लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत
दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
- शेखपुरा जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार ने बुधवार को बरबीघा थाना परिसर में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली आधिकारिक बैठक की। बरबीघा में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली ऐसी मुलाकात थी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना था। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, क्योंकि उनके अनुसार यही क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आधार है। उन्होंने थाना स्तर पर नियमित गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से पुलिस का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल थाना को देने की अपील भी की। इस दौरान, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, गश्ती प्रणाली और अन्य स्थानीय समस्याओं को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा। पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थाना के पुलिस पदाधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम बुधवार की शाम करीब पांच बजे संपन्न हुआ।1
- अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर डॉ. आर.सी. प्रसाद ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है।1
- बेगूसराय में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) संगठन ने राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर पर, IMA अध्यक्ष डॉ. एके राय ने कार्यालय में उपस्थित सभी डॉक्टरों को शुभकामनाएँ और बधाई दीं।4
- आज SBI RSETI प्रशिक्षण केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर और साथियों के साथ विद्यार्थियों को लुप्तप्राय देसी बीजों और औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।1
- बेगूसराय के शाम्हो स्थित एक स्कूल परिसर में सीमेंट, बालू और अन्य निर्माण कार्यों की धूल-गंदगी जमा होने से छात्रों में बीमारी का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। आरोप है कि स्कूल कैंपस को कथित तौर पर ठेकेदार के सामान रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पूरे परिसर में गंदगी और धूल का अंबार लगा है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि कोई भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति इस मामले पर ध्यान नहीं दे रहा है। मोबाइल टीवी न्यूज़ ने सीधे तौर पर यह प्रश्न उठाया है कि ठेकेदार का सामान स्कूल कैंपस में किस अधिकार से और मुफ्त में रखा जा रहा है। लोगों से इस मुद्दे पर अपनी राय टिप्पणी में बताने और इस खबर को अधिक से अधिक साझा करने की अपील भी की गई है।1
- चेवाड़ा राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चेवाड़ा में बुधवार को नवनामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत और मार्गदर्शन के लिए एक इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नए विद्यार्थियों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, पठन-पाठन की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुरलीधर प्रसाद सिंह ने सभी नए छात्र-छात्राओं का स्वागत किया और उन्हें नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा जीवन में सफलता का एक मजबूत आधार है और राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए हैं। प्राचार्य ने जोर दिया कि विद्यार्थी नियमित अध्ययन और महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी से ही इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और बेहतर भविष्य की नींव है, और छात्रों से समय का सदुपयोग करने व अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरीय शिक्षक डॉ. पवन कुमार, राजन कुमार वर्मा और अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। सभी शिक्षकों ने नए छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और महाविद्यालय की प्रत्येक शैक्षणिक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा दी। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसकी जानकारी बुधवार की दोपहर 3:00 बजे दी गई।3
- डॉ. R.C. प्रसाद ने जमुई क्षेत्र को एक अनमोल सौगात प्रदान की है। इस पहल को जमुई में विकास की एक नई और महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में उन्नति की उम्मीदें बढ़ी हैं।1
- खेतों में धान की नर्सरी (बीज पारने) के लिए व्यापक तैयारी चल रही है। किसानों का मुख्य ध्यान खेत को इस प्रकार से तैयार करने पर है, जिससे बीज का अंकुरण बेहतर हो सके और पौधे स्वस्थ रूप से बढ़ें। इस प्रक्रिया का अंतिम लक्ष्य भविष्य में धान की अच्छी पैदावार प्राप्त करना है।1
- जमुई के चरकापत्थर थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक नीरज कुमार की जान डायल-112 पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के कारण बच गई। कैरी गांव के पास हुए बाइक हादसे में मकरकेन गांव निवासी नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए गंभीर रूप से घायल युवक को अपने कंधे पर उठाकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनो में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण नीरज का इलाज तुरंत शुरू हो सका, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि डायल-112 की सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है।1