आजमगढ़ के एक पेट्रोल पंप पर 'कॉकटेल पेट्रोल' बेचने का अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने जब बोतल में पेट्रोल भरवाया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। बोतल में पेट्रोल और इथेनॉल की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिली कि ऊपर पेट्रोल की लेयर तैर रही थी और नीचे इथेनॉल का समंदर नजर आ रहा था। इस मिलावटी ईंधन के कारण पीड़ित की नई मोटरसाइकिल का इंजन पूरी तरह सीज होकर खराब हो गया। इंजन सीज होने के बाद जब पीड़ित पेट्रोल पंप पर शिकायत लेकर पहुंचा, तो वहां के कर्मियों ने शिकायत सुनने से ही साफ इनकार कर दिया। पंप वालों के इस भारी आत्मविश्वास पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि वे इसे खराब पेट्रोल नहीं, बल्कि सरकार द्वारा प्रायोजित 'इको-फ्रेंडली मिक्सचर' और आधुनिक 'कस्टमाइज्ड फ्यूल' मान रहे हैं। मजाक उड़ाते हुए कहा गया है कि गाड़ी का इंजन खराब नहीं हुआ है, बल्कि वह तो बस 'मेडिटेशन' मोड में चला गया है और पंप वाले अब खुद 'साइंटिस्ट' बन बैठे हैं। इस पूरे मामले पर गहरा व्यंग्य करते हुए जनता को आगाह किया गया है कि अगली बार पेट्रोल पंप पर जाते समय अपने साथ टेस्ट ट्यूब और बीकर जरूर रखें, क्योंकि पेट्रोल के नाम पर कभी भी 'केमिकल लोचा' थमाया जा सकता है। आजमगढ़ के इस पेट्रोल पंप को तो 'केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार' के लिए नामांकित कर देना चाहिए, जहां इथेनॉल की मात्रा नापने के लिए किसी मशीन की जरूरत नहीं है, बल्कि आंखों से ही परतें देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। गाड़ी का तो राम नाम सत्य हो गया है, और जनता सिर्फ मैकेनिक के पास अपना वॉलेट खाली करने को मजबूर है।
आजमगढ़ के एक पेट्रोल पंप पर 'कॉकटेल पेट्रोल' बेचने का अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने जब बोतल में पेट्रोल भरवाया तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। बोतल में पेट्रोल और इथेनॉल की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिली कि ऊपर पेट्रोल की लेयर तैर रही थी और नीचे इथेनॉल का समंदर नजर आ रहा था। इस मिलावटी ईंधन के कारण पीड़ित की नई मोटरसाइकिल का इंजन पूरी तरह सीज होकर खराब हो गया। इंजन सीज होने के बाद जब पीड़ित पेट्रोल पंप पर शिकायत लेकर पहुंचा, तो वहां के कर्मियों ने शिकायत सुनने से ही साफ इनकार कर दिया। पंप वालों के इस भारी आत्मविश्वास पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि वे इसे खराब पेट्रोल नहीं, बल्कि सरकार द्वारा प्रायोजित 'इको-फ्रेंडली मिक्सचर' और आधुनिक 'कस्टमाइज्ड फ्यूल' मान रहे हैं। मजाक उड़ाते हुए कहा गया है कि गाड़ी का इंजन खराब नहीं हुआ है, बल्कि वह तो बस 'मेडिटेशन' मोड में चला गया है और पंप वाले अब खुद 'साइंटिस्ट' बन बैठे हैं। इस पूरे मामले पर गहरा व्यंग्य करते हुए जनता को आगाह किया गया है कि अगली बार पेट्रोल पंप पर जाते समय अपने साथ टेस्ट ट्यूब और बीकर जरूर रखें, क्योंकि पेट्रोल के नाम पर कभी भी 'केमिकल लोचा' थमाया जा सकता है। आजमगढ़ के इस पेट्रोल पंप को तो 'केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार' के लिए नामांकित कर देना चाहिए, जहां इथेनॉल की मात्रा नापने के लिए किसी मशीन की जरूरत नहीं है, बल्कि आंखों से ही परतें देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। गाड़ी का तो राम नाम सत्य हो गया है, और जनता सिर्फ मैकेनिक के पास अपना वॉलेट खाली करने को मजबूर है।
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में खाकी और कानून की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक पीड़ित डॉक्टर ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। मौत के गले लगाने से ठीक पहले डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर औरैया सदर कोतवाल राजकुमार सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि उनके साथ हुए अन्याय के मामले में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (SHO) राजकुमार सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने के बजाय दबंगों का पक्ष लिया। वायरल वीडियो में डॉक्टर का दर्द साफ छलक रहा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सदर कोतवाल एक खास जाति (ठाकुर) से संबंधित होने के कारण विपक्षी आरोपियों को संरक्षण दे रहे थे। पीड़ित ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि चूंकि वे ब्राह्मण हैं और विपक्षी पक्ष व कोतवाल एक ही जाति के हैं, इसलिए उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। डॉक्टर के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। जब न्याय के सारे रास्ते बंद हो गए और पुलिस की कार्यप्रणाली से डॉक्टर का भरोसा पूरी तरह उठ गया, तो उन्होंने वीडियो बनाकर सदर कोतवाल की करतूतों को उजागर किया और यमुना नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और गहरे पानी में डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी। यह दुखद घटना सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और पुलिस के संरक्षण में चल रहे जातिवाद की पोल खोलती है। अब देखना यह है कि क्या सरकार और उच्चाधिकारी इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर इस मामले को भी फाइलों के नीचे दबा दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने बिजली विभाग की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर हुई। यह जुलूस गांधीनगर और झंडा तिराहा होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां व्यापारियों ने पैदल मार्च किया। इसके बाद जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। व्यापारियों का साफ कहना है कि बिजली विभाग की वर्तमान नीतियों के कारण प्रदेश के उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर भारी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिसमें तत्काल सरकारी राहत की आवश्यकता है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य रूप से चार मांगों को शासन के सामने रखा है। