प्रयागराज के सराय ममरेज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिग्गत बहार में जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पीड़ित अजय प्रकाश उर्फ आसाराम के अनुसार, उन्होंने और विपक्षी पक्ष ने एक ही जमीन का बैनामा (रजिस्ट्री) कराया है और दोनों का अपना-अपना कब्जा है। विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी पक्ष ने पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से वहां धान बोने और मिट्टी गोड़ने का प्रयास किया। जब अजय प्रकाश की पत्नी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी विजय उर्फ कृष्णा ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। वहीं, बीच-बचाव करने आई पीड़ित की मां के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की। इस घटना के बाद पीड़ित ने सराय ममरेज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन अगले ही दिन शाम करीब 9 बजे जैसे ही आरोपी अजय और धर्मेंद्र थाने से छूटे, उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने "पुलिस हमारे लिए जीरो है" कहते हुए रात के अंधेरे में सरिए और अन्य हथियारों से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित की चाची के शोर मचाने के बाद आरोपी वहां से पीछे हटे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के बुलंद हौसलों के कारण अब उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते उन्होंने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र देकर नई एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रयागराज के सराय ममरेज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिग्गत बहार में जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पीड़ित अजय प्रकाश उर्फ आसाराम के अनुसार, उन्होंने और विपक्षी पक्ष ने एक ही जमीन का बैनामा (रजिस्ट्री) कराया है और दोनों का अपना-अपना कब्जा है। विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी पक्ष ने पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से वहां धान बोने और मिट्टी गोड़ने का प्रयास किया। जब अजय प्रकाश की पत्नी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी विजय उर्फ कृष्णा ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। वहीं, बीच-बचाव करने आई पीड़ित की मां के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की। इस घटना के बाद पीड़ित ने सराय ममरेज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन अगले ही दिन शाम करीब 9 बजे जैसे ही आरोपी अजय और धर्मेंद्र थाने से छूटे, उन्होंने पुलिस को चुनौती देते हुए पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने "पुलिस हमारे लिए जीरो है" कहते हुए रात के अंधेरे में सरिए और अन्य हथियारों से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित की चाची के शोर मचाने के बाद आरोपी वहां से पीछे हटे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों के बुलंद हौसलों के कारण अब उनके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते उन्होंने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र देकर नई एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- पूरे उत्तर प्रदेश में डीजीपी के नेतृत्व में साइबर ठगों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की गहन जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत प्रयागराज में भी साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों का संज्ञान लेकर साइबर जालसाजों के खिलाफ यह कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस की जांच टीम ने कुल 182 NCRP शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 16 राज्यों से जुड़े साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क को खंगाला है। इस सघन अभियान के दौरान कुल 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये लोग महज कमीशन के लालच में आकर साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते मुहैया कराते थे। इन बैंक खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के जरिए कमाए गए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था। इस व्यापक जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है, जिनमें प्राथमिक जांच में करीब 110 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन का पता चला है। इन खातों की पुष्टि होने के बाद प्रयागराज के विभिन्न थानों जैसे मुट्ठी गंज, पुरामुफ़्ती, धूमन गंज, कोरांव, कीटगंज, सिविल लाइन्स और विशेष साइबर थाने में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले में मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है और अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अधिवक्ताओं ने जिला कचहरी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और उन्होंने वहां टायरों में आग लगा दी। सड़क पर उतरने के साथ ही प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने वहां सड़क जाम भी किया।1
- प्रयागराज के पुलिस कमिश्नरेट के थाना जार्जटाउन को आज एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और अमानत में खयानत जैसे गंभीर मामलों में पिछले लंबे समय से वांछित चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में यह अभियुक्त पिछले 8 साल से फरार चल रहा था। पकड़े गए इस अभियुक्त के खिलाफ माननीय न्यायालय एसीजेएम-10 प्रयागराज द्वारा वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद जार्जटाउन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे उसके घर से ही दबोच लिया।1
- उत्तर प्रदेश में डीजीपी के नेतृत्व में साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत प्रयागराज साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 182 शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 16 राज्यों से जुड़े साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को खंगाला है। इस जांच के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि ये लोग कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है, जिनमें प्राथमिक तौर पर लगभग 110 करोड़ रुपये के भारी-भरकम अवैध लेनदेन का पता चला है। इस मामले में बैंक खातों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद प्रयागराज के विभिन्न थानों जैसे मुट्ठी गंज, पुरामुफ़्ती, धूमन गंज, कोरांव, कीटगंज, सिविल लाइन्स और विशेष साइबर थाने में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है और अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की मेजा तहसील क्षेत्र में बेलन नहर की सुजनी राजवाहा से निकली सिरहिर माइनर व कुलाबे पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन किसान के जिलाध्यक्ष यमुनापार चंदा सिंह पटेल के नेतृत्व में आक्रोशित किसान सिरहिर डाक बंगले पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसानों का आरोप है कि सक्षम अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही नहर और कुलाबे पर यह अतिक्रमण हुआ है, जिससे उनकी फसलों की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक नहर व कुलाबे से अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक उनका यह आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे वहीं पर आत्महत्या कर लेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के मण्डल अध्यक्ष मंजू राज आदिवासी ने ऐलान किया है कि कल 16 जुलाई को डाक बंगले का घेराव किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने किसानों से भारी संख्या में डाक बंगले पर पहुंचने की अपील की है।1
- प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत महेवा टीसीआई चौराहे पर आज बुधवार को सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों और दुकानों पर तहसील करछना की टीम ने पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा बिना नोटिस जारी किए जाने के बाद एसडीएम करछना तपन मिश्रा ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई अमल में लाई। इस दौरान कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।1
- लखनऊ में आयोजित विश्व युवा कौशल दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और रोजगार के हालातों पर अपनी बात रखी। उन्होंने पिछली स्थितियों पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले राज्य में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता था और न ही बेटियां व व्यापारी सुरक्षित थे। लेकिन आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है और युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की युवा फोर्स को राज्य की असली ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि अब यहाँ सरकारी नौकरियों के लिए किसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी का परिणाम है कि आज युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर नहीं होना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार वैगनआर कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा सैनी थाना क्षेत्र के विजयीपुर गांव के पास हुआ। मृतका की पहचान विजयीपुर गांव की रहने वाली सुदामा के रूप में हुई है, जो राम भवन की पत्नी थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क की दूसरी पटरी पर जा पहुंची। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने हादसे को अंजाम देने वाली कार को अपनी हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच में जुट गई है।1