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खाटू नरेश का पावन संदेश यह प्रेरणा देता है कि जब व्यक्ति संसार की अनचाही चिंताओं और ठोकरों को त्यागकर सकारात्मकता के साथ जीवन में आगे बढ़ता है, तो उसका मानसिक तनाव दूर होता है। यह सीख बताती है कि विषम परिस्थितियों में जब मनुष्य का हौसला टूटने लगता है, तब ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण से उसका आत्मविश्वास पुनः लौट आता है। भगवान पर पूरा भरोसा रखने से व्यक्ति के भीतर एक नया साहस जागृत होता है। इसी साहस के बल पर वह अपने कार्यक्षेत्र में बिना किसी भय के उन्नति और तरक्की प्राप्त करने में सक्षम हो पाता है। यह विचार सुबह की सकारात्मक सोच और खाटू श्याम जी के आदर्शों पर आधारित है।
Kanha Ke Vichar
खाटू नरेश का पावन संदेश यह प्रेरणा देता है कि जब व्यक्ति संसार की अनचाही चिंताओं और ठोकरों को त्यागकर सकारात्मकता के साथ जीवन में आगे बढ़ता है, तो उसका मानसिक तनाव दूर होता है। यह सीख बताती है कि विषम परिस्थितियों में जब मनुष्य का हौसला टूटने लगता है, तब ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण से उसका आत्मविश्वास पुनः लौट आता है। भगवान पर पूरा भरोसा रखने से व्यक्ति के भीतर एक नया साहस जागृत होता है। इसी साहस के बल पर वह अपने कार्यक्षेत्र में बिना किसी भय के उन्नति और तरक्की प्राप्त करने में सक्षम हो पाता है। यह विचार सुबह की सकारात्मक सोच और खाटू श्याम जी के आदर्शों पर आधारित है।
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- चरखी दादरी के रोज गार्डन में संस्था प्रधान एवं अटेला के पूर्व सरपंच जगदीश राय की अध्यक्षता में श्री रविदास सेवा आश्रम की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आश्रम की जमीन से हो रहे कब्जे को छुड़ाने के लिए एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करने का अहम निर्णय लिया गया है। आंदोलन की रणनीति के तहत, कब्जाधारियों और कब्जा करवाने वालों का पुतला फूंका जाएगा। साथ ही, जिला उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें एक निर्धारित समयावधि के भीतर श्री रविदास सेवा आश्रम की जमीन का कब्जा दिलवाने की अपील की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया है कि कब्जाधारियों और कब्जा करवाने वालों पर SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा, और उन्हें ज्ञापन की एक प्रति भी दी जाएगी। उपरोक्त आंदोलन की विस्तृत रणनीति बनाने और उसकी तिथि निर्धारित करने के लिए अगली बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे भारत पब्लिक स्कूल, चम्पापुरी, चरखी दादरी में बुलाने का फैसला किया गया है। यह पहल श्री रविदास सेवा आश्रम, चरखी दादरी द्वारा आश्रम की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से की जा रही है।1
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- यह नए भारत की पहचान है, जहाँ योग को केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन जीने के एक तरीके के रूप में अपनाया गया है।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1