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, मंडल महामंत्री रत्नाकर श्रीवास्तव और संगठन महामंत्री किशन सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के 47 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए विद्युत लोड को वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, बिजली मीटर की कीमत ₹700 से बढ़ाकर ₹5,300 करने के फैसले को तुरंत निरस्त करने, बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) को समाप्त करने और उपभोक्ताओं से ली जा रही सिक्योरिटी राशि की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बस्ती मंडल अध्यक्ष डॉ. हरि मूर्ति सिंह 'मनोज' ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य के सभी 75 जिलों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन में जिला महामंत्री आलोक दुबे, जिला संगठन मंत्री भारत राम 'बबलू' अग्रहरी, नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, उद्योग मंच के जिलाध्यक्ष कमलेश चौधरी, युवा मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव, महिला विंग की अध्यक्ष वंदना वर्मा, संजय गुप्ता, सूरज यादव, अश्विन कुमार और नितिन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, संगठन के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।4
- अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष रूप से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। सरयू घाट पर स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।1
- संतकबीरनगर जिले में पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान के अंतर्गत थाना महुली क्षेत्र के काली जगदीशपुर गांव में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट की टीम ने ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुनकर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया। इस जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी की पहचान, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों तथा विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने और सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी व सतर्कता के साथ करने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं, संभ्रांत नागरिकों और डिजिटल वॉलंटियर्स ने भाग लिया और पुलिस की इस जनहितकारी पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।1
- आकाशवाणी और 16-7-2026 ई0 की "रथयात्रा" के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी की जय-जयकार की गई है। इस शुभ मौके पर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ "भगवान श्री जगन्नाथ जी की जय!!!" का उद्घोष किया गया है।1
- संतकबीरनगर जिले में संचालित कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान के अंतर्गत महुली थाना क्षेत्र के काली जगदीशपुर में एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस ने उनकी समस्याओं और सुझावों को बेहद गंभीरता से सुना और उनके जल्द व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भरोसा दिलाया। इस दौरान समाज के हर वर्ग को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। जनसंवाद में उपस्थित लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, महिला व बाल सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न सुरक्षा सेवाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें और सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, संभ्रांत नागरिकों, युवाओं और डिजिटल वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने पुलिस की इस जनसहभागिता आधारित पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की इच्छा जताई।4
- अंबेडकरनगर के बसखारी में एक मिठाई कारखाने के भीतर युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक युवक की पहचान राहुल प्रजापति के रूप में हुई है, जिसका शव कारखाने से बरामद किया गया है। इस घटना के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एक बार फिर 'दबंगई' का खुला प्रदर्शन देखने को मिला है। यहाँ के फुलवरिया टोल प्लाज़ा पर बसपा एमएलसी के बेटे ने टोल टैक्स मांगने पर टोल कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। ऐसा लगता है कि टोल टैक्स देना साहब को अपनी तौहीन लगा, इसलिए उन्होंने सीधे टोल कर्मियों पर ही हाथ साफ़ कर दिया। यह पूरी घटना वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस शर्मनाक करतूत के वीडियो सामने आने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रसूखदार आरोपी को बचाने के लिए सफाई में क्या बहाने दिए जाते हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या गरीब टोल कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान का कोई मोल नहीं है? अब कानून और रसूखदारों के प्रभाव की इस जंग में अम्बेडकरनगर पुलिस की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं कि क्या वाकई कानून के हाथ रसूखदारों से लंबे हैं।1