- प्रधानमंत्री आवास योजना में फॉर्म जमा न होने पर विवाद, मतीन सिद्दीकी का मामला चर्चा में। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे आवेदन अभियान के बीच आज एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मतीन सिद्दीकी जब अपना भरा हुआ फॉर्म जमा करने संबंधित केंद्र पर पहुंचे, तो उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार, मतीन सिद्दीकी के पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा उनका फॉर्म लेने से मना कर दिया गया। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में भी असमंजस की स्थिति बन गई और कई लोगों ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च तक कुल 8041 आवेदन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें से 5778 आवेदन प्राप्त भी हो चुके हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना के प्रति लोगों में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन इस तरह के मामलों से यह सवाल उठता है कि क्या सभी पात्र लोगों के आवेदन समान रूप से स्वीकार किए जा रहे हैं या कहीं न कहीं प्रक्रिया में खामियां हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी के दस्तावेज पूरे हैं, तो उसका फॉर्म लौटाना उचित नहीं है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या मतीन सिद्दीकी का आवेदन दोबारा स्वीकार किया जाएगा। यदि समय रहते ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कई जरूरतमंद लोग इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं।यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की एक बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।1
- Post by यूपी समाचार